'आप' में घमासान पर नरम पड़े योगेंद्र यादव के सुर
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आम आदमी पार्टी में जारी अंदरूनी घमासान पर अब वरिष्ठ नेता योगेंद्र यादव के सुरों में नरमी सी आ गई है। दरअसल वरिष्ठ नेता योगेंद्र यादव ने कहा कि पार्टी में निर्विवादित नेता अरविंद केजरीवाल हैं और वे ही सर्वमान्य संयोजक हैं। पार्टी के अन्य नेताओं की बयानबाजी पर उन्होंने कहा कि वे लक्ष्मण रेखा पार नहीं करेंगे।
रविवार को सुरखाव पर्यटन केंद्र परिसर में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि उन्हें पीएसी से निकाला गया है पार्टी से नहीं। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि उन्हें और प्रशांत भूषण को पार्टी की पीएसी से निकाला गया है, पार्टी से नहीं और यह पार्टी का अधिकार है। वे दोनों अपना पक्ष रख चुके हैं।
उन्होंने कहा कि जो बातें चारदीवारी के भीतर चलनी चाहिए थी, वे बाहर चल रही है जो गलत है। एक सवाल के जवाब में उन्होंन कहा कि पार्टी में अभी समुंद्र मंथन की प्रक्रिया जारी है। पहले जहर बाहर निकला है बाद में अमृत भी निकलेगा। उन्होंने कहा कि पार्टी के प्रति सभी की आस्था है।
पार्टी हम पांच-दस लोगों की प्रॉपर्टी नहीं है, आप सभी की है। दिल्ली में पार्टी में मची गुटबाजी के सवाल पर उन्होंने कहा कि वे और प्रशांत भूषण चिट्ठी के माध्यम से जवाब दे चुके हैं। वे बोलने से परहेज कर रहे हैं, गली में जाकर तो उछलकूद नहीं की जा सकती।
नवीन जयहिंद के यादव को हरियाणा प्रभारी पद से हटाए जाने वाल बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि पहले तो वे ही भविष्यवाणी किया करते थे, अब दूसरे भी करने लगे। उन्होंने कहा कि वे लक्ष्मण रेखा पार नहीं करेंगे, त्याग करने वालों के मुंह पर दाग लगे अच्छा नहीं लगेगा। उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल के दिल्ली आने के बाद कुछ अच्छा ही निकलेगा।
विधानसभा में भूमि-अधिग्रहण बिल का विरोध करने का आग्रह
केंद्र और प्रदेश सरकार के भूमि-अधिग्रहण को लेकर हरियाणा में जय किसान आंदोलन चला रहे आप नेता योगेंद्र यादव ने नेता विपक्ष अभय सिंह चौटाला एवं कांग्रेस विधायक दल की नेता किरण चौधरी को चिट्ठी लिखकर विधानसभा पटल पर इस बिल का विरोध करने का आग्रह किया गया है।
यादव ने विपक्ष की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि इनेलो ने औपाचारिक रूप से जरूर भूमि अधिग्रहण बिल का विरोध किया, लेकिन विपक्ष की ओर से विस में इस मुद्दे को नहीं उठाया गया। विपक्ष का धर्म है कि इस बिल के विरोध के संग ही वह फसलों के कम दाम आदि जैसे मुद्दों को भी उठाए।
उन्होंने तार्किक और तथ्यों का हवाला देते हुए भूमि अधिग्रहण बिल में खामियां गिनाते हुए कहा कि इस बिल के आने से किसानों को भारी घाटा होगा। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी हरियाणा में किसानों की एक एकड़ भूमि का भी अधिग्रहण नहीं होने देगी।
भाजपा की ओर से स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट को अभी तक लागू न किए जाने को यादव ने भाजपा का दोगलापन बताते हुए कहा कि भाजपा ने स्वयं इस आशय का उल्लेख घोषणा-पत्र में किया है, लेकिन अब वह अपने वादे से मुकर रही है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने अदालत में शपथ पत्र देकर कहा कि वह फसलों के डेढ़ गुना भाव नहीं दे सकती है और न ही उनकी ऐसी कोई योजना है।
बजट से पहले सरकार ने खड़े किए हाथ
प्रदेश सरकार के प्रस्तावित बजट को लेकर यादव ने चुटकी लेते हुए कहा कि सरकार ने बजट से पहले श्वेत-पत्र जारी कर अपने हाथ झाड़ लिए हैं। श्वेत पत्र में वह सारी बाते हैं जो सार्वजनिक हैं, इसमें कुछ भी खुफिया नहीं है। इस मौके पर आप के प्रदेश सचिव परमवीर सिंह, प्रदेश प्रवक्ता राजीव गोदारा, पूनम चंद रती, सुरेश मेहता, रमेश मेहता आदि मौजूद रहे।