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SYL: ढींडसा ने कांग्रेस और खैहरा ने शिअद से मांगा स्पष्टीकरण
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sun, 13 Mar 2016 12:12 AM IST
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ढींडसा ने कांग्रेस और खैहरा ने शिअद से मांगा स्पष्टीकरण
- फोटो : file
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पंजाब और हरियाणा में छिड़े जल विवाद पर सियासत और गरमा गई है। राज्यसभा सांसद सुखदेव सिंह ढींढसा ने जहां कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से इस मुद्दे पर अपना पक्ष स्पष्ट करने को कहा है, वहीं आम आदमी पार्टी के नेता सुखपाल खैहरा ने केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल से पूछा है कि वह पीएम मोदी के साथ हैं या पंजाब में शिअद के फैसले की पक्षधर हैं?
यहां जारी बयान में ढींडसा ने कहा कि कांग्रेस के पंजाब मामलों के प्रभारी शकील अहमद ठीक उस दिन चंडीगढ़ में थे, जिस दिन मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के प्रस्ताव पर विधानसभा में एसवाईएल के लिए अधिगृहीत की जमीन डिनोटिफाई करने का फैसला हुआ।
उन्होंने कहा कि मीडिया में दिए बयान में अहमद साफ तौर पर मुकर गए कि उन्हें ऐसे किसी बिल पास होने की कोई खबर नहीं है। ढींडसा ने कांग्रेस पर एसवाईएल मुद्दे पर दोहरी नीति अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा है कि इस मामले में पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी को अपना पक्ष स्पष्ट करना चाहिए। ढींडसा ने कहा है कि जमीन वापस किए जाने से एसवाईएल मुद्दा जड़ से खत्म होगा।
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उधर आम आदमी पार्टी के नेता सुखपाल सिंह खैहरा ने यहां जारी बयान में कहा है कि उन्हें खबर मिली है कि सॉलिसिटर जनरल ऑफ इंडिया रंजीत कुमार एसवाईएल मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट में एसवाईएल नहर में पानी छोड़ने के लिए जोरदार पैरवी की तैयारी कर रहे हैं।
खैहरा ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार एसवाईएल प्रोजेक्ट जल्द शुरू करने की तैयारी कर रही है, ऐसे में केबिनेट मंत्री हरसिमरत बादल को अपना पक्ष स्पष्ट करना चाहिए कि वह केंद्र सरकार द्वारा एसवाईएल को जल्द शुरू करने की पक्ष धर हैं या फिर पंजाब में सीएम बादल द्वारा नहर केलिए अधिगृहीत जमीनें किसानों को लौटाने के फैसले के साथ हैं। खैहरा ने बादल परिवार पर एसवाईएल मुद्दे पर दोहरी राजनीति करने का आरोप लगाया है।
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यहां जारी बयान में ढींडसा ने कहा कि कांग्रेस के पंजाब मामलों के प्रभारी शकील अहमद ठीक उस दिन चंडीगढ़ में थे, जिस दिन मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के प्रस्ताव पर विधानसभा में एसवाईएल के लिए अधिगृहीत की जमीन डिनोटिफाई करने का फैसला हुआ।
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उन्होंने कहा कि मीडिया में दिए बयान में अहमद साफ तौर पर मुकर गए कि उन्हें ऐसे किसी बिल पास होने की कोई खबर नहीं है। ढींडसा ने कांग्रेस पर एसवाईएल मुद्दे पर दोहरी नीति अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा है कि इस मामले में पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी को अपना पक्ष स्पष्ट करना चाहिए। ढींडसा ने कहा है कि जमीन वापस किए जाने से एसवाईएल मुद्दा जड़ से खत्म होगा।
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उधर आम आदमी पार्टी के नेता सुखपाल सिंह खैहरा ने यहां जारी बयान में कहा है कि उन्हें खबर मिली है कि सॉलिसिटर जनरल ऑफ इंडिया रंजीत कुमार एसवाईएल मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट में एसवाईएल नहर में पानी छोड़ने के लिए जोरदार पैरवी की तैयारी कर रहे हैं।
खैहरा ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार एसवाईएल प्रोजेक्ट जल्द शुरू करने की तैयारी कर रही है, ऐसे में केबिनेट मंत्री हरसिमरत बादल को अपना पक्ष स्पष्ट करना चाहिए कि वह केंद्र सरकार द्वारा एसवाईएल को जल्द शुरू करने की पक्ष धर हैं या फिर पंजाब में सीएम बादल द्वारा नहर केलिए अधिगृहीत जमीनें किसानों को लौटाने के फैसले के साथ हैं। खैहरा ने बादल परिवार पर एसवाईएल मुद्दे पर दोहरी राजनीति करने का आरोप लगाया है।