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चेहरे पर सफेद दाग हैं, घबराएं नहीं, ऐसे आसान है बीमारी का इलाज
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sat, 25 Jun 2016 09:42 AM IST
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वर्ल्ड विटिलिगो डे
- फोटो : फाइल फोटो
अगर आपके चेहरे पर सफेद दाग हैं तो घबराने की जरूरत नहीं है। इस बीमारी का इलाज है और वो भी बेहद आसान तरीके से। इंडियन एसोसिएशन ऑफ डर्मेटोलॉजिस्ट, वीनियरोलॉजिस्ट एंड लेप्रोलॉजिस्ट (पंजाब, चंडीगढ़, हिमाचल के सेक्रेटरी डॉ. दीपांकर डे ने बताया कि सफेद दाग (फुलवेरी) का इलाज संभव है। पहले उसे मेडिकल ट्रीटमेंट दिया जाता है।
अगर इससे संभव नहीं होता तो फोटो थैरेपी का सहारा लिया जाता है। इसमें दाग के ऊपर स्पेशल ट्यूबलाइट से कुछ किरणें दाग पर डालते हैं और रंग वापस आ जाता। कुछ मरीजों में सर्जिकल ट्रीटमेंट भी दिया जाता है। इसमें कलर बनाने वाले सेल को दाग वाले स्थान पर डालते हैं और रंग वापस आ जाता। हालांकि इस प्रक्रिया का इस्तेमाल बड़े दाग पर नहीं करते।
छूत की बीमारी नहीं है सफेद दाग
डॉ. दीपांकर डे ने बताया है कि सफेद दाग छुआछूत की बीमारी नहीं है और सभी सफेद दाग फुलवेरी नहीं होते हैं। आमतौर पर बच्चों के चेहरे में सफेद पपड़ी आती है और सफेद रंग दिखने लगता है। लोग इसे सफेद दाग समझ लेते हैं, जबकि वह फंगल इन्फेक्शन होता है।
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सफेद दाग एक ऑटो इम्यून बीमारी है। सिर्फ एक या दो प्रतिशत लोगों में यह बीमारी होती है। शरीर के इम्युन सेल पिर्ग्मेटेशन सेल के खिलाफ काम करने लगते हैं। इससे सेल डैमेज हो जाते हैं और त्वचा का रंग बदलने लगता है। इसका एक कारण जेनेटिक्सभी हो सकता है। अगर किसी के माता-पिता को है तो यह जरूरी नहीं है कि उनके बच्चों को भी होगा, लेकिन रिस्क फ्रैक्टर जरूर होता है।
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अगर इससे संभव नहीं होता तो फोटो थैरेपी का सहारा लिया जाता है। इसमें दाग के ऊपर स्पेशल ट्यूबलाइट से कुछ किरणें दाग पर डालते हैं और रंग वापस आ जाता। कुछ मरीजों में सर्जिकल ट्रीटमेंट भी दिया जाता है। इसमें कलर बनाने वाले सेल को दाग वाले स्थान पर डालते हैं और रंग वापस आ जाता। हालांकि इस प्रक्रिया का इस्तेमाल बड़े दाग पर नहीं करते।
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छूत की बीमारी नहीं है सफेद दाग
डॉ. दीपांकर डे ने बताया है कि सफेद दाग छुआछूत की बीमारी नहीं है और सभी सफेद दाग फुलवेरी नहीं होते हैं। आमतौर पर बच्चों के चेहरे में सफेद पपड़ी आती है और सफेद रंग दिखने लगता है। लोग इसे सफेद दाग समझ लेते हैं, जबकि वह फंगल इन्फेक्शन होता है।
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सफेद दाग एक ऑटो इम्यून बीमारी है। सिर्फ एक या दो प्रतिशत लोगों में यह बीमारी होती है। शरीर के इम्युन सेल पिर्ग्मेटेशन सेल के खिलाफ काम करने लगते हैं। इससे सेल डैमेज हो जाते हैं और त्वचा का रंग बदलने लगता है। इसका एक कारण जेनेटिक्सभी हो सकता है। अगर किसी के माता-पिता को है तो यह जरूरी नहीं है कि उनके बच्चों को भी होगा, लेकिन रिस्क फ्रैक्टर जरूर होता है।
क्या होते हैं लक्षण
वर्ल्ड विटिलिगो डे
- फोटो : फाइल फोटो
जब स्किन का रंग हल्का पड़ना शुरू हो जाए और उस हिस्से के बाल भी सफेद होने शुरू हो जाएं तो समझिए कि यह सफेद दाग हैं। अगर एक जगह पहले से ही सफेद दाग बन गया हो और उसके बाद कहीं चोट, खरोंच या ठोकर लगती है और वह जगह भी सफेद होने लगे तो मान लेना चाहिए कि सफेद दाग शरीर में तेजी से फैल रहा है।
