Jagdalpur: अतिसंवेदनशील बोदली ग्राम में शुरू हुआ विकास कार्य, ग्रामीमों को मिल रही है राशन समेत हर सुविधा
गांव में राशन दुकान शुरू होने से अब ग्रामीण उत्साहित हैं कि उन्हें खाद्यान्न और अन्य दैनिक जरूरत के सामानों की पूर्ति के लिए सुविधा होगी। वहीं स्वास्थ्य केन्द्र बनने के फलस्वरूप स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य सेवाएं सुलभ होगी।
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बस्तर जिले के लोहण्डीगुड़ा विकासखण्ड अंतर्गत अतिसंवेदनशील बोदली इलाके में शासन की नियद नेल्लानार योजना से अब विकास का उजियारा होने लगा है, जिला प्रशासन द्वारा इस बेहद संवेदनशील इलाके में शिक्षा, स्वास्थ्य, राशन दुकान आदि मूलभूत सुविधाओं को सुनिश्चित करने व्यापक स्तर पर प्रयास किया जा रहा है। जिससे उक्त दूरस्थ संवेदनशील क्षेत्र में विकास कार्यों से बदलाव की बयार परिलक्षित हो रही है। अभी हाल ही में गांव में राशन दुकान प्रारंभ कर खाद्यान्न और अन्य जरूरी सामग्रियों का भंडारण किया गया है।
साथ ही गांव में नवीन ग्राम पंचायत भवन,उप स्वास्थ्य केन्द्र,प्राथमिक शाला भवन तथा सड़क-पुलिया निर्माण कार्यों को पूर्ण किया गया है, ग्राम पंचायत बोदली जिला मुख्यालय से लगभग 110 की दूरी पर स्थित है, जिसका पहुंच मार्ग दंतेवाड़ा और नारायणपुर जिले से होकर जाना होता है, इसके आश्रित गांव में सालेपाल, कहचेनार और टेटम है और कुल जनसंख्या लगभग 1041 है, जिले के इस दूरस्थ ईलाके में राशन दुकान शुरू होने से ग्रामीणों को अब गांव में चावल सहित शक्कर, चना, गुड़, नमक इत्यादि जरूरी सामग्रियां सुलभ हो रही है।
गांव में राशन दुकान शुरू होने से अब ग्रामीण उत्साहित हैं कि उन्हें खाद्यान्न और अन्य दैनिक जरूरत के सामानों की पूर्ति के लिए सुविधा होगी। वहीं स्वास्थ्य केन्द्र बनने के फलस्वरूप स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य सेवाएं सुलभ होगी। इस बारे में गांव के पटेल पाण्डेराम बताते हैं कि पहले बसाहट से करीब दो किलोमीटर दूर बोदली पुलिस कैम्प के समीप अस्थायी रूप से राशन दुकान संचालित किया जा रहा था,जिससे खेतों को पगडण्डी से पार कर खाद्यान्न एवं जरूरी सामान लेने जाने में दिक्कत होती थी लेकिन अब गांव में राशन दुकान प्रारंभ होने पर उक्त समस्या से निजात मिल गई है।
मुख्य सड़क से राशन दुकान तक मिट्टी-मुरम सड़क एवं पुलिया निर्माण होने से अब मुख्य बसाहट तक बारिश में भी सुगम आवाजाही कर सकते हैं। बोदली ग्राम पंचायत के लिए नया भवन पूर्ण होने के फलस्वरूप अब गांव वालों को अपने गांव के विकास लिए नई ईबारत गढ़ने हेतु सार्वजनिक स्थल सुलभ हो गया है।