{"_id":"7a67786447c866c60280ce844ffc6029","slug":"women-constable-chandigarh-police-night-duty-ig-darbar","type":"story","status":"publish","title_hn":"महिला कांस्टेबल ने कहा, रात में ड्यूटी नहीं, आखिर क्यों...","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
महिला कांस्टेबल ने कहा, रात में ड्यूटी नहीं, आखिर क्यों...
अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Fri, 29 Nov 2013 10:40 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कांस्टेबल भर्ती हुए 25 साल हो गए हैं। अभी तक प्रमोशन नहीं मिली है। अब तो बच्चे भी प्रमोशन के बारे में पूछने लग पड़े हैं। कुछ इस तरह की गुहार चंडीगढ़ पुलिस के जवानों ने वीरवार को आईजी के दरबार में लगाई।
आईजी आरपी उपाध्याय ने अपने जवानों की दिक्कतें जाने के लिए दरबार लगाया। सुबह से लेकर शाम तक चले दरबार में करीब 81 पुलिस जवान आईजी के सामने पेश हुए और अपनी परेशानियां बताईं।
महिला कांस्टेबल ने ट्रांसफर को लेकर गुहार लगाई। उसका कहना था कि पीसीआर में रात के समय ड्यूटी देनी पड़ती है। घर में बच्चे अकेले होते हैं। उनकी ट्रांसफर किसी दूसरी यूनिट में कर दी जाए जिसें रात की ड्यूटी न देनी पड़े।
विज्ञापन
वहीं पुलिस विभाग से रिटायर्ड होने वाले जवान ने कहा कि उनके घर में अब कमाने वाला कोई नहीं है। इतने साल पुलिस विभाग की सेवा है। उसने बेटे को होमगार्ड में भर्ती करने की मांग की।
वहीं पुलिस जवानों ने अपनी इंक्वायरी समेत अन्य सर्विस मैटर को लेकर आईजी के सामने अपनी दिक्कतें रखीं। आईजी ने सभी जवानों को जल्द से जल्द उनकी समस्या हल करने का आश्वासन दिया।
पुलिस जवानों को मिलने के लिए आईजी ने हर शुक्रवार को चार से छह बजे तक का समय फिक्स किया है। आईजी के सामने पेश होने से एक दिन पहले जवानों को अपनी परेशानी की जानकारी आईजी स्टाफ को देनी पड़ती है।
विज्ञापन
आईजी आरपी उपाध्याय ने अपने जवानों की दिक्कतें जाने के लिए दरबार लगाया। सुबह से लेकर शाम तक चले दरबार में करीब 81 पुलिस जवान आईजी के सामने पेश हुए और अपनी परेशानियां बताईं।
विज्ञापन
महिला कांस्टेबल ने ट्रांसफर को लेकर गुहार लगाई। उसका कहना था कि पीसीआर में रात के समय ड्यूटी देनी पड़ती है। घर में बच्चे अकेले होते हैं। उनकी ट्रांसफर किसी दूसरी यूनिट में कर दी जाए जिसें रात की ड्यूटी न देनी पड़े।
विज्ञापन
वहीं पुलिस विभाग से रिटायर्ड होने वाले जवान ने कहा कि उनके घर में अब कमाने वाला कोई नहीं है। इतने साल पुलिस विभाग की सेवा है। उसने बेटे को होमगार्ड में भर्ती करने की मांग की।
वहीं पुलिस जवानों ने अपनी इंक्वायरी समेत अन्य सर्विस मैटर को लेकर आईजी के सामने अपनी दिक्कतें रखीं। आईजी ने सभी जवानों को जल्द से जल्द उनकी समस्या हल करने का आश्वासन दिया।
पुलिस जवानों को मिलने के लिए आईजी ने हर शुक्रवार को चार से छह बजे तक का समय फिक्स किया है। आईजी के सामने पेश होने से एक दिन पहले जवानों को अपनी परेशानी की जानकारी आईजी स्टाफ को देनी पड़ती है।