डीएलएड के विरोध में उतरा राजकीय अध्यापक संघ, जानिए क्या है वजह
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राजकीय अध्यापक संघ ने डिप्लोमा इन एलीमेंट्री एजूकेशन का विरोध किया है। संघ के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र चौहान ने शिक्षकों से अपील करते हुए डीएलएड के लिए पंजीकरण न करवाने को कहा है।
उन्होंने कहा कि राज्य से लेकर केंद्र सरकार इस मामले को लेकर असमंजस में है। तीन दिसंबर को नई दिल्ली में होने वाले राष्ट्रीय सम्मेलन में वह इस मामले को उठाएंगे। शिक्षकों की नौकरी पर संकट किसी भी सूरत में नहीं आने देंगे।
संघ के अध्यक्ष और अखिल भारतीय माध्यमिक शिक्षक संघ के उपाध्यक्ष वीरेंद्र चौहान ने डिप्लोमा इन एलिमेंट्री एजूकेशन के संदर्भ में प्रदेश के सभी सरकारी स्कूलों में तैनात नियमित अध्यापकों को स्पष्ट रूप से बताया है कि जो भी अध्यापक वो चाहे विद्या उपासक या ग्रामीण विद्या उपासक से
नियमित जेबीटी हो या फिर नियमित रूप से कार्यरत कला अध्यापक, शारीरिक शिक्षक, भाषा अध्यापक या शास्त्री हैं, किसी भी पद पर नियुक्त नियमित
अध्यापक को डीएलएड करने की जरूरत नहीं है।
तो सबसे पहले मैं दूंगा इस्तीफा
उन्होंने बताया कि इस संदर्भ में बीते दिनों प्रारंभिक शिक्षा निदेशक मनमोहन शर्मा से शिमला में मुलाकात की गई थी। निदेशक ने इस मामले में असमंजस की स्थिति को स्वीकार किया है। मामले को मानव संसाधन मंत्रालय के समक्ष उठाकर स्थिति स्पष्ट करने का आश्वासन दिया है।
चौहान ने बताया कि हिमाचल राजकीय अध्यापक संघ ने स्वयं इस मामले को लेकर मानव संसाधन मंत्रालय में तैनात इससे संबंधित अधिकारियों से भी संपर्क किया है।
तीन दिसंबर को नई दिल्ली में होने जा रहे अखिल भारतीय माध्यमिक शिक्षक संघ के राष्ट्रीय सम्मेलन में भी हिमाचल राजकीय अध्यापक संघ द्वारा इस मामले को उठाया जाएगा।
चौहान ने राज्य के सरकारी स्कूलों में तैनात शिक्षकों को आश्वस्त किया है कि डीएलएड को लेकर किसी भी तरह से विचलित न हों। अगर किसी भी अध्यापक की नौकरी पर नौबत आई तो सबसे पहले वह अपने पद से इस्तीफा देंगे और अध्यापकों के हितों की सुरक्षा की जाएगी।