J&K: हक पाने के लिए फूटा कश्मीरी पंडितों का गुस्सा, विरोध प्रदर्शन
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जम्मू के जगती कैंप में रह रहे कश्मीरी पंडितों को दो महीनों से राशन की किल्लत बनी हुई है। हक पाने के लिए कश्मीरी पंडितों ने दिन को दिक्कतें जानने आए राहत आयुक्त का घेराव किया, उसके बाद देर शाम को राहत आयुक्त का पुतला जलाया। महाशिवरात्रि के नजदीक आने के साथ ही दो महीनों से चीनी न मिलने से उनकी नाराजगी प्रशासन के प्रति काफी बढ़ गई।
इसी से नाराज यूथ आफ जगती की ओर से सैकड़ों की संख्या में लोगों ने सड़क पर उतर कर उग्र प्रदर्शन किया। कश्मीरी पंडितों की ओर से राहत आयुक्त को निलंबित करने की मांग उठी। यूथ आफ जगती की ओर से राहत आयुक्त पर गंभीर आरोप लगाए गए।शनिवार सुबह राहत आयुक्त वाईपी सुमन अपने साथ अन्य प्रशासनिक अधिकारियों को लेकर कैंप पहुंचे और राशन डिपो की जांच करने लगे।
इसी बीच कुछ स्थानीय कश्मीरी पंडितों ने उन्हें अपनी समस्याओं से अवगत कराने की कोशिश की। कश्मीरी पंडितों ने आरोप लगाया कि इस पर राहत आयुक्त ने उनसे दुर्व्यवहार किया। इसी से नाराज होकर जगती कैंप के लोगों ने उन्हें रोकने की कोशिश की, लेकिन वे मौके से निकल गए। इसके बाद सैकड़ों की संख्या में इकट्ठे हुए लोगों ने प्रदर्शन शुरू किया।
रिलीफ कमिश्नर के निलंबन की मांग
उन्होंने राहत आयुक्त का पुतला फूंकते हुए उनके निलंबन की मांग की। सैकड़ों की संख्या में इकट्ठा हुए लोगों ने जगती कैंप से जब हाईवे पर आने की कोशिश की तो पुलिस की ओर से उन्हेें रोक दिया गया। इसके बाद उन लोगों पर सुबह के वक्त राहत आयुक्त के साथ नशे में बदतमीजी करने का आरोप लगा।
इस पर जगती के युवाओं ने पुलिस से मेडिकल जांच की बात भी की। उन्होंने कहा कि अगर हक की मांग करना गलत है, तो वे गलत हैं। पिछले तीन महीनों से राशन की किल्लत, बच्चों के पंजीकरण में सर्टिफिकेट की दिक्कत और न जाने ऐसी ही कितनी समस्याएं हैं, जिनसे इन विस्थापित कश्मीरी पंडितों को प्रतिदिन दो-चार होना पड़ता है। बार-बार गुहार लगाने के बाद भी जब प्रशासन इन कश्मीरी पंडितों की नहीं सुनता है, तो गुस्सा स्वाभाविक है।
प्रदर्शन कर रहे सुनील पंडिता और नवीन ने कहा कि पिछले वर्ष भी शिवरात्रि के पहले प्रशासन की ओर से उनका राशन बंद कर दिया गया था। ठीक पिछली बार की तरह इस बार भी चीनी मिलना बंद हो गई है। अब महाशिवरात्रि आने वाली है अगर राहत आयुक्त को समस्या नहीं बताएं तो किसे बताएं।