वक्फ बोर्ड की संपत्तियों पर अवैध कब्जों की रिपोर्ट तलब
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प्रदेश उच्च न्यायालय ने सरकार से वक्फ बोर्ड की संपत्तियों पर स्टेटस रिपोर्ट दायर करने के आदेश दिए हैं। हाईकोर्ट ने राज्य सरकार के राजस्व विभाग, वन विभाग, प्रदेश के सभी उपायुक्तों और एसडीएम शिमला से जानकारी मांगी है कि वक्फ बोर्ड की संपत्तियों पर किन लोगों ने अवैध कब्जे किए हैं।
मस्जिदों और कब्रिस्तानों पर अवैध तरीके से कब्जा किए जाने के मुद्दे को लेकर मुख्य न्यायाधीश को लिखे पत्र पर संज्ञान लेने वाली जनहित याचिका की प्रारंभिक सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश मंसूर अहमद मीर और न्यायाधीश संदीप शर्मा की खंडपीठ ने प्रदेश के सभी उपायुक्तों को इस मामले में प्रतिवादी बनाते हुए अपना पक्ष रखने के आदेश दिए हैं।
एक साल बीता, नहीं दिया अनापत्ति प्रमाणपत्र
मुख्य न्यायाधीश मंसूर अहमद मीर को लिखे पत्र में आरोप लगाया गया था कि ग्राम पंचायत घरयाणा सुन्नी जिला शिमला में अल्पसंख्यक मुस्लिम समुदाय के लोग रहते हैं। इनके लिए कब्रिस्तान के लिए उपायुक्त शिमला से सरकारी भूमि मांगी गई थी। एसडीएम शिमला ग्रामीण, तहसीलदार सुन्नी, ग्राम पंचायत घरयाणा के प्रधान और पटवारी हलका द्वारा मौके पर जाकर कब्रिस्तान के लिए जगह का निरीक्षण किया गया।
इसके बाद तहसीलदार सुन्नी ने सहायक अभियंता लोक निर्माण विभाग और वन विभाग के अधिकारियों से अनापत्ति पत्र देने को कहा था। लेकिन एक साल बीत जाने के बाद भी डीएफओ शिमला द्वारा अनापत्ति प्रमाणपत्र जारी नहीं किया गया। हालांकि लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता ने प्रमाणपत्र जारी कर दिया है। प्रार्थियों ने इस संदर्भ में न्यायालय से जरूरी निर्देश जारी करने की गुहार लगाई है।