दुर्लभ सर्जरी से फिट हुआ कराटा चैंपियन, दवाओं के सेवन ने बनाया था असहाय
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एस्टिरॉयड (इंजरी और संक्रमण को खत्म करने के लिए दी जाने वाली दवा) का अत्यधिक सेवन कितना घातक हो सकता है, यह बुधवार को सर गंगा राम अस्पताल में देखने को मिला।
खेल के दौरान इंजरी और उसके दर्द से निजात दिलाने के लिए एक अंतरराष्ट्रीय कराटा खिलाड़ी को इतना अधिक एस्टिरॉयड दे दिया गया कि उसके शरीर पर लाल-लाल निशान निकल आए।
उसे चलने-फिरने में भी दिक्कत होने लगी। हालांकि दूरबीन से डेढ़ घंटे की सर्जरी कर इस खिलाड़ी को फिर से खेलने लायक बना दिया गया है। पंजाब के जालंधर के रहने वाले वासु कुमरा (16) को तीन माह पहले कराटा खेलते वक्त चोट लग गई थी।
उस चोट से निजात दिलाने के लिए डॉक्टरों ने उसे एस्टिरॉयड और दर्द की इतनी अधिक दवा दे दी कि उसे सही तरीके से चलने-फिरने में भी दिक्कत होने लगी। वासु बिस्तर पर भी सही तरीके से नहीं सो पा रहा था।
14 से 15 वर्ष आयु वर्ग में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर है 18वीं रैंक
दर्द को देखते हुए 10वीं की परीक्षा के दौरान भी वासु को एक-एक पेपर के लिए निर्धारित समय से काफी अधिक समय दिया गया। वासु की कराटे में 14 से 15 वर्ष आयु वर्ग में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 18वीं रैंक है।
सर गंगा राम अस्पताल के न्यूरो स्पाइन सर्जरी विभाग के कंसलटेंट डॉ. अंशुल गुप्ता ने बताया कि एस्टिरॉयड के अत्यधिक सेवन की वजह से वासु की हालत बेहद खराब हो गई थी। जांच करने पर पता लगा कि उसका डिस्क निकला हुआ है।
लिहाजा दूरबीन से सर्जरी कर निकले हुए डिस्क को हटाने का निर्णय लिया गया। वासु के परिजनों की सहमति के बाद बुधवार सुबह दूरबीन से डेढ़ की सफल सर्जरी की गई। सर्जरी के करीब तीन घंटे बाद ही वासु सही तरीके से चल पा रहा था और बिस्तर पर भी सीधे लेट रहा था।