नए साल के पहले बड़े पर्व मकर संक्रांति को इस बार दो दिन मनाने का मौका मिल रहा है। शनिवार से शुरू हुआ पर्व दूसरे दिन रविवार की दोपहर ढाई बजे तक मनाया जा सकेगा। उदयातिथि होने से रविवार को भी मकर संक्रांति का पुण्यकाल दिनभर माना जा रहा है। इंदौर में मकर संक्रांति पर अलग ही माहौल रहता है। शहर में शनिवार को पंतगों के पेंच खूब लड़े और तिल-गुड़ देकर लोगों ने एक-दूसरे को शुभकामनाएं दीं। समाजों के बड़े आयोजन रविवार को रखे गए हैं।
बता दें कि देश के सबसे साफ शहर इंदौर में त्योहारों की रौनक भी अलग ही होती है। मकर संक्रांति भी यहां इंदौरी मकर संक्रांति हो जाती है। पतंगबाजी, गिल्ली-डंडा, तिल-गुड़ का उत्साह और कई समाज के आयोजन इसमें चार चांद लगा देते हैं। ठेठ इंदौरी सुबह से ही पतंग को लेकर छत पर गैंग बनाकर पतंगबाजी करते हैं। छत पर डीजे लगाए जाते हैं। युवा-.युवतियां जमकर झूमते हैं।
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खजराना गणेश का विशेष शृंगार किया गया।
- फोटो : अमर उजाला
इंदौर के खजराना मंदिर पर भी मकर संक्रांति के उपलक्ष्य में खास शृंगार किया गया। सुबह से दर्शनार्थियों की कतार लगी रही। खजराना मंदिर परिसर में तिल चौथ का मेला लगा हुआ है। रविवार को भी खजराना गणेश का खास शृंगार होगा और तिल के लड्डुओं का भोग लगेगा।
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इंदौर में पतंग की दुकानें सजाई गईं।
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परंपरा के अनुसार 14 जनवरी मकर संक्रांति का पर्व मनाया जाता है, लेकिन इस इस पर्व का मुहूर्त 15 जनवरी को भी है। उज्जैन में भी दोनों दिन यह पर्व मनाया जा रहा है। सप्ताहभर पहले से पर्व स्नान के लिए नर्मदा जल को शिप्रा नदी में छोड़ा जा रहा है। शनिवार को उज्जैन में हजारों लोगों नेे डुबकी लगाई। अधिकारियों का मानना है कि 15 जनवरी को रविवार होने के कारण ज्यादा भीड़ हो सकती है। ज्योतिषाचार्यों का मत है कि संक्रांति 14 जनवरी की रात तीन बजे से लगेगी। तब सूर्यदेव मकर राशि में आकर उत्तरायण होंगे।
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मकर संक्रांति के मौके पर महिलाओं ने भी गिल्ली-डंडा खेला।
- फोटो : अमर उजाला
सूर्यदेव के उत्तरायण होने के साथ ही सभी शुभ कार्य आरंभ हो जाएंगे। मकर संक्रांति पर्व 15 जनवरी की दोपहर ढाई बजे तक ही रहेगा। उदयातिथि होने की वजह से रविवार को मकर संक्रांति का पुण्यकाल दिनभर माना जाएगा। दोनो दिन लोग दान देकर पुण्य भी कमा सकते है। शनिवार को भी मकर संक्रांति मनाई गई। किसी ने गरीबों को गर्म कपड़े बांटे तो किसी ने गौशाला में जाकर गायों को चारा खिलाया। शहर में गजक और गुड से बनी मिठाईयों की दुकानें भी खूब सजी। रानीपुरा, मोतीतबेला, राजवाड़ा क्षेत्र मेें पतंगेें भी खूब बिकी।
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इंदौर में पतंगबाजों ने मांझा भी खड़े होकर तैयार करवाया।
- फोटो : अमर उजाला
आसमान हुआ रंगीन
मकर संक्रांति पर पंतग उड़ाने का सिलसिला भी खूब चला। इंदौर के मल्हारगंज, सियागंज, स्कीम-71, जूनी इंदौर सहित अन्य क्षेत्रों में खूब पंतगें उड़ी। पंतगों के पेंच लड़ते ही काटा है ...के स्वर आसमान में गूंजते रहे। रविवार को भी पतंगबाजी शहर में होगी। कई जगह में रथयात्राएं निकली। गुजराती समाज का पतंगोत्सव रविवार को आयोजित किया जा रहा है। इसके अलावा कुछ अन्य समाजों ने भी रविवार को आयोजन रखे हैं।