हरियाणा: मंत्री की चली, सरकार ने CMO को हटाया
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हरियाणा सरकार के लिए मुश्किल बनी कुरुक्षेत्र की सीएमओ और राज्यमंत्री के बीच हुई तकरार में मंत्री का पलड़ा भारी पड़ा है। सरकार ने देर रात सीएमओ डा. वंदना भाटिया को हटाकर उनके स्थान पर डा. रामिंद्र सिंह को कुरुक्षेत्र का सीएमओ नियुक्त किया है।
खट्टर सरकार में दिन भर चली माथापच्ची के बाद रात करीब साढ़े नौ बजे सीएमओ की कुरुक्षेत्र से हटा दिया गया है। अभी उन्हें नियुक्ति प्रतीक्षा में रखा गया है। सरकार ने उनकी नियुक्ति के संदर्भ में कोई निर्णय नहीं लिया है।
मंत्री और सीएमओ के बीच हुए इस विवाद का हल ढूंढने के लिए मुख्यमंत्री खट्टर ने अपने करीबी मंत्रियों और अधिकारियों से भी मश्विरा किया। यहां तक कि बातचीत की रिकार्डिंग भी मुख्यमंत्री ने सुनी। इसके बाद कानूनी अधिकारियों से भी राय ली गई है। देर रात तक सरकार इस गुत्थी का हल निकालने में जुटी रही।
मनोहर सरकार के सभी मंत्री अपने सहयोगी मंत्री बेदी के साथ हैं और सीएमओ की कार्य प्रणाली पर सवाल खड़े कर रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, अधिकतर मंत्री इस नतीजे पर पहुंचे कि बेदी ने सीएमओ के साथ कोई दुर्व्यवहार नहीं किया और कोई भी मंत्री अपने जिले के अधिकारी को फोन कर लोगों के काम के लिए कह सकता है।
मुख्यमंत्री ने इस बारे में बेदी से भी अलग बातचीत की। बेदी ने मुख्यमंत्री को बताया कि सीएमओ कई दिनों से फोन नहीं उठा रही थीं। उन्होंने उनके साथ सामान्य बातचीत शुरू की और इसके जवाब में उन्होंने कहा कि जो कार्रवाई करनी है कर लो। यह भाषा किसी जनप्रतिनिधि के प्रति उचित नहीं कही जा सकती।
स्वास्थ्य मंत्री ने की थी निलंबन की सिफारिश
हरियाणा सरकार के सूत्रों के मुताबिक, राज्य मंत्री कृष्ण कुमार बेदी ने इस मामले में कानूनी राय ले ली है। वे कल इस प्रकरण में आपराधिक मामला भी दर्ज करवा सकते हैं। इसके बाद सीएमओ के लिए दिक्कत बढ़ सकती है।
स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने इस मामले में सीएमओ को निलंबित करने की सिफारिश की थी। साथ ही यह भी सिफारिश की थी कि सरकार सीएमओ को हेडक्वार्टर से 100 किलोमीटर दूर तैनात करे।
अफसरशाही पर लगाम की कोशिश
सूत्रों के मुताबिक, हरियाणा सरकार में अफसरशाही के हावी होने के चर्चा के कारण सरकार ने यह निर्णय लिया है। कई दिनों से मंत्रियों के साथ अधिकारियों की हो रही तकरार के बाद यह संदेश देने का प्रयास किया गया है कि मंत्रियों के साथ संवाद में अधिकारियों को शालीनता बरतनी होगी। हालांकि कांग्रेस सरकार में भी अफसरशाही के हावी होने के आरोप लगते रहे हैं। अब देखना यह है कि खट्टर सरकार में इस पर कितना अंकुश लग पाएगा।
सवाल परंपरा का नहीं वैधानिकता का है: कैप्टन
हरियाणा के वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु से जब राज्य सरकार के मंत्रियों और अधिकारियों के बीच टकराव की परंपरा शुरू होने संबंधी सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि बात परंपरा शुरू होने की नहीं बल्कि वैधानिकता की है। क्या सही है, क्या गलत है, इसे समझना होगा।