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जाट आंदोलनः मलिक गुट के तेवर हुए और तल्ख, सरकार से गतिरोध बढ़ा
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Fri, 17 Feb 2017 09:16 AM IST
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हरियाणा जाट आरक्षण आंदोलन
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आरक्षण और सात सूत्रीय मांगों को लेकर 29 जनवरी से आंदोलन कर रहे जाटों ने अब मांगें पूरी होने में देरी के चलते कड़ा रुख अपना लिया है। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक के गुट और सरकार के बीच गतिरोध और बढ़ा है। मलिक गुट के तेवर तीखे होने के कारण सरकार अब तक के घटनाक्रम की समीक्षा में जुट गई है।
वहीं, मलिक गुट ने साफ कर दिया है कि सरकार और भाजपा नेताओं की ओर से जाट आंदोलन व आरक्षण को लेकर की जा रही बयानबाजी जब तक बंद नहीं होगी, तब तक वे दूसरे दौर की वार्ता के लिए नहीं आएंगे। जाटों के तेवरों को देखते हुए सरकार अब पांच सदस्यीय समिति के बजाय खुद वार्ता के लिए दोबारा मलिक गुट को प्रस्ताव भेज सकती है।
शुक्रवार को रोहतक के जसिया में जाट आंदोलनकारियों की चालीस सदस्यीय कोर कमेटी आंदोलन को लेकर आगामी रणनीति बनाएगी। इसका खुलासा 19 फरवरी को बलिदान दिवस पर किया जाएगा। समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक बैठक की अध्यक्षता करेंगे। उनकी मौजूदगी में सभी मुद्दों पर बातचीत होगी और सरकार के रुख की समीक्षा कर आंदोलन के स्वरूप को लेकर निर्णय लिया जाएगा। इसमें सभी कमेटी सदस्यों के सुझाव भी लिए जाएंगे।
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वहीं, मलिक गुट ने साफ कर दिया है कि सरकार और भाजपा नेताओं की ओर से जाट आंदोलन व आरक्षण को लेकर की जा रही बयानबाजी जब तक बंद नहीं होगी, तब तक वे दूसरे दौर की वार्ता के लिए नहीं आएंगे। जाटों के तेवरों को देखते हुए सरकार अब पांच सदस्यीय समिति के बजाय खुद वार्ता के लिए दोबारा मलिक गुट को प्रस्ताव भेज सकती है।
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शुक्रवार को रोहतक के जसिया में जाट आंदोलनकारियों की चालीस सदस्यीय कोर कमेटी आंदोलन को लेकर आगामी रणनीति बनाएगी। इसका खुलासा 19 फरवरी को बलिदान दिवस पर किया जाएगा। समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक बैठक की अध्यक्षता करेंगे। उनकी मौजूदगी में सभी मुद्दों पर बातचीत होगी और सरकार के रुख की समीक्षा कर आंदोलन के स्वरूप को लेकर निर्णय लिया जाएगा। इसमें सभी कमेटी सदस्यों के सुझाव भी लिए जाएंगे।
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धरनों की संख्या बढ़ाने पर विचार
जाट नेता यशपाल मलिक
जाट आंदोलनकारी सरकार पर दबाव बढ़ाने के लिए 19 जिलों में चल रहे धरनों की संख्या में इजाफा करने की तैयारी में हैं। इन्हें दोगुना किया जा सकता है, साथ ही दिल्ली बॉर्डर पर भी धरने देने की पूरी तैयारी कर ली गई है। धरनों में लोगों की संख्या और बढ़ाने के लिए जनसंपर्क जारी है।
वार्ता केलिए प्रस्ताव तो आ रहे हैं : मलिक
यशपाल मलिक ने कहा कि सरकार की ओर से वार्ता के लिए प्रस्ताव तो आ रहे हैं, लेकिन अब वार्ता सभी आंदोलनकारियों की सर्वसम्मति से ही होगी। सरकार उनके साथ दोहरे मापदंड अपना रही है। उन्होंने पहले दौर की वार्ता में खुले मन से हिस्सा लिया था, लेकिन पांच सदस्यीय समिति की रिपोर्ट पर सरकार ने कोई कार्रवाई नहीं की।
डीसी-एसपी हर हाल में दें रिपोर्ट : ढेसी
मुख्य सचिव डीएस ढेसी ने सभी जिलों के डीसी-एसपी को पत्र जारी कर याद दिलाई है कि वे रोजाना साढ़े तीन बजे तक जाट आंदोलन की रिपोर्ट उन्हें भेजें। कुछ जिलों से रिपोर्ट भेजने में कोताही बरती जा रही है। रिपोर्ट में धरनों का विस्तृत ब्योरा जाट नेताओं के नाम सहित भेजा जाए। नए धरने के लिए अनुमति मांगी गई है तो उसका भी उल्लेख करें।
विकास में रोड़ा अटका रहा विपक्ष : सैनी
श्रम व रोजगार राज्य मंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि जाट आरक्षण आंदोलन की आड़ में विपक्ष विकास कार्यों में रोड़ा अटकाने का काम कर रहा है। जनकल्याणकारी कार्यों को प्रभावित करने के लिए यह साजिश रची जा रही है। इनेलो और कांग्रेस अमन-चैन व आपसी भाईचारा बिगाड़ने का प्रयास कर रही हैं।
वार्ता केलिए प्रस्ताव तो आ रहे हैं : मलिक
यशपाल मलिक ने कहा कि सरकार की ओर से वार्ता के लिए प्रस्ताव तो आ रहे हैं, लेकिन अब वार्ता सभी आंदोलनकारियों की सर्वसम्मति से ही होगी। सरकार उनके साथ दोहरे मापदंड अपना रही है। उन्होंने पहले दौर की वार्ता में खुले मन से हिस्सा लिया था, लेकिन पांच सदस्यीय समिति की रिपोर्ट पर सरकार ने कोई कार्रवाई नहीं की।
डीसी-एसपी हर हाल में दें रिपोर्ट : ढेसी
मुख्य सचिव डीएस ढेसी ने सभी जिलों के डीसी-एसपी को पत्र जारी कर याद दिलाई है कि वे रोजाना साढ़े तीन बजे तक जाट आंदोलन की रिपोर्ट उन्हें भेजें। कुछ जिलों से रिपोर्ट भेजने में कोताही बरती जा रही है। रिपोर्ट में धरनों का विस्तृत ब्योरा जाट नेताओं के नाम सहित भेजा जाए। नए धरने के लिए अनुमति मांगी गई है तो उसका भी उल्लेख करें।
विकास में रोड़ा अटका रहा विपक्ष : सैनी
श्रम व रोजगार राज्य मंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि जाट आरक्षण आंदोलन की आड़ में विपक्ष विकास कार्यों में रोड़ा अटकाने का काम कर रहा है। जनकल्याणकारी कार्यों को प्रभावित करने के लिए यह साजिश रची जा रही है। इनेलो और कांग्रेस अमन-चैन व आपसी भाईचारा बिगाड़ने का प्रयास कर रही हैं।