इन सफेद दागों के ऊपर कोई खुजली, दर्द और स्राव (सेक्रिशन) नहीं होता और संवेदनशीलता भी सामान्य रहती है। हालांकि पसीने और ज्यादा गर्मी से जलन पैदा हो सकती है। अगर सफेद दाग बनें, पर उस एरिया की स्किन के बाल काले रहें तो उस स्टेज में इलाज की गुंजाइश ज्यादा और जल्दी होती है। सफेद दाग से पीड़ित लोगों को चोट से बचना चाहिए। चोट लगने वाले स्थान पर सफेद दाग आ जाते हैं।
इस तरह के फैले हैं भ्रम
-खट्टी चीजें खाने से हो जाते हैं सफेद दाग
-दूध के साथ मछली खाने से होते हैं सफेद दाग
-पुराने कर्मों का अब फल मिल रहा है
-कुष्ठ रोग को ही लोग सफेद दाग समझ लेते हैं
-दाग से अंदरूनी शक्ति कम हो जाती है
इन सफेद दागों के ऊपर कोई खुजली, दर्द और स्राव (सेक्रिशन) नहीं होता और संवेदनशीलता भी सामान्य रहती है। हालांकि पसीने और ज्यादा गर्मी से जलन पैदा हो सकती है। अगर सफेद दाग बनें, पर उस एरिया की स्किन के बाल काले रहें तो उस स्टेज में इलाज की गुंजाइश ज्यादा और जल्दी होती है। सफेद दाग से पीड़ित लोगों को चोट से बचना चाहिए। चोट लगने वाले स्थान पर सफेद दाग आ जाते हैं।
इस तरह के फैले हैं भ्रम
-खट्टी चीजें खाने से हो जाते हैं सफेद दाग
-दूध के साथ मछली खाने से होते हैं सफेद दाग
-पुराने कर्मों का अब फल मिल रहा है
-कुष्ठ रोग को ही लोग सफेद दाग समझ लेते हैं
-दाग से अंदरूनी शक्ति कम हो जाती है
झूठे दावों से बचे
वर्ल्ड विटिलिगो डे
- फोटो : फाइल फोटो
देखने में आया है कि कई लोग सफेद दाग के इलाज के लिए झाड़फूंक व झोलाछाप डॉक्टरों के पास जाते हैं। वे वहां पर इलाज कराते रहते हैं, लेकिन कोई भी समाधान नहीं निकल पाता। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर सफेद दाग मिले तो बिना देर किए स्किन स्पेशलिस्ट से मिलना चाहिए। जितनी जल्दी स्पेशलिस्ट से मिलेंगे, उतना फायदेमंद साबित होता है। आसपास के इलाकों में कई जगह मिल जाएगा कि सफेद दाग का शर्तिया इलाज उपलब्ध है। इस झांसे में कत्तई न आएं और स्किन स्पेशलिस्ट को दिखाएं।
सफेद दाग के छुटकारे का एक तरीका यह भी
इस बीमारी से छुटकारा पाने का एक तरीका कास्मेटिक कैम्पलाज (मेकअप) है। यह एक प्रकार की कास्मेटिक क्रीम है। इसे सफेद दाग वाले स्थान पर लगाया जाता है और कुछ ही देर में सफेद दाग छिप जाता है। इससे पता नहीं चलता कि पीड़ित के अंग में सफेद दाग है। हालांकि इसे रोज लगाना होगा। फिलहाल इसका कोई साइड इफेक्ट नहीं है।
25 जून को मनाया जाता है वर्ल्ड विटीलिगो डे
25 जून को वर्ल्ड विटीलिगो (सफेद दाग) डे मनाया जाता है। इसका मकसद है कि लोगों में अवेयनेस फैलाई जाए, ताकि मरीजों को इस बीमारी के बारे में पता हो। कुछ लोग इसे कलंक मान लाते हैं, जबकि ऐसा नहीं है। यह बीमारी ठीक हो सकती है। इंडियन एसोसिएशन ऑफ डर्मेटोलॉजिस्ट, वीनियरोलॉजिस्ट एंड लेप्रोलॉजिस्ट एसोसिएशन (पंजाब, चंडीगढ़, हिमाचल) की ओर से सुखना लेक पर सात से आठ बजे तक जागरूक करेंगे।
सफेद दाग के छुटकारे का एक तरीका यह भी
इस बीमारी से छुटकारा पाने का एक तरीका कास्मेटिक कैम्पलाज (मेकअप) है। यह एक प्रकार की कास्मेटिक क्रीम है। इसे सफेद दाग वाले स्थान पर लगाया जाता है और कुछ ही देर में सफेद दाग छिप जाता है। इससे पता नहीं चलता कि पीड़ित के अंग में सफेद दाग है। हालांकि इसे रोज लगाना होगा। फिलहाल इसका कोई साइड इफेक्ट नहीं है।
25 जून को मनाया जाता है वर्ल्ड विटीलिगो डे
25 जून को वर्ल्ड विटीलिगो (सफेद दाग) डे मनाया जाता है। इसका मकसद है कि लोगों में अवेयनेस फैलाई जाए, ताकि मरीजों को इस बीमारी के बारे में पता हो। कुछ लोग इसे कलंक मान लाते हैं, जबकि ऐसा नहीं है। यह बीमारी ठीक हो सकती है। इंडियन एसोसिएशन ऑफ डर्मेटोलॉजिस्ट, वीनियरोलॉजिस्ट एंड लेप्रोलॉजिस्ट एसोसिएशन (पंजाब, चंडीगढ़, हिमाचल) की ओर से सुखना लेक पर सात से आठ बजे तक जागरूक करेंगे।