{"_id":"592ede0a4f1c1bea53bdcb8d","slug":"granfather-screamed-buried-under-shabby-wall","type":"story","status":"publish","title_hn":"जर्जर दीवार तले दफ्न हो गए बाबा-नाती, मच गई चीख पुकार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जर्जर दीवार तले दफ्न हो गए बाबा-नाती, मच गई चीख पुकार
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Wed, 31 May 2017 11:15 PM IST
सार
-चारपाई पर बैठे थे नाती और बाबा
-चीख पुकार सुन परिजनों ने मलवे से दोनों को निकाल, अस्पताल में कराया भर्ती
विज्ञापन
जिला अस्पताल में बैठे गमगीन परिजन
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
महोबा के खरेला थाना क्षेत्र के एक गांव में जर्जर दीवार गिर जाने से बाबा और नाती घायल हो गए। बाबा की मेडिकल कॉलेज झांसी ले जाते समय मौत हो गई। नाती का गंभीर हालत में जिला अस्पताल में उपचार चल रहा है।
एेंचाना गांव निवासी कढ़ोरा (55) पुत्र मन्नीलाल मंगलवार की रात को खाने के बाद आंगन में कच्ची दीवार के नीचे बैठ गया। उसके पास उसका नाती दुमदुम (10) पुत्र अरविंद भी आकर बैठ गया। थोड़ी देर बाद दो दिन पहले बारिश से गीली हो चुकी कच्ची दीवार गिर गई। इससे दोनों मलवे में दब गए। परिजनों ने उसे मलवे से बाहर निकालकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खरेला में भर्ती कराया।
दोनों की हालत नाजुक होने पर जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। जहां से कढ़ोरा को मेडिकल कॉलेज झांसी रेफर किया गया। झांसी ले जाते समय रास्ते में उसकी मौत हो गई। दीवार को नए सिरे से बनाए जाने से पहले ही दीवार गिर गई। कढ़ोरा ने दीवार बनवाने के लिए दो दिन पहले उसके खपरे भी उतवाकर नीचे रख दिए थे। निर्माण की सामग्री भी मंगा ली गई थी। गुरुवार से दीवार का निर्माण कार्य शुरू होना था, लेकिन उससे पहले ही उसकी मौत हो गई।
विज्ञापन
विज्ञापन
एेंचाना गांव निवासी कढ़ोरा (55) पुत्र मन्नीलाल मंगलवार की रात को खाने के बाद आंगन में कच्ची दीवार के नीचे बैठ गया। उसके पास उसका नाती दुमदुम (10) पुत्र अरविंद भी आकर बैठ गया। थोड़ी देर बाद दो दिन पहले बारिश से गीली हो चुकी कच्ची दीवार गिर गई। इससे दोनों मलवे में दब गए। परिजनों ने उसे मलवे से बाहर निकालकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खरेला में भर्ती कराया।
विज्ञापन
दोनों की हालत नाजुक होने पर जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। जहां से कढ़ोरा को मेडिकल कॉलेज झांसी रेफर किया गया। झांसी ले जाते समय रास्ते में उसकी मौत हो गई। दीवार को नए सिरे से बनाए जाने से पहले ही दीवार गिर गई। कढ़ोरा ने दीवार बनवाने के लिए दो दिन पहले उसके खपरे भी उतवाकर नीचे रख दिए थे। निर्माण की सामग्री भी मंगा ली गई थी। गुरुवार से दीवार का निर्माण कार्य शुरू होना था, लेकिन उससे पहले ही उसकी मौत हो गई।
विज्ञापन