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महिला सुरक्षा को लेकर पंजाब सरकार की अच्छी पहल, पांच शहरों में चलेंगी महिला पीसीआर

Thu, 19 Dec 2019 09:29 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Thu, 19 Dec 2019 09:29 PM IST
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Women PCR will run in five cities of Punjab
पीसीआर - फोटो : फाइल फोटो

संकट में फंसी महिलाओं को घर तक पहुंचाने (पिक एंड ड्रॉप) की सुविधा में विस्तार करने के मद्देनजर मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने राज्य के पांच प्रमुख शहरों में महिला पीसीआर वैन चलाने का आदेश दिया हैं ताकि महिलाओं को सुरक्षित घर पहुँचाया जा सके। मुख्यमंत्री के आदेश के मुताबिक, संकट में फंसी महिलाओं को उनके घर या उनके काम वाली जगह पर सुरक्षित पहुंचाने के लिए मोहाली, अमृतसर, पटियाला, लुधियाना और जालंधर में चलाईं जा रही पीसीआर वैनों की चालक भी महिलाएं ही होंगी।

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गुरुवार को पंजाब के डीजीपी दिनकर गुप्ता ने बताया कि महिलाओं को सुरक्षित घर छोड़ने की स्कीम की शुरुआत के बाद तीन से 18 दिसंबर तक हेल्पलाइन नंबरों 100 /112, 181 और 1091 पर 40 कॉल आईं। उन्होंने बताया कि 112 /100 पर 26 कॉल, 181 पर 2 कॉल और 1091 की जिला हेल्पलाइन पर 12 कॉल आईं। 
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मुख्यमंत्री ने तीन दिसंबर को महिलाओं की सुरक्षा को लेकर बढ़ रही मुश्किलों के मद्देनजर योजना की शुरुआत की थी, जिसके तहत रात नौ बजे से सुबह छह बजे तक मुसीबत में फंसी महिलाओं को मुफ्त पुलिस सहायता दी जा रही है। महिला कॉलर को तुरंत संबंधित पुलिस स्टेशन के पुलिस पेट्रोलिंग वाहन के साथ जोड़ा जाएगा, जहां उपलब्ध पिक एंड ड्रॉप की सुविधा के साथ टैक्सी या थ्री-व्हीलर द्वारा उन्हें सुरक्षित घर पहुंचाया जाएगा। 

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अब तक प्राप्त हुई कॉल संबंधी विवरण देते हुए डीजीपी ने कहा कि पुलिस पेट्रोलिंग पार्टियों की तरफ से फोन करने वाले तक पहुंचने के लिए कम से कम सात मिनट और अधिक से अधिक 30 मिनट का समय था और औसतन यह समय 12 मिनट का था। पुलिस पार्टियों ने बुलाने वालों को उनके निवास स्थान /जगह पर सुरक्षित ढंग से छोड़ा, जहां वह जाना चाहते थे। 

कुछ मामलों में, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया की महिला पत्रकारों ने पुलिस प्रतिक्रिया समय की जांच करने के लिए पुलिस कंट्रोल रूम को डमी कॉल भी की और इसकी सफलतापूर्वक पुष्टि की। डीजीपी ने कहा कि अधिकतर मामलों में महिला पुलिस अधिकारी पीसीआर में मौजूद थी। उन्होंने बताया कि यह स्कीम अभी शुरुआती चरण में है और इसलिए कुछ समस्याएं भी आ रही हैं। इस स्कीम को और सुचारु बनाया जा रहा है। एक बार ऐसा हो जाने के बाद मुसीबत में महिलाओं की मदद करने के लिए सभी पीसीआर वैनों में एक महिला सिपाही मौजूद होंगी।

दिन में भी पुलिस कर रही महिलाओं की मदद : डीजीपी
डीजीपी ने कहा कि चाहे यह योजना अधिकारिक तौर पर रात नौ बजे से सुबह छह बजे के दौरान कठिनाई में फंसी महिलाओं के लिए घोषित की गई है लेकिन मुख्यमंत्री ने व्यक्तिगत तौर पर पुलिस को निर्देश दिया है कि दिन के किसी समय भी असुरक्षित महसूस करती महिलाओं को सहायता प्रदान की जाएं। इस निर्देश पर अमल करते हुए पठानकोट पुलिस ने पांच दिसंबर को सुबह 8.05 बजे फोन करने वाली महिला की मदद करते हुए उसे सुरक्षित घर छोड़ दिया था।

रात में अकेली महिला के लिए हेल्पलाइन पर पहुंच रही कॉल
राहगीरों द्वारा रात को किसी महिला को अकेली देखकर भी पुलिस हेल्पलाइन पर कॉल की जा रही है। ऐसी ही एक कॉल छह दिसंबर को मध्यरात्रि 12.16 बजे की गई, जब दानेश नाम के व्यक्ति ने 112 हेल्पलाइन पर फोन करके पुलिस को बुलाया कि महिला लाढोवाली चुबती फाटक जालंधर में अकेली खड़ी है। महिला एएसआई वाली पीसीआर ने उस महिला को 14 मिनट में घर छोड़ दिया।

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