डोपिंग का डरः नेशनल कैंप में घर का खाना खा रहे पहलवान, ओलंपिक की वजह से नहीं लेना चाहते रिस्क
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पहलवान नरसिंह यादव के डोपिंग में फंसने से साई सेंटर की मेस के खाने में पदार्थ मिलाने का डर नेशनल कैंप में प्रैक्टिस कर रहे पहलवानों के अंदर बैठ गया है। यही कारण है कि कैंप में शामिल पहलवान बजरंग पूनिया, सुशील कुमार, मौसम खत्री समेत कई अन्य प्रैक्टिस साई सेंटर में करते हैं लेकिन खाना घर का ही खा रहे हैं।
2016 में ओलंपिक से ठीक पहले पहलवान नरसिंह यादव और ओलंपिक मेडलिस्ट सुशील कुमार के बीच रियो जाने को लेकर खींचतान के बाद मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा था। उसके बाद नरसिंह यादव को ओलंपिक में जाने की मंजूरी मिली थी। लेकिन उस दौरान ही नरसिंह यादव का डोप टेस्ट पॉजिटिव आने से हड़कंप मच गया था। नरसिंह यादव ने एक पहलवान पर ही साई सेंटर में खाने में कुछ पदार्थ मिलाने का आरोप लगाया था।
इस केस की सीबीआई जांच चल रही है। भले ही इस बात को तीन साल बीत गए हों, लेकिन साई सेंटर के खाने में मिलावट का डर पहलवानों में बैठा हुआ है। इसी कारण साई सेंटर में चल रहे नेशनल कैंप में बजरंग पूनिया, सुशील कुमार, मौसम खत्री समेत कई अन्य बड़े पहलवान प्रैक्टिस करके अपने घर का खाना खाते हैं। ऐसे भी कई पहलवान हैं जो साई सेंटर के मैस में बनने वाले खाने को नहीं खाकर खुद बनाकर खाना खाते हैं।
इसका अहम कारण है कि अगले साल ओलंपिक है और कोई भी पहलवान खानपान के मामले में रिस्क नहीं लेना चाहता। पहलवान बजरंग पूनिया ने इस संबंध में कहा कि नेशनल कैंप बहालगढ़ के साई सेंटर में चल रहा है और वहां से कुछ दूर ही उनका घर है। इसलिए साई सेंटर की जगह मां के हाथ का बना खाना ही पसंद है।
इस बारे में कुछ नहीं कह सकता : कोच
नेशनल कैंप में चीफ कोच जगमेंद्र सिंह ने कहा कि जिन पहलवानों का घर नजदीक है, वह अपने घर जाकर खाना खाते हैं। लेकिन नरसिंह के डोपिंग में फंसने के कारण पहलवानों के साई सेंटर में खाना नहीं खाने की बात आते ही कोच कहते हैं कि वह इस बारे में कुछ नहीं कह सकते हैं और वह किसी विवाद में नहीं पड़ना चाहते हैं।