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Chandigarh News: वॉकथाॅन में डॉक्टरों समेत युवाओं ने की पदयात्रा
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चंडीगढ़। विश्व किडनी दिवस 14 मार्च के उपलक्ष्य में रविवार को सुखना लेक पर वॉकथाॅन का आयोजन किया गया। इसमें मोहाली के एक निजी अस्पताल के डॉक्टरों के साथ काफी संख्या में युवाओं ने भाग लिया। उन्होंने पदयात्रा कर लोगों को किडनी की सुरक्षा को लेकर जागरूक करने का प्रयास किया। मेयर कुलदीप कुमार ने पदयात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। मेयर ने कहा कि नियमित व्यायाम, स्वस्थ जीवन शैली, बीपी और मधुमेह को नियंत्रण में रखने से किडनी की बीमारियों से बचा जा सकता है। किडनी रोग विशेषज्ञ डॉ. अविनाश श्रीवास्तव ने बताया कि भारत में हर साल 2.2 लाख नए मरीजों में क्रोनिक किडनी फेल्योर हो जाता है और यह मौत का छठा सबसे तेजी से बढ़ता कारण भी है। उच्च रक्तचाप, मधुमेह, बीपीएच, अनुपचारित गुर्दे की पथरी और यूटीआई भारत में किडनी की विफलता के मुख्य कारण हैं।
विडंबना यह है कि लोगों में जागरूकता की कमी और डोनर की अनुपलब्धता के कारण लगभग 6000 मामलों में ही ट्रांसप्लांट हो पाता है। डॉ. राका कौशल ने बताया कि पिछले एक दशक में इस बीमारी का प्रसार लगभग दोगुना हो गया है। उच्च रक्तचाप, मधुमेह, मोटापा, तनाव और अस्वास्थ्यकर खान-पान जैसे जोखिम कारकों में वृद्धि के कारण इसके और बढ़ने की उम्मीद है।
किडनी की बीमारियों से बचना है तो ये करें
मधुमेह, उच्च रक्तचाप को नियंत्रित करें। नमक का सेवन कम करें। प्रतिदिन 8-10 गिलास पानी पीएं। यूरिन न रोकें। शराब और धूम्रपान से बचें। रोजाना व्यायाम करें। दर्द निवारक दवाओं का सेवन न करें। प्रोटीन सप्लीमेंट और हर्बल दवा लेने से बचें।
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विडंबना यह है कि लोगों में जागरूकता की कमी और डोनर की अनुपलब्धता के कारण लगभग 6000 मामलों में ही ट्रांसप्लांट हो पाता है। डॉ. राका कौशल ने बताया कि पिछले एक दशक में इस बीमारी का प्रसार लगभग दोगुना हो गया है। उच्च रक्तचाप, मधुमेह, मोटापा, तनाव और अस्वास्थ्यकर खान-पान जैसे जोखिम कारकों में वृद्धि के कारण इसके और बढ़ने की उम्मीद है।
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किडनी की बीमारियों से बचना है तो ये करें
मधुमेह, उच्च रक्तचाप को नियंत्रित करें। नमक का सेवन कम करें। प्रतिदिन 8-10 गिलास पानी पीएं। यूरिन न रोकें। शराब और धूम्रपान से बचें। रोजाना व्यायाम करें। दर्द निवारक दवाओं का सेवन न करें। प्रोटीन सप्लीमेंट और हर्बल दवा लेने से बचें।
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