आखिर कौन देगा गर्भवती महिलाओं को छह हजार सहायता राशि
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चंडीगढ़ प्रशासन के अधिकारी गर्भवती महिलाओं को छह हजार रुपये आर्थिक सहायता मुहैया कराने की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की घोषणा के सिरे चढ़ाने के प्रति गंभीर नहीं दिख रहे।
हर विभाग इस योजना से पल्ला झाड़ रहा है। अब इस योजना को लेकर महिलाओं में संशय है कि इसका लाभ उन्हें मिलेगा या नहीं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 31 दिसंबर को राष्ट्र को घोषणा की थी सरकार की तरफ से गर्भवती महिलाओं को 6 हजार रुपये की आर्थिक सहायता मुहैया करवाई जाएगी।
लेकिन घोषणा के 12 दिन बीत जाने के बाद भी अभी चंडीगढ़ प्रशासन के अधिकारी यह बता पाने में नाकाम हैं कि ये सहायता किस विभाग की तरफ से मुहैया कराई जाएगी।
अमर उजाला ने इससे जुड़े सभी विभागों से जानकारी लेनी चाही। हर कोई इसे दूसरे विभाग से जुड़ी होने की बात कह रहा है। अमर उजाला ने सबसे पहले स्वास्थ्य विभाग के अफसर से इस संबंध में बात की तो उन्होंने सोशल वेलफेयर, वुमन एंड चाइल्ड डेवलपमेंट डिपार्टमेंट की योजना बता दी।
सोशल वेलफेयर विभाग में पूछा गया तो वहां से डीसी पर मामला टाल दिया। जब डीसी से इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने सोशल वेलफेयर विभाग से पूछने के लिए कहा।
अब गर्भवती महिलाओं और उनके परिजनों के मन में यह संशय है कि वह उनको योजना का लाभ मिलेगा या नहीं। 31 जनवरी के बाद से अब तक कई महिलाएं मां बन चुकी हैं। ये महिलाएं योजना के फायदे को लेकर असमंजस में हैं।
नहीं मिले छह छह हजार
नहीं मिले छह छह हजार
प्रधानमंत्री की घोषणा जमीनी स्तर पर नहीं उतर पाई है। अभी तक किसी भी महिला को इसका लाभ नहीं मिल पाया है। यह केवल अखबारों और टीवी तक ही सीमित है। इसके साथ ही नसबंदी कराने वाले हर महिला-पुरुष को 10-10 हजार रुपये मिलना चाहिए। -शशि शंकर तिवारी, अध्यक्ष पूर्वांचल वेलफेयर एसोसिएशन।
यह घोषणा भी उनके अन्य जुमलों में से एक है। यह सब ड्रामा है। जीतने के बाद एक भी वायदा पूरा नहीं हो पाया है। अच्छे दिन, 15-15 लाख जैसे जुमलों की फेहरिस्त इस घोषणा के बाद और लंबी हो गई है। -जगीर सिंह, प्रधान, बसपा चंडीगढ़।
घोषणा के बाद योजना तुरंत लागू होनी चाहिए। ताकि महिलाओं को इसका लाभ मिल सके। गांव में किसी भी गर्भवती महिला कोे छह हजार रुपये नहीं मिल पाए हैं। प्रशासन को चाहिए कि वह इसके बारे में पता करके लागू करवाए। -सत्येंद्र राय, प्रधान, दड़वा विकास समिति।
प्रधानमंत्री की घोषणा के बाद भी किसी को आर्थिक सहायता नहीं मिलना अत्यंत दुख की बात है। घोषणा तो हो जाती है लेकिन उसको लागू करने वाली अथोरिटी नींद में सोई रहती है। लोगों को तुरंत योजना का लाभ मिलना चाहिए। देरी से हजारों महिलाएं इसके दायरे से बाहर हो जाएंगी। -अजय कुमार, निवासी, गