देश में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता खतरे में, लोकतंत्र नष्ट हो रहा है: सोनिया गांधी
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कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी शनिवार को वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए छत्तीसगढ़ विधानसभा के नए भवन के शिलान्यास समारोह में शामिल हुई। इस दौरान उन्होंने सत्ता पक्ष पर जमकर हमला बोला। सोनिया ने कहा, 'हमें याद रखना होगा कि हमारा संविधान इन भवनों से नहीं भावनाओं से बचा रहेगा। इन भवनों से दूषित और गलत भावनाओं के प्रवेश को रोकना होगा तभी हमारा संविधान बचेगा।
उन्होंने किसी का नाम लिए बगैर कहा, 'आजादी की लड़ाई के दौरान हमने जो प्रण किया था उसे पूरा करने के लिए अभी भी बहुत कुछ किया जाना बाकी है। कांग्रेस नेता ने आगे कहा, 'पिछले कुछ समय से लोकतंत्र के सामने नई चुनौतियां खड़ी हुई हैं। लोकतांत्रिक संस्थाएं ध्वस्त हो रही हैं। लोकशाही पर तानाशाही का प्रभाव बढ़ रहा है।'
छत्तीसगढ़ का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा, '15 वर्ष की लंबी अवधि के बाद छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार बनी है। पिछले वर्षों में छत्तीसगढ़ में जो हुआ वह उदाहरण है कि एक दिशाहीन और विचारहीन सरकार जनहित के बारे में कभी नहीं सोच सकती। मुझे प्रसन्नता है कि हमारी सरकार सही दिशा में काम कर रही है।
None of our ancestors, including Mahatma Gandhi, Jawaharlal Nehru & BR Ambedkar, would have imagined that our country will be facing such a tough situation after 75 years of independence when our democracy & Constitution are under threat: Sonia Gandhi, Congress interim president https://t.co/gWZOPDY7ld
— ANI (@ANI) August 29, 2020
सोनिया गांधी ने परोक्ष रूप से केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, 'शक्तियां जो चाहती हैं कि लोग लड़ें, वे देश में नफरत का जहर फैला रही हैं। अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता खतरे में है, लोकतंत्र नष्ट हो रहा है। वे चाहते हैं कि भारत के लोग, हमारे आदिवासी, महिलाएं, युवा अपना मुंह बंद रखें। वो देश का मुंह बंद रखना चाहते हैं।
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, 'महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू और बीआर अंबेडकर सहित हमारे पूर्वजों में से किसी ने भी कल्पना नहीं की होगी कि हमारे देश को आजादी के 75 साल बाद ऐसी कठिन परिस्थिति का सामना करना पड़ेगा, हमारा लोकतंत्र और संविधान खतरे में है।