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रामोत्सव पर रायपुर में गूंजी किलकारियां: खुशी से झूमे मां-बाप; किसी ने 'राम' तो किसी ने रखा 'जानकी' नाम
Tue, 23 Jan 2024 02:03 PM IST
अमन कोशले
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
Published by: अमन कोशले
Updated Tue, 23 Jan 2024 02:03 PM IST
सार
भगवान राम मंदिर अयोध्या की प्राण प्रतिष्ठा के शुभ अवसर पर 22 जनवरी 2024 का दिन कई लोगों के लिए इतिहास और यादगार पल बन गया। इस दिन जिनके घरों में बच्चों की किलकारियां गूंजी। वो खुशी से झूम उठे।
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रामोत्सव पर जन्म लिए बच्चे
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
भगवान राम मंदिर अयोध्या की प्राण प्रतिष्ठा के शुभ अवसर पर 22 जनवरी 2024 का दिन कई लोगों के लिए इतिहास और यादगार पल बन गया। इस दिन जिनके घरों में बच्चों की किलकारियां गूंजी। वो खुशी से झूम उठे। जय श्रीराम... जय श्रीराम के नारे लगाने लगे। किसी के घर बालक ने जन्म लिया, तो किसी के घर बालिका का जन्म हुआ। राजधानी रायपुर के अलग-अलग अस्पतालों में कुल 77 बच्चों ने जन्म लिया है। इससे लेकर परिवारों में खुशी का माहौल बना हुआ है।
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माता-पिता ने अपनी खुशी बया करते हुए सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए किसी ने लिखा कि मेरे घर 'राम' आए हैं, किसी ने लिखा कि मेरे घर में 'रामलल' का आगमन हुआ है। किसी ने नवजात शिशु का नाम 'राम' रखा, तो किसी ने 'रामलला, राघवेंद्र तो किसी ने 'सीता' और 'जानकी' जैसे नाम दिए।
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अभिभावकों का कहना है कि 22 जनवरी को अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा हुई है और इसी दिन हमारे घरों में बालकों का जन्म हुआ है। बहुत ही खुशी की बात है। हम अपने बच्चा का नाम 'राम' रखेंगे। किसी ने कहा कि रामलला के स्थापना के दिन हमारे घर में किलकारी गूंजी है। अपने बच्ची का नाम सीता रखेंगे। उन्होंने कहा कि हम चाहते है कि हमारा बच्चा का भी गुण भगवान राम और माता सीता की तरह हो।
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रायपुर जिला के अलग-अलग अस्पताल जैसे आरंग, धरसींवा, गुढ़ियारी, माना, मंदिर हसौद, उरला और अभनपुर के अस्पतालों में बच्चों ने जन्म लिया है। इसमें से आधे से ज्यादा नार्मल डिलीवरी हुई है। इसके साथ ही कई बच्चों की डिलीवरी ऑपरेशन से हुई है।