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सरकार के रुख से संतुष्ट, अब 4 जून को लेंगे फैसला: यशपाल मलिक
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक(हरियाणा)
Updated Tue, 30 May 2017 09:25 AM IST
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Yashpal Malik
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अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के पदाधिकारी दो माह बाद एक बार फिर जसिया में भीड़ जुटाने में कामयाब रहे। समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक ने कहा कि समझौते के बाद सरकार का अभी तक सकारात्मक रूख रहा है।
कुछ लोग जमानत पर छूटकर बाहर आ गए हैं और अधिकांश लोगों को नौकरी भी मिल गई है। फिर भी समझौते की समीक्षा और अन्य मुद्दों को लेकर चार जून को कार्यकारिणी की बैठक बुलाई गई है। इसमें अगली रणनीति पर निर्णय लिया जाएगा। वहीं उन्होंने कैप्टन अभिमन्यु के घर हुए नुकसान पर भी दुख जताया और युवाओं को माफ किए जाने की मांग की।
समिति के पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सोमवार को जसिया में कार्यकर्ता सम्मेलन का आयोजन हुआ। सम्मेलन में रामपाल के समर्थकों समेत अच्छी खासी संख्या में महिला-पुरुष और बच्चे भी पहुंचे। इस दौरान समिति के पदाधिकारियों का सरकार के प्रति नरम रवैया दिखाई दिया। राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक ने कहा कि सरकार के साथ कई बातों को लेकर समझौता हुआ था। पहला मामला जाट आरक्षण का था। यह विचाराधीन है। समझौते के समय 60 लोग जेल में बंद थे। इसमें से अब तक करीब 30 लोगों की जमानत हो चुकी है। अधिकतर पीड़ित परिवारों को नौकरी और 95 प्रतिशत घायलों को भी मुआवजा मिल चुका है। इसके अलावा मुकदमे खत्म करने की भी मांग थी। इस मांग को लेकर सरकार के साथ कानूनी प्रक्रिया चल रही है। जल्द ही इसका भी समाधान निकालने की कोशिश की जा रही है। समझौते के बाद अभी तक सरकार का सकारात्मक रुख है।
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कुछ लोग जमानत पर छूटकर बाहर आ गए हैं और अधिकांश लोगों को नौकरी भी मिल गई है। फिर भी समझौते की समीक्षा और अन्य मुद्दों को लेकर चार जून को कार्यकारिणी की बैठक बुलाई गई है। इसमें अगली रणनीति पर निर्णय लिया जाएगा। वहीं उन्होंने कैप्टन अभिमन्यु के घर हुए नुकसान पर भी दुख जताया और युवाओं को माफ किए जाने की मांग की।
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समिति के पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सोमवार को जसिया में कार्यकर्ता सम्मेलन का आयोजन हुआ। सम्मेलन में रामपाल के समर्थकों समेत अच्छी खासी संख्या में महिला-पुरुष और बच्चे भी पहुंचे। इस दौरान समिति के पदाधिकारियों का सरकार के प्रति नरम रवैया दिखाई दिया। राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक ने कहा कि सरकार के साथ कई बातों को लेकर समझौता हुआ था। पहला मामला जाट आरक्षण का था। यह विचाराधीन है। समझौते के समय 60 लोग जेल में बंद थे। इसमें से अब तक करीब 30 लोगों की जमानत हो चुकी है। अधिकतर पीड़ित परिवारों को नौकरी और 95 प्रतिशत घायलों को भी मुआवजा मिल चुका है। इसके अलावा मुकदमे खत्म करने की भी मांग थी। इस मांग को लेकर सरकार के साथ कानूनी प्रक्रिया चल रही है। जल्द ही इसका भी समाधान निकालने की कोशिश की जा रही है। समझौते के बाद अभी तक सरकार का सकारात्मक रुख है।
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मार्च में हुए समझौते पर अभी तक सरकार का सकारात्मक रुख
Yashpal Malik
मलिक ने कहा कि फिर मांगें पूरी नहीं हुईं तो रोहतक, सोनीपत और झज्जर जिलों में सांकेतिक तौर पर धरने चलते रहेंगे। इसीलिए सरकार जल्द से जल्द अपने वादे को पूरा करें। वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु की कोठी जलाने के मामले और अन्य कई मुद्दों को लेकर चार जून को नांदल भवन में प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक बुलाई गई है।
इस बैठक में अगली रणनीति का निर्णय लिया जाएगा। हालांकि उन्होंने वित्तमंत्री के घर हुए नुकसान पर भी दुख जताया। कहा कि युवाओं के भविष्य को देखते हुए वित्तमंत्री उन्हें माफ कर दें। भीड़ ने भी हाथ उठाकर आह्वान किया कि चार जून की मीटिंग में जो भी निर्णय सभी को मंजूर होगा। मलिक ने हिदायत देते हुए कहा कि जेल से जमानत पर बाहर आने वाले लोग नेतागिरी, धरना-प्रदर्शन और आंदोलन आदि से दूर ही रहें। कार्यक्रम का संचालन मुख्य महासचिव कृष्णलाल हुड्डा ने किया।
इस बैठक में अगली रणनीति का निर्णय लिया जाएगा। हालांकि उन्होंने वित्तमंत्री के घर हुए नुकसान पर भी दुख जताया। कहा कि युवाओं के भविष्य को देखते हुए वित्तमंत्री उन्हें माफ कर दें। भीड़ ने भी हाथ उठाकर आह्वान किया कि चार जून की मीटिंग में जो भी निर्णय सभी को मंजूर होगा। मलिक ने हिदायत देते हुए कहा कि जेल से जमानत पर बाहर आने वाले लोग नेतागिरी, धरना-प्रदर्शन और आंदोलन आदि से दूर ही रहें। कार्यक्रम का संचालन मुख्य महासचिव कृष्णलाल हुड्डा ने किया।