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सिखी के लिए 22 देशों की बाइक यात्रा पर निकले छह शख्स, इन दिनों भारत में हैं, विशेष बातचीत
Fri, 17 May 2019 11:06 AM IST
खुशबू गोयल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Fri, 17 May 2019 11:06 AM IST
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कनाडा के सिख मोटरसाइकिल क्लब के छह बाइकर्स सिख धर्म की संस्कृति और गौरवशाली इतिहास को दुनिया भर के 22 देशों की यात्रा पर निकले। देश के कई हिस्सों से होते हुए वीरवार को चंडीगढ़ पहुंचे। इन बाइकर्स ने अपने सफर के आखिरी पड़ाव के लिए सिटी ब्यूटीफुल को चुना।
वीरवार को शहर में पहुंचकर इन बाइकर्स ने अपने सफर के अनुभवों को प्रेस क्लब सेक्टर-27 में पत्रकारों से साझा किया। इस दौरान इन बाइकर्स ने बताया कि वह लोग नशा मुक्त पंजाब, खासला ऐड के लिए धन जुटाने की खातिर मोटरसाइकिल पर सफर होकर अभियान पर निकले थे।
अपनी संस्कृति और विरासत को देश-विदेश में पहुंचने के लिए उन्होंने लंबा सफर तय किया। इस दौरान उन्हें कई तरह के अनुभव हुए। कनाडा के रहने वाले बाइकर्स अमनदीप सिंह गरचा, रछपाल सिंह धालीवाल, गुरप्रीत सिंह तुंग और जसपाल सिंह बग्गा ने बताया कि यह सफर उन्होंने तीन अप्रैल को सबसे पहले कनाडा और यूएसए को सड़क मार्ग से पार किया।
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फिर इस ग्रुप ने इंग्लैंड के लिए उड़ान भरी। यहां से यह चारों बाइकर्स 40 दिनों से भी कम समय में भारत (पंजाब) तक पहुंचने के उद्देश्य से सड़क पर बाइक से यात्रा करते रहे।
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वीरवार को शहर में पहुंचकर इन बाइकर्स ने अपने सफर के अनुभवों को प्रेस क्लब सेक्टर-27 में पत्रकारों से साझा किया। इस दौरान इन बाइकर्स ने बताया कि वह लोग नशा मुक्त पंजाब, खासला ऐड के लिए धन जुटाने की खातिर मोटरसाइकिल पर सफर होकर अभियान पर निकले थे।
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अपनी संस्कृति और विरासत को देश-विदेश में पहुंचने के लिए उन्होंने लंबा सफर तय किया। इस दौरान उन्हें कई तरह के अनुभव हुए। कनाडा के रहने वाले बाइकर्स अमनदीप सिंह गरचा, रछपाल सिंह धालीवाल, गुरप्रीत सिंह तुंग और जसपाल सिंह बग्गा ने बताया कि यह सफर उन्होंने तीन अप्रैल को सबसे पहले कनाडा और यूएसए को सड़क मार्ग से पार किया।
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फिर इस ग्रुप ने इंग्लैंड के लिए उड़ान भरी। यहां से यह चारों बाइकर्स 40 दिनों से भी कम समय में भारत (पंजाब) तक पहुंचने के उद्देश्य से सड़क पर बाइक से यात्रा करते रहे।
बाइकर्स ने बताया कि उनकी इस शानदार यात्रा का समापन 11 मई को पंजाब में हुआ। इसका मकसद खालसा ऐड हेतु धन जुटाने, भाईचारे का संदेश देने और नशा मुक्त पंजाब के प्रति लोगों को अवेयर करना है। इस दौरान सभी ने 22 देशों की यात्रा की। बाइकर्स ने बताया कि सिख धर्म की संस्कृति और गौरवशाली इतिहास पूरी दुनिया को बताने के लिए उन्होंने कनाडा से पंजाब तक की लंबी और चुनौतीपूर्ण सड़क यात्रा पूरी की।
बाइकर मंदीप सिंह धालीवाल ने कहा कि सफर के दौरान जमा की गई राशि खालसा ऐड इंटरनेशनल को सौंपी जाएगी। उन्होंने बताया कि तुर्की में प्रवेश करने से पहले वह लोग यूरोप के देशों और शहरों में गए फिर ईरान से होते हुए पाकिस्तान में प्रवेश किया पाकिस्तान में वे ननकाना साहिब गए और वहां से वाघा से सीमा पार की और अमृतसर में स्वर्ण मंदिर पहुंचकर यात्रा को पूरा किया।
2003 में हुई थी क्लब की स्थापना
सिख मोटरसाइकिल क्लब की स्थापना 2003 में कोलंबिया में हुई थी। काफी संघर्ष और एक लंबी कानूनी लड़ाई के बाद अवतार सिंह ढिल्लों ने समुदाय के सहयोग से यह पहल की थी। सिखों को मोटरसाइकिल चलाते समय पगड़ी पहनने की अनुमति प्राप्त करने के लिए ऐसा करना पड़ा। क्लब की ओर से यह सफर श्री गुरु नानक देव जी की 550वीं जयंती के उपलक्ष्य पर आयोजित की है।
बाइकर मंदीप सिंह धालीवाल ने कहा कि सफर के दौरान जमा की गई राशि खालसा ऐड इंटरनेशनल को सौंपी जाएगी। उन्होंने बताया कि तुर्की में प्रवेश करने से पहले वह लोग यूरोप के देशों और शहरों में गए फिर ईरान से होते हुए पाकिस्तान में प्रवेश किया पाकिस्तान में वे ननकाना साहिब गए और वहां से वाघा से सीमा पार की और अमृतसर में स्वर्ण मंदिर पहुंचकर यात्रा को पूरा किया।
2003 में हुई थी क्लब की स्थापना
सिख मोटरसाइकिल क्लब की स्थापना 2003 में कोलंबिया में हुई थी। काफी संघर्ष और एक लंबी कानूनी लड़ाई के बाद अवतार सिंह ढिल्लों ने समुदाय के सहयोग से यह पहल की थी। सिखों को मोटरसाइकिल चलाते समय पगड़ी पहनने की अनुमति प्राप्त करने के लिए ऐसा करना पड़ा। क्लब की ओर से यह सफर श्री गुरु नानक देव जी की 550वीं जयंती के उपलक्ष्य पर आयोजित की है।