फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   mother donates kidney to her son in lucknow

मां ने किडनी देकर बचाई बेटे की जान, 5 लाख के ट्रांसप्लांट में नहीं लगा पैसा

Fri, 21 Apr 2017 02:05 PM IST
ब्यूरो/अमरउजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमरउजाला, लखनऊ Updated Fri, 21 Apr 2017 02:05 PM IST
विज्ञापन
 mother donates kidney to her son in lucknow
डेमो - फोटो : demo pic

मां ने किडनी देकर अपने जिगर के टुकड़े को जीवनदान दिया। लखनऊ के गोमती नगर के लोहिया संस्थान में चौथा किडनी प्रत्यारोपण किया गया। लोहिया संस्थान और पीजीआई के डॉक्टरों की संयुक्त टीम ने बुधवार को देर रात तक चली सर्जरी के बाद सफलतापूर्वक प्रत्यारोपण पूरा किया।

विज्ञापन


दोनों मरीज पूरी तरह स्वस्थ हैं। बाराबंकी, फतेहपुर के नन्हाराम शर्मा का बेटा सुधीर (25) गोमतीनगर के लोहिया संस्थान में वार्ड ब्वॉय है। करीब छह महीने पहले तबीयत खराब होने पर उसने जांच कराई तो पता चला कि किडनी खराब हो गई है।
विज्ञापन


काफी समय तक इलाज चला लेकिन हालत नहीं सुधरी। इसके बाद डॉक्टरों ने परिवारीजनों को बताया कि सुधीर को नया जीवन अब किडनी प्रत्यारोपण से ही मिल सकता है। पिता और भाई सुधीर को किडनी दान करने को राजी हुए, पर मां शारदा देवी (50) ने कहा कि  मैं किडनी दान करूंगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


संस्थान के नेफ्रोलॉजिस्ट डॉ. अभिलाष चंद्रा और डॉ. ईश्वर राम ध्याल ने जरूरी जांच कराई, जिसके बाद किडनी प्रत्यारोपण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया। डॉ. ध्याल ने बताया कि मंगलवार को डोनर और रिसिवर को भर्ती किया गया।

बुधवार को पीजीआई के डॉ. अनीष श्रीवास्तव व संस्थान के डॉक्टरों की मदद से देर रात तक लोहिया संस्थान में चौथा सफल किडनी प्रत्यारोपण की प्रक्रिया को पूरा किया गया। अब दोनों मरीज पूरी तरह ठीक हैं और किसी को कोई तकलीफ नहीं है। डॉक्टरों की टीम लगातार निगरानी कर रही है।

इन डॉक्टरों का रहा सहयोग

 mother donates kidney to her son in lucknow
डॉ अनीश श्रीवास्तव और डॉ ईश्वर - फोटो : amar ujala
संस्थान के यूरोलॉजीस्ट हेड डॉ. ईश्वर राम ध्याल ने बताया कि सबसे पहले डोनर शारदा देवी कि बाएं तरफ कि किडनी को लेप्रोस्कोप की मदद से निकाला गया। इसके बाद सुधीर को ओटी में शिफ्ट कर किडनी प्रत्यारोपण की प्रक्रिया को शुरू कराया गया।

डॉ. ईश्वर ने बताया कि करीब छह घंटे तक प्रत्यारोपण चला और देर रात दोनों मरीज होश में आ गए थे। संस्थान के निदेशक डॉ. दीपक मालवीय के साथ यूरोलॉजी विभाग के हेड डॉ. ईश्वर राम ध्याल, पीजीआई के यूरोलॉजी विभाग के डॉ. अनीश श्रीवास्तव समेत लोहिया संस्थान के डॉ. आलोक श्रीवास्तव, डॉ. संजीत कुमार सिंह और नेफ्रोलॉजिस्ट डॉ. अभिलाष चंद्रा, डॉ. विजय, डॉ. शोभित और और एनेस्थेसिया विभाग के डॉ. पीके दास समेत अन्य पैरामेडिकल स्टाफ की टीम।

सरकारी खर्च पर हुआ  ट्रांसप्लांट
डॉ. ईश्वर ने बताया कि संस्थान में चौथा किडनी प्रत्यारोपण पूरी तरह मुफ्त में किया गया। इस पर करीब पांच लाख रुपये का सरकारी खर्च आया। दो लाख रुपये प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष और तीन लाख रुपये की मदद राज्य सरकार द्वारा बीपीएल श्रेणी के तहत दी गई। मरीज के परिवार को किडनी प्रत्यारोपण के लिए कोई रकम नहीं खर्च करनी पड़ी।

महिलाएं अब भी किडनी दान में आगे
डॉ. अनीश श्रीवास्तव बताते हैं कि किडनी दान में महिलाएं सबसे आगे हैं। एक आंकड़े के मुताबिक 100 किडनी दान में 80 महिलाएं होती हैं। 15 फीसदी परिवार के दूसरे सदस्य होते हैं जो किसी अपने की जान बचाने के लिए किडनी दान करते हैं। केवल पांच फीसदी पुरुष ही अपनी पत्नियों या बेटे के लिए किडनी दान करते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed