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8 दिवसीय थिएटर वर्कशाप शुरू, अभिनय के गुर सीखने आएं
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 16 Jun 2016 07:10 PM IST
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चंडीगढ़ में थियेटर वर्कशॉप
- फोटो : अमर उजाला
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संगीत व नाटक अकादमी की ओर से चंडीगढ़ सेक्टर 34 स्थित कार्यालय परिसर में एक थिएटर वर्कशाप शुरू की गई है। वर्कशॉप आठ दिन तक चलेगी। इसमें 13 साल से ऊपर के बच्चों को थिएटर के बारे में बताया जा रहा है। वर्कशॉप का संचालन थिएटर आर्टिस्ट कुलबीर कौर कर रही हैं।
कुलबीर ने बताया कि वर्कशाप में बच्चों को ऐक्टिंग तो सिखाई ही जाएगी रही है। इसके साथ ही बच्चों की अवाज पर ज़्यादा ध्यान दिया जाएगा। इससे डॉयलाग बोलने में काफी सुधार आएगा। इसके साथ ही बच्चों के हावभाव पर भी ध्यान दिया जाएगा। कुलबीर ने बताया की इस वर्कशाप में बच्चों को केवल थिएटर के संबंध में ही नहीं सिखाया जाएगा बल्कि थिएटर के दिग्गजों के बारे में भी जानकारी दी जाएगी।
योग से बॉडी कंट्रोल
कुलबीर ने बताया कि वर्कशाप शुरू होने से पहले सबसे पहले बच्चों को योग सिखाया जाता है ताकि बॉडी पर कंट्रोल किया जा सके। एक्टिंग करने के लिए बॉडी पर कंट्रोल होना बहुत ज़रूरी है।
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हर कला मे निपुण
कुलबीर कहती हैं कि थिएटर का मतलब डायलॉग बोलना ही नहीं होता, बल्कि कलाकार को डांस से लेकर सिंगिंग तक आनी चाहिए, तब जाकर वह संपूर्ण कलाकार माना जाता है।
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कुलबीर ने बताया कि वर्कशाप में बच्चों को ऐक्टिंग तो सिखाई ही जाएगी रही है। इसके साथ ही बच्चों की अवाज पर ज़्यादा ध्यान दिया जाएगा। इससे डॉयलाग बोलने में काफी सुधार आएगा। इसके साथ ही बच्चों के हावभाव पर भी ध्यान दिया जाएगा। कुलबीर ने बताया की इस वर्कशाप में बच्चों को केवल थिएटर के संबंध में ही नहीं सिखाया जाएगा बल्कि थिएटर के दिग्गजों के बारे में भी जानकारी दी जाएगी।
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योग से बॉडी कंट्रोल
कुलबीर ने बताया कि वर्कशाप शुरू होने से पहले सबसे पहले बच्चों को योग सिखाया जाता है ताकि बॉडी पर कंट्रोल किया जा सके। एक्टिंग करने के लिए बॉडी पर कंट्रोल होना बहुत ज़रूरी है।
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हर कला मे निपुण
कुलबीर कहती हैं कि थिएटर का मतलब डायलॉग बोलना ही नहीं होता, बल्कि कलाकार को डांस से लेकर सिंगिंग तक आनी चाहिए, तब जाकर वह संपूर्ण कलाकार माना जाता है।