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‘अपनों’ के हाथों बिक रहीं बेटियां: मस्कट में एक हजार रियाल में रिश्तेदार ने किया सौदा, दर्दनाक है दास्तां
Mon, 29 Jul 2024 11:03 AM IST
निवेदिता वर्मा
महेश कुमार, संवाद, कपूरथला (पंजाब)
महेश कुमार, संवाद, कपूरथला (पंजाब)
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Mon, 29 Jul 2024 11:03 AM IST
सार
मोगा की महिला को उसके ट्रैवल एजेंट रिश्तेदार ने ही मस्कट में लगभग दो लाख रुपये में बेच दिया था। महिला के साथ वहां अमानवीय व्यवहार किया गया। उसके पति ने राज्यसभा सांसद संत बलबीर सिंह सीचेवाल से गुहार लगाई जिनके प्रयास से महिला सकुशल वतन लौट पाई।
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सांसद संत सीचेवाल के साथ पीड़िता।
- फोटो : संवाद
विस्तार
खाड़ी देशों में ‘अपनों’ के बुने जाल में पंजाब की बेटियां फंस रही हैं। अपने ही वहां ‘रिश्तों’ का मोल लगा रहे हैं। पंजाब की गरीब घरों की बेटियों को रिश्तेदार ही चिकनी-चुपड़ी बातों से सब्जबाग का ऐसा महल खड़ा कर देते हैं, जिसके आगे मां-बाप समेत बेटियां सुनहरी भविष्य के सपने बुनने लगती हैं। बस, यहीं से उनके शोषण का सफर शुरू हो जाता है।
ऐसे ही ‘अपने’ का शिकार बनी पंजाब के जिला मोगा की लड़की को ओमान के मस्कट में एक हजार रियाल (दो लाख भारतीय रुपये) में बेच दिया गया, वहीं वीजा खत्म होने के बाद उससे अपने ही परायों जैसा अमानवीय व्यवहार करने लगे। राज्यसभा सदस्य संत बलबीर सिंह सीचेवाल व विदेश मंत्रालय की प्रयास से पीड़िता सकुशल पंजाब परिवार के पास लौट पाई है।
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ऐसे ही ‘अपने’ का शिकार बनी पंजाब के जिला मोगा की लड़की को ओमान के मस्कट में एक हजार रियाल (दो लाख भारतीय रुपये) में बेच दिया गया, वहीं वीजा खत्म होने के बाद उससे अपने ही परायों जैसा अमानवीय व्यवहार करने लगे। राज्यसभा सदस्य संत बलबीर सिंह सीचेवाल व विदेश मंत्रालय की प्रयास से पीड़िता सकुशल पंजाब परिवार के पास लौट पाई है।
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अरब परिवार को बेचा
मोगा से निर्मल कुटिया सुल्तानपुर लोधी सपरिवार आई पीड़िता ने बताया कि वह गरीब परिवार से है, जो घर की आर्थिक स्थिति को सुधारने के लिए ओमान गई थी, पर वहां उसके ट्रैवल एजेंट रिश्तेदार ने ही उसे एक हजार रियाल (भारतीय मुद्रा में 2 लाख रुपये) में एक अरब परिवार को बेच दिया। उसे केवल एक महीने के विजिटर वीजा पर भेजा गया था, जबकि उसे तीन महीने के वीजे का कहा गया।पीड़िता ने बताया कि 7 सितंबर 2023 को जब वह ओमान एयरपोर्ट पर उतरी तो उसे लेने आए शख्स ने जबरन उसका फोन और पासपोर्ट छीन लिया। उसे हवाई अड्डे से तीन घंटे की दूरी पर एक बहुमंजिला इमारत में एक कार्यालय में बंद कर दिया गया।
वीजा अवधि खत्म होते ही टूटा दुखों का पहाड़
पीड़िता ने बताया कि उसके साथ एक केन्याई लड़की भी थी। पीड़िता ने यह भी बताया कि जब तक वीजा वैध था, ट्रैवल एजेंट उसकी देखभाल करते रहे, लेकिन जैसे ही उसका वीजा खत्म हुआ, उस पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। ट्रैवल एजेंटों ने उसके प्रति अपना रवैया बदल दिया और उसे पीटना शुरू कर दिया। उसने बताया कि काम के दौरान संक्रमण के कारण उसकी तबीयत काफी खराब हो गई थी और जिस परिवार में वह काम कर रही थी। उन्होंने उसका इलाज करने से मना कर दिया, लेकिन इस हालत में भी उससे काम करवाया जा रहा था।उसने कहा कि वहां उसकी परिवार से बात तक भी नहीं करवाई जाती थी। वापसी के लिए लाखों रुपये देने के बावजूद उसे वापस नहीं भेजा जा रहा था। उसने बताया कि वहां जो भी यहां से लड़कियां जा रही हैं, उन्हें पहले वहां पहुंचने वाली लड़कियों से अलग रखा जाता है। जैसे ही उनके भी वीजे की अवधि खत्म होती है, उनसे दुर्व्यवहार किया जाने लगता है। पीड़िता के पति ने 7 मई को राज्यसभा सदस्य संत बलबीर सिंह सीचेवाल से संपर्क किया और पत्नी के बारे में बताया। जिस पर संत सीचेवाल ने तुरंत कार्रवाई करने पर युवती कुछ ही दिनों में वतन लौट आई।