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Chandigarh News: कर्मचारियों की हड़ताल से संकट... 50 हजार घरों से नहीं उठा पाया कूड़ा

Sun, 21 Dec 2025 01:12 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Sun, 21 Dec 2025 01:12 AM IST
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Workers' strike creates crisis...garbage could not be collected from 50,000 houses
चंडीगढ़। डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन कर्मचारियों की हड़ताल के कारण शनिवार को चंडीगढ़ के करीब 50 हजार घरों से कूड़ा नहीं उठ पाया। इससे शहर के कई इलाकों में गंदगी फैल गई और लोगों को बेहद परेशानी हुई। सुबह से ही घरों के बाहर कूड़े के ढेर लगे रहे, बदबू और अव्यवस्था के चलते लोगों में नाराजगी देखी गई। सेक्टर- 31, 31, 33, 34, 42, 43, 45 समेत कई सेक्टर में सुबह कूड़ा उठाने का काम प्रभावित रहा।
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कूड़ा कलेक्टर नगर निगम द्वारा बनाए गए नए एमओयू की शर्तों का विरोध कर रहे थे। कर्मचारियों का कहना है कि बायोमेट्रिक हाजिरी, पुलिस वेरिफिकेशन, मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट, गार्बेज एग्रीगेशन और हर छोटी बात पर जुर्माने जैसी शर्तें उनके हितों के खिलाफ हैं। इसी के विरोध में करीब 15 से अधिक सेक्टरों में सुबह कूड़ा नहीं उठाया गया। हालात यहां तक पहुंचे कि सेक्टर-31 के एमआरएफ सेंटर से कूड़ा उठाने वाली गाड़ियों को भी बाहर नहीं निकलने दिया गया।
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सुबह से दोपहर 1 बजे तक काम प्रभवित

सुबह से लेकर दोपहर एक बजे तक शहर में कूड़ा उठाने का काम पूरी तरह प्रभावित रहा। बाजारों और रिहायशी इलाकों में गंदगी बढ़ने से लोगों को डर रहा था कि इससे बीमारियों का खतरा न बढ़ जाए। कई जगहों पर लोगों ने नगर निगम के खिलाफ नाराजगी भी जाहिर की।
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धरना देकर नगर निगम के खिलाफ की नारेबाजी
डोर टू डोर वेस्ट कलेक्टर यूनियन और अखिल भारतीय मजदूर संगठन के संयुक्त आह्वान पर यह हड़ताल की गई थी। प्रदर्शनकारी सेक्टर- 31 कालीबाड़ी एमआरएफ सेंटर के सामने धरने पर बैठ गए और नगर निगम के खिलाफ नारेबाजी की। यूनियन का आरोप है कि एमओयू कुछ चुनिंदा लोगों के साथ बंद कमरे में तैयार किया गया है, जबकि अधिकांश कर्मचारियों की राय नहीं ली गई।

मेयर के आश्वासन के बाद धरना स्थगित
हालात बिगड़ते देख नगर निगम के संयुक्त आयुक्त हिमांशु गुप्ता, मेडिकल ऑफिसर ऑफ हेल्थ डॉक्टर इंद्रजीत कौर और मेयर हरप्रीत कौर बबला ने हस्तक्षेप किया। मेयर के आश्वासन पर पूर्व मेयर राजेश कालिया को प्रदर्शनकारियों के बीच भेजा गया। उन्होंने भरोसा दिलाया कि 30 दिसंबर को होने वाली निगम हाउस की बैठक में कर्मचारियों की मांगों को एजेंडे में शामिल किया जाएगा और तब तक किसी भी प्रदर्शनकारी कर्मचारी का वेतन नहीं काटा जाएगा। यूनियन प्रधान सुरेंद्र कांगड़ा ने कहा कि फिलहाल धरना स्थगित किया गया है अगर मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन और तेज होगा। मेयर के आश्वासन के बाद दोपहर बाद कूड़ा उठाने का काम दोबारा शुरू हो सका जिससे लोगों ने कुछ राहत की सांस ली।
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