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पंचकूला के स्टाइलम के स्टाइल की मुरीद हुई इटली
ब्यूरो/अमर उजाला, पंचकूला।
Updated Tue, 08 Dec 2015 12:10 PM IST
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पंचकूला के लेमिनेट्स की चमक और उसके स्टाइल का मुरीद अब विश्व का कई देश हैं। यह लेमिनेट्स तैयार होते हैं स्टाइलम पंचकूला में। जिसकी नींव वर्ष 1991 में सतीश गुप्ता ने रखी थी। सिर्फ तीन साल में ही उनकी यह इंडस्ट्री विश्व प्रसिद्ध हो गई। सतीश गुप्ता अपने परिवार के फर्स्ट जनरेशन इंटरप्रेन्योर हैं।
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इससे पहले उनके घर में किसी ने नौकरी नहीं की। पंचकूला सेक्टर-7 के रहने वाले सतीश गुप्ता ने बताया कि वर्ष 1976 से 1984 तक फरीदकोट (पंजाब) में बिल्डिंग मैटेरियल की ट्रेडिंग और डिस्ट्रिब्यूशन किया। इसके बाद उन्हें लगा कि यह एक सीमित काम है।
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गुप्ता ने कहा कि वह आगे बढ़ना चाहते थे, इसीलिए कुछ नया करने की मंशा थी। पंचकूला में उनके पास दो प्लाट खाली पड़े थे। लेमिनेट्स का काम शुरू किया। शुरुआत में चैलेंज जरूर लगा, लेकिन फिर सबकुछ सामान्य हो गया।
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तीन साल में विदेश तक धमक
सतीश गुप्ता ने बताया कि स्टाइलम अब बीएसई में रजिस्टर्ड कंपनी है। इसका पहला पब्लिक इश्यू वर्ष 1995 में निकाला गया। सोमवार को यह इश्यू 170 रुपये तक पहुंच चुका था।
स्टाइलम इंडस्ट्री में लेमिनेट्स, एडहेसिव और अन्य प्रोडक्ट बनाए जाते हैं। सतीश गुप्ता ने बताया कि अब उनके भाई, बेटा और भाई का बेटा सभी साथ में काम करते हैं।
बैंक लोन महंगा था उस समय
सतीश गुप्ता ने बताया कि जिस समय उन्होंने इंडस्ट्री लगाई उस समय लोन लेना काफी महंगा सौदा साबित होता था। इसकी वजह थी कि उस समय पर बैंक करीब बीस फीसदी व्याज दर पर लोन देते थे। इसलिए उस समय थोड़ा चैलेंज लगा लेकिन जैसे ही काम शुरू हुआ तो सब कुछ सामान्य हो गया। रॉ मैटेरियल की खरीद फरोख्त भी उस समय काफी मुश्किल होता था। अब यह चैलेंज इंटरनेट के कारण खत्म हो चुका है।
हुडा के नोटिस से बनी इंडस्ट्री
सतीश गुप्ता ने बताया कि उन्होंने वर्ष 1991 में स्टाइलम की स्थापना की। इंडस्ट्री खोलने का विचार तो पहले से था। इतना जल्दी इसलिए हुआ क्योंकि हुडा पंचकूला के इंडस्ट्रियल एरिया में खाली पड़े उनके दो प्लाट को लेकर लगातार नोटिस भेजता था, जिसे देखते हुए सभी ने तय किया कि यहां नई इंडस्ट्रियल यूनिट बनाई जाए। बस इसी के साथ स्टाइलम की स्थापना हो गई।
तीन हजार को मिला रोजगार
स्टाइलम इंडस्ट्री के माध्यम से सतीश गुप्ता ने करीब तीन हजार लोगों को रोजगार के मौके उपलब्ध करवाए। सतीश गुप्ता ने बताया कि अब इन हाउस ट्रेनिंग प्रोग्राम शुरू किए हैं। इस प्रकार के इन हाउस ट्रेनिंग प्रोग्राम के माध्यम से उनकी इंडस्ट्री स्किल्ड लेबर को इंडस्ट्री की जरूरतों के मुताबिक तैयार कर रही है। सतीश गुप्ता ने बताया कि उन्होंने आठ सौ लोगों को रोजगार प्रदान किया है। उनकी इंडस्ट्री के माध्यम से करीब 2200 अन्य लोग रोजगार पा रहे हैं।
प्रोफाइल
सतीश गुप्ता
एक्जिक्यूटिव डायरेक्टर-स्टाइलम इंडस्ट्रीज लिमिटेड
चेयरमैन कम मैनेजिंग डायरेक्टर-गोल्डन केमटेक लिमिटेड
सदस्य-रिजर्व बैंक की इम्पावर्ड कमेटी के सदस्य
युवाओं के लिए टिप्स
1-किसी काम को भी लगन और विश्वास से करें।
2-नई इंडस्ट्री के लिए प्रोफेशनल की सलाह जरूर लें।
3-बिजनेस में तेजी से ज्यादा धैर्य होना है आवश्यक।
4-इंडस्ट्री में मार्केटिंग अब सबसे ज्यादा आवश्यक है।