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पंजाब में शुरू करेंगे मोहल्ला और गांव क्लिनिक : मंत्री विजय सिंगला
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चंडीगढ़। पंजाब को स्वास्थ्य के क्षेत्र में देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के लिए मोहल्ला और गांव क्लिनिक खोले जाएंगे। जब तक मोहल्ला क्लिनिक की शुरुआत नहीं होती, तब तक हेल्थ वेलनेस सेंटर के जरिए लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी। ये बातें पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. विजय सिंगला ने वीरवार को प्रेस क्लब में पीजीआई के कम्युनिटी हेल्थ सेंटर, आईएमए और स्ट्रेटेजिक इंस्टीट्यूट फॉर पब्लिक हेल्थ एजुकेशन एंड रिसर्च (साईफर) की ओर से संयुक्त रूप में आयोजित चर्चा में कहीं।
सिंगला ने कहा कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में सुधार और लोगों में जागरूकता के लिए एनजीओ का अहम योगदान है इसलिए राज्य के सभी एनजीओ को मिलकर उनके साथ जागरूकता कार्यक्रम चलाएंगे। इसमें पीजीआई के विशेषज्ञों को भी शामिल कर उनकी राय ली जाएगी। इस दौरान चमकौर साहिब के विधायक डॉ. चरणजीत सिंह ने भी पंजाब को लेकर सुझाव रखे।
कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों ने ट्रांस फैट को कम करने के लिए पॉलिसी बनाने का प्रस्ताव रखा ताकि गंभीर बीमारियों की रोकथाम की जा सके। इस दौरान राजस्थान के दौसा में महिला डॉक्टर की आत्महत्या का मामला भी उठा। सभी डॉक्टरों ने कहा कि हमें मरीजों के साथ फिर से भरोसा कायम करने की जरूरत है अन्यथा ऐसे भय में डॉक्टर अपनी सेवाएं अच्छे से नहीं दे पाएंगे।
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पंजाब में बढ़ रहे कैंसर के मामलों पर डॉ. विजय सिंगला ने कहा कि हम जिला अस्पतालों में इलाज को सुनिश्चित करेंगे, इसके साथ ही प्रारंभिक स्तर पर ही इलाज के लिए लोगों को जागरूक करेंगे। इस दौरान पीजीआई के विशेषज्ञों ने पंजाब में तंबाकू के चलन पर अपनी रिपोर्ट पेश की और तंबाकू के साथ तनाव इत्यादि बीमारियों के निवारण के लिए अपने सुझाव पेश किए। कार्यक्रम में आईएमए व पीजीआई के सदस्यों की ओर से एसेसिंग डिजिटल हेल्थकेयर सर्विसेज ड्यूरिंग कोविड रिपोर्ट का विमोचन भी किया गया।
‘बाजरा के नियमित इस्तेमाल से खत्म कर सकते हैं शुगर’
चंडीगढ़। विश्व स्वास्थ्य दिवस पर वीरवार को आईएमए-35 में एक प्रेसवार्ता का आयोजन किया गया। इस दौरान डायटीशियन श्रेया ने बाजरा के स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभावों की जानकारी दी। डॉ. श्रेया ने बताया कि उन्होंने पिछले सालों में लाखों शुगर के मरीजों के खानपान पर स्टडी की है। इसमें निष्कर्ष निकला है कि हमें 1960 की हरित क्रांति से पहले प्रचलित मोटे अनाजों की ओर लौटना पड़ेगा। इसमें बाजरा सुपर फूड है। बाजरा को नियमित आहार में शामिल कर शुगर को खत्म किया जा सकता है। मोटे अजान से हम नॉन कम्युनिकेबल बीमारियों से भी बच सकते हैं। श्रेया ने बताया कि उन्होंने हरियाणा के मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपकर हरियाणा में बाजरे की खेती को बढ़ावा देने की मांग की है। आईएमए की अध्यक्ष डॉ. रमनीक शर्मा भी मौजूद रहीं।
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सिंगला ने कहा कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में सुधार और लोगों में जागरूकता के लिए एनजीओ का अहम योगदान है इसलिए राज्य के सभी एनजीओ को मिलकर उनके साथ जागरूकता कार्यक्रम चलाएंगे। इसमें पीजीआई के विशेषज्ञों को भी शामिल कर उनकी राय ली जाएगी। इस दौरान चमकौर साहिब के विधायक डॉ. चरणजीत सिंह ने भी पंजाब को लेकर सुझाव रखे।
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कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों ने ट्रांस फैट को कम करने के लिए पॉलिसी बनाने का प्रस्ताव रखा ताकि गंभीर बीमारियों की रोकथाम की जा सके। इस दौरान राजस्थान के दौसा में महिला डॉक्टर की आत्महत्या का मामला भी उठा। सभी डॉक्टरों ने कहा कि हमें मरीजों के साथ फिर से भरोसा कायम करने की जरूरत है अन्यथा ऐसे भय में डॉक्टर अपनी सेवाएं अच्छे से नहीं दे पाएंगे।
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पंजाब में बढ़ रहे कैंसर के मामलों पर डॉ. विजय सिंगला ने कहा कि हम जिला अस्पतालों में इलाज को सुनिश्चित करेंगे, इसके साथ ही प्रारंभिक स्तर पर ही इलाज के लिए लोगों को जागरूक करेंगे। इस दौरान पीजीआई के विशेषज्ञों ने पंजाब में तंबाकू के चलन पर अपनी रिपोर्ट पेश की और तंबाकू के साथ तनाव इत्यादि बीमारियों के निवारण के लिए अपने सुझाव पेश किए। कार्यक्रम में आईएमए व पीजीआई के सदस्यों की ओर से एसेसिंग डिजिटल हेल्थकेयर सर्विसेज ड्यूरिंग कोविड रिपोर्ट का विमोचन भी किया गया।
‘बाजरा के नियमित इस्तेमाल से खत्म कर सकते हैं शुगर’
चंडीगढ़। विश्व स्वास्थ्य दिवस पर वीरवार को आईएमए-35 में एक प्रेसवार्ता का आयोजन किया गया। इस दौरान डायटीशियन श्रेया ने बाजरा के स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभावों की जानकारी दी। डॉ. श्रेया ने बताया कि उन्होंने पिछले सालों में लाखों शुगर के मरीजों के खानपान पर स्टडी की है। इसमें निष्कर्ष निकला है कि हमें 1960 की हरित क्रांति से पहले प्रचलित मोटे अनाजों की ओर लौटना पड़ेगा। इसमें बाजरा सुपर फूड है। बाजरा को नियमित आहार में शामिल कर शुगर को खत्म किया जा सकता है। मोटे अजान से हम नॉन कम्युनिकेबल बीमारियों से भी बच सकते हैं। श्रेया ने बताया कि उन्होंने हरियाणा के मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपकर हरियाणा में बाजरे की खेती को बढ़ावा देने की मांग की है। आईएमए की अध्यक्ष डॉ. रमनीक शर्मा भी मौजूद रहीं।