सपना चौधरी पर विवादित टिप्पणी कर मुश्किल में फंसे दिग्विजय चौटाला, महिला आयोग ने भेजा नोटिस
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जजपा नेता और इनसो के राष्ट्रीय अध्यक्ष दिग्विजय चौटाला के डांसर सपना चौधरी पर दिए गए विवादित बयान पर हरियाणा राज्य महिला आयोग ने उन्हें नोटिस जारी किया है। तीन दिन के भीतर दिग्विजय चौटाला से जवाब मांगा गया है। आयोग ने साफ किया है कि यदि जवाब संतोषजनक न हुआ, तो उनके खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
उल्लेखनीय है कि दिग्विजय चौटाला ने डांसर सपना चौधरी के भाजपा ज्वाइन करने पर विवादित टिप्पणी करते हुए कहा था कि सपना चौधरी अब भाजपा में आ गई हैं और अब ठुमके लगाकर सपना भाजपा को वोट दिलवाएंगी। दिग्विजय को महिला आयोग का नोटिस मिलने के बाद से उनके समर्थक व अन्य जजपा नेता इसका विरोध कर रहे हैं।
उनके समर्थकों कहना है कि जब नशे और भ्रष्टाचार के मुद्दे पर दिग्विजय बोलते हैं, तब कोई मंत्री या भाजपा का नेता कुछ नहीं बोलता। सपना पर एक सवाल का जवाब क्या दिया, सब जग गए, क्या सपना है हरियाणा का सबसे बड़ा मुद्दा? आयोग की उपाध्यक्ष प्रीति भारद्वाज ने कहा कि इस तरह का बयान देकर दिग्विजय चौटाला ने महिलाओं के सम्मान को ठेस पहुंचाई है।
उनके अनुसार इस मसले को लेकर आयोग ने प्रदेश के सभी राजनीतिक दलों, संगठनों और व्यक्तियों से ऐसी अभद्र टिप्पणी जो महिलाओं के लिए अपमानजनक हो, बोलने व कहने से रोकने हेतु जरूरी हिदायतें भी जारी की है। जिसका सभी को गंभीरता से ध्यान रखना होगा।
बहरहाल, इस मुद्दे पर महिला आयोग के कड़े तेवर देखते हुए दिग्विजय चौटाला मुश्किल में फंसते नजर आ रहे हैं। लेकिन दिग्विजय के समर्थकों का कहना है कि दिग्विजय आयोग के नोटिस का जल्द औपचारिक जवाब देंगे।
सार्वजनिक मंचों पर महिला प्रतिष्ठा का ध्यान रखें नेता
इस मामले में हरियाणा राज्य महिला आयोग ने जो सर्कुलर जारी किया है उसमें कहा गया है कि सभी राजनीतिक दल, संगठन से जुड़े लोग व नेता महिलाओं के सम्मान के विरूद्ध और उनकी गरिमा को भंग करने वाली किसी भी प्रकार की कोई अभद्र व अशोभनीय टिप्पणी न करें।
आयोग आगामी चुनावों के मद्देनजर देश के कानून पसंद सभी नागरिकों से समानता को बढ़ावा देने और सभ्याचार के साथ शिष्टता बनाए रखने की अपील करता है। सभी नागरिकों सार्वजनिक मंचों पर अपने संबोधन में महिला सम्मान का ध्यान रखें।