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2013 में महिलाओं के लिए अनसेफ रहा चंडीगढ़

Tue, 31 Dec 2013 03:20 PM IST
अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Tue, 31 Dec 2013 03:20 PM IST
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year 2013_crime against women_chandigarh
साल 2013 में पिछले साल के मुकाबले महिलाओं के साथ ज्यादा आपराधिक घटनाएं हुई।
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41 महिलाओं के साथ हुआ दुराचार
इस साल अब तक 41 महिलाओं की शिकायत पर दुराचार के मामले दर्ज किए गए। वहीं पिछले साल 27 महिलाओं के साथ दुराचार के मामले दर्ज किए गए हैं।

169 महिलाओं का अपहरण
इस साल सबसे ज्यादा महिलाएं और युवतियों का अपहरण हुआ है। पिछले कई सालों का रिकार्ड टूट गया है। इस साल पुलिस ने कुल 169 महिलाओं और युवतियों के अपहरण के मामले दर्ज किए हैं।

पिछले साल 82 महिलाएं और युवतियों के अपहरण के मामले दर्ज किए गए थे जबकि सिर्फ पांच पुरुषों के अपहरण के मामले दर्ज हुए थे।

मालूम हो कि अब सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के अनुसार हर गायब होने वाले व्यक्ति का पुलिस अपहरण का मामला ही दर्ज करती है। वहीं इस बार कुल अपहरण के 263 मामले दर्ज हुए है।
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मालूम हो कि पलसोरा बेबी मर्डर केस में भी पुलिस ने पहले अपहरण का ही मामला दर्ज किया था इस बच्ची की 1 दिसंबर को बोरी में शव मिला था।

छेड़छाड़ के मामले बढ़े

इस साल हर दूसरे दिन छेड़छाड़ की घटना हुई। पुलिस ने इस साल कुल 173 छेड़छाड़ के मामले दर्ज किए। वहीं पिछले साल महिलाओं से छेड़छाड़ के कुल 107 मामले दर्ज किए गए थे।
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इसके अलावा इस साल युवतियों से शारीरिक छेड़छाड़ के अलग से 26 मामले दर्ज किए हैं जबकि पिछले साल 25 मामले दर्ज हुए थे।

झपटमारी की वारदातें महिलाओं के साथ ज्यादा हुई
इस साल शहर में झपटमारी की वारदातें भी जमकर हुईं। इस साल पुलिस ने कुल 188 झपटमारी के मामले दर्ज किए है जिनमें से 80 प्रतिशत से ज्यादा महिलाएं शिकायतकर्ता है।


वहीं पिछले साल 176 झपटमारी की वारदातें हुई हैं। अधिकतर वारदातें रिहायशी इलाकों में हुई है।


कोट
दिन प्रतिदिन शहर में महिलाओं के साथ वारदातें बढ़ती जा रही है। पुलिस विभाग को समय-समय पर शहर की महिलाओं से भी उनकी समस्याओं को लेकर राय लेनी चाहिए और राय लेने के बाद ही अहम कदम उठाने चाहिए। इससे महिलाओं में भी पुलिस के प्रति विश्वास बढ़ेगा।
- अंशु चावला, युवा इनोवेटिव सोसाइटी की महिला अध्यक्ष  


कोट
नए साल में महिलाओं को ज्यादा से ज्यादा सुरक्षा प्रदान करने के लिए कदम उठाए जाएंगे। अपराध पर लगाम कसने के भी भरपूर प्रयास किए जाएंगे।
- डॉ. सुखचैन सिंह गिल, एसएसपी
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