{"_id":"69df5065fb96e1296c0eff07","slug":"mecaza-eye-doctors-gave-new-life-to-2-children-bastar-news-c-1-1-noi1494-4165997-2026-04-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"जगदलपुर: मेकाज के डॉक्टरों ने दो बच्चों की आंख की लौटाई रौशनी, उम्मीद छोड़ चुके थे परिजन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जगदलपुर: मेकाज के डॉक्टरों ने दो बच्चों की आंख की लौटाई रौशनी, उम्मीद छोड़ चुके थे परिजन
Wed, 15 Apr 2026 05:29 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, जगदलपुर
अमर उजाला नेटवर्क, जगदलपुर
Published by: अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 15 Apr 2026 05:29 PM IST
सार
जगदलपुर में मेडिकल कालेज डिमरापाल के नेत्र चिकित्सकों ने 2 मासूम बच्चों के आँखों मे धसी लकड़ी को निकालने के साथ ही उनके आँख की रोशनी को भी वापस लाया। इस ऑपरेशन से ना सिर्फ मासूम बच्चें फिर से इस दुनिया को देख सकेंगे।
विज्ञापन
बच्चो के साथ नेत्र विभाग की टीम
विस्तार
जगदलपुर में मेडिकल कालेज डिमरापाल के नेत्र चिकित्सकों ने 2 मासूम बच्चों के आँखों मे धसी लकड़ी को निकालने के साथ ही उनके आँख की रोशनी को भी वापस लाया। इस ऑपरेशन से ना सिर्फ मासूम बच्चें फिर से इस दुनिया को देख सकेंगे। साथ ही उनके परिवार के लोग जो उम्मीद खो चुके थे, उन्हें भी मुस्कुराने की वजह दी। बता दे कि डिमरापाल मेडिकल कॉलेज में नानगुर ब्लॉक में रहने वाला 5 वर्षीय दिगेश फरवरी 2026 में टूटे हुए कांच से खेल रहा था। अचानक से कांच का टुकड़ा दाहिनी आंख में जा लगा। जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया था।
विज्ञापन
इस घटना में दिगेश के आँख की कॉर्निया फट गई और आंख की रोशनी चली गई थी। घटना के बाद बच्चे को शासकीय मेडिकल कॉलेज, डिमरापाल लाया गया, जहां मेकाज डीन डॉ प्रदीप बेक, अधीक्षक डॉ अनुरूप साहू ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल नेत्र विभाग की विशेषज्ञ टीम को बुलाया गया। टीम ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तुरंत उपचार प्रारंभ किया। नेत्र विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. छाया शोरी, डॉ. टीसी आडवानी एवं पीजी रेजिडेंट्स ने मिलकर जटिल कॉर्निया रिपेयर सर्जरी सफलतापूर्वक संपन्न की। इस ऑपरेशन में एनेस्थेटिस्ट डॉ. काशी एवं नर्सिंग स्टाफ का विशेष सहयोग रहा। डॉक्टरों की इस टीमवर्क और तत्परता के कारण बच्चे की आंख की रोशनी पुनः वापस लाने में सफलता मिली।
विज्ञापन
इसी तरह तोकापाल विकासखंड के आरापुर की 6 वर्षीय बालिका अंजली की दाहिनी आंख में लकड़ी का नुकीला टुकड़ा Cornea में घुस कर Anterior chamber tak चला गया था। और उसकी दृष्टि काफी कम हो गई थी। बालिका को 9 अप्रैल को डिमरापाल की ओपीडी में लाया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए 10 अप्रैल को नेत्र विभाग में तत्काल सर्जरी की गई। टीम ने सफलतापूर्वक ऑपरेशन कर आंख के अंदर घुसे लकड़ी के टुकड़े को सुरक्षित बाहर निकाला। सफल सर्जरी के बाद बालिका की आंख की रोशनी पुनः वापस आ गई।
विज्ञापन
इन दोनों घटनाओं में नेत्र विशेषज्ञ, स्टफ नर्स ने महत्वपूर्ण योगदान दिया, जिसकी वजह से इन बच्चों को नई जिंदगी मिली।