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पत्नी की हाईकोर्ट से गुहार: पति जेल में है, वंश बढ़ाना चाहती हूं

Tue, 11 Jan 2022 06:51 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Tue, 11 Jan 2022 06:51 PM IST
सार

पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में एक महिला ने याचिका दायर कर वंश बढ़ाने की इजाजत मांगी है। दरअसल, महिला का पति जेल में है और वह अपना वंश बढ़ाना चाहती है। हाईकोर्ट में नियमित सुनवाई आरंभ होने पर हरियाणा सरकार इस मामले में अपना पक्ष रखेगी।

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Woman filed a petition in high court to increased lineage
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में अपनी तरह का एक अलग ही मामला पहुंचा। इस मामले में पत्नी ने जेल में सजा काट रहे कैदी से संबंध बना वंश बढ़ाने की अनुमति देने की मांग की है। इस मांग पर हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार से पूछा है कि क्या सरकार की ऐसी कोई नीति है। हरियाणा सरकार नियमित सुनवाई आरंभ होने के बाद इस पर अपना पक्ष रखेगी।

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याचिका दाखिल करते हुए पत्नी ने बताया कि उसका पति हत्या के एक मामले में दोषी करार दिया जा चुका है। उसका पति 28 अगस्त 2018 से गुरुग्राम की भोंडसी जेल में बंद है। याची ने कहा कि संविधान हर व्यक्ति को जीवन और स्वतंत्रता का अधिकार देता है। इन्हीं अधिकारों में वंश को बढ़ाने का अधिकार भी शामिल है। 
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यह अधिकार जेल की कैद के दौरान भी नहीं छीना जा सकता है। याची ने जसवीर सिंह बनाम पंजाब सरकार केस का हवाला देते हुए बताया कि उस मामले में पति-पत्नी दोनों जेल में थे और निसंतान थे। उन्होंने हाईकोर्ट से बच्चा पैदा करने के लिए अनुमति देने की मांग की थी। 
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हाईकोर्ट ने सवाल उठाया था कि क्या हिरासत की स्थिति में किसी को वंश वृद्धि का अधिकार दिया जा सकता है। हाईकोर्ट का उत्तर सकारात्मक था और कोर्ट ने सरकार को आदेश दिया था कि इस विषय पर नीति बनाने को लेकर आवश्यक निर्णय लिया जाए। याची ने कहा कि उसके साथ भी परिस्थिति लगभग ऐसी ही है और संविधान के दिए इस अधिकार को उससे छीना न जाए। 


सरकार बताए, इस दिशा में क्या कानूनी कदम उठाया जाए
हाईकोर्ट ने पिछली सुनवाई पर हरियाणा सरकार से इस पर जवाब मांगा तो हरियाणा सरकार की ओर से कहा गया कि वह इस मामले में गृह विभाग के एसीएस से राय के बाद ही कुछ बता सकते हैं। हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार से पूछा था कि क्या राज्य में ऐसी कोई नीति मौजूद है, यदि नहीं मौजूद है तो क्या इस दिशा में कानूनी रूप से कुछ कदम उठाया जा सकता है। मंगलवार को मामला सुनवाई के लिए पहुंचा तो हाईकोर्ट ने कहा कि फिलहाल नियमित सुनवाई नहीं हो रही है। हाईकोर्ट ने सुनवाई 27 जनवरी के लिए तय करते हुए कहा कि नियमित बेंच ही इस याचिका पर सुनवाई करेगी। 

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