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Chandigarh News: 16 सेक्टरों में बसा था जीरकपुर, 11 साल बाद भी अधिकारी अनजान

Sat, 13 Dec 2025 02:49 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Sat, 13 Dec 2025 02:49 AM IST
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Zirakpur was divided into 16 sectors, but even after 11 years, officials remain unaware
जीरकपुर। चंडीगढ़ और मोहाली की तर्ज पर जीरकपुर शहर को सेक्टरों में बांटने की योजना पूरी तरह जमीन पर नहीं उतरी है। शहर को 16 सेक्टरों में बांटने के करीब 11 साल बाद भी इस पर पृूरी तरह अमल नहीं हो सका है। नगर परिषद के सरकारी दस्तावेजों में सेक्टरों का जिक्र होता है लेकिन हकीकत में अधिकारियों और कर्मचारियों को भी इसकी जानकारी नहीं है। वर्तमान में नगर परिषद के प्रापर्टी टैक्स की रसीद में भी एड्रेस के कॉलम में सेक्टर दिया जा रहा है।
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लोगों का कहना है कि नगर परिषद के कंप्यूटर सिस्टम और दस्तावेजों में सेक्टर अपलोड हो गया है तो इसे जमीन पर क्यों नहीं उतारा जा रहा है। सोसाइटियों और वार्ड के लोगों को इसकी जानकारी क्यों नहीं मुहैया कराई जा रही है। 2013–14 में नगर परिषद जीरकपुर ने लाखों रुपये खर्च कर एक व्यापक सर्वे करवाया था। उस समय की अकाली दल सरकार में शहर को 16 सेक्टरों में बांटा था। सेक्टर-वाइज बोर्ड तक बना दिए गए थे। कागजों में योजना अमल में आ गई जबकि धरातल में किसी को जानकारी नहीं है। हैरानी की बात यह है कि उस समय सर्वे के दौरान लोगों से आपत्तियां भी ली गई थीं और पूरे शहर का डिजिटल रिकॉर्ड नगर परिषद के कंप्यूटर सिस्टम में अपलोड किया गया था। संवाद
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यदि सेक्टर सिस्टम लागू हो जाता तो जीरकपुर को नई पहचान मिलती, एड्रेसिंग आसान हो जाती और शहर की अनियोजित बसावट पर काफी हद तक नियंत्रण पाया जा सकता था। लेकिन अधिकारियों की लापरवाही और सरकार बदलने के बाद राजनीतिक उदासीनता के चलते योजना अधर में ही लटक गई। - कुलभूषण शर्मा, अध्यक्ष, यूनिफाइड रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन ढकोली
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लोगों को उम्मीद थी कि सेक्टर-वाइज मैप, रोड गाइडेंस और हाउस नंबरिंग के साथ शहर का रूप बदल जाएगा। आज भी लोग अपना पता बताने के लिए सोसाइटी और गलियों के नामों का सहारा लेते हैं, इससे बाहर से आने वालों को काफी दिक्कत होती है। -डॉ. अजय यादव, अध्यक्ष, शालीमार एनक्लेव ढकोली


अकाली दल सरकार के समय जीरकपुर में सेक्टर बनाने का नोटिफिकेशन भी जारी हुआ था, लेकिन सरकार बदलते ही काम रुक गया। पार्कों की मेंटेनेंस तक नहीं हो रही, विकास कार्य ठप हैं।- एनके शर्मा, पूर्व विधायक


आप सरकार का काउंटडाउन शुरू, भाजपा की सरकार आने पर योजना लागू करेंगे। सेक्टर योजना बेहतरीन थी, लेकिन रोक दी गई। बाद की सरकारों ने केवल लूट की। सेक्टर बनते ही एड्रेसिंग और पिन कोड व्यवस्था सुधर जाती। भाजपा सरकार के आने पर इसे लागू करेंगे। -संजीव खन्ना, भाजपा नेता


इस योजना के बारे में मुझे जानकारी नहीं है। मैं फाइल चेक करने के बाद ही आपको बता सकता हूं कि यह काम रुका हुआ क्यों है। कब इसे पूरा किया जाएगा। - परविंदर सिंह भट्टी, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद जीरकपुर।



आने वाले दिनों में होने वाली हाउस की मीटिंग में इस योजना पर विचार-विमर्श किया जाएगा। इसे तुरंत प्रभाव से लागू करने पर विचार किया जाएगा। - उदयवीर सिंह ढिल्लों, अध्यक्ष, नगर परिषद जीरकपुर
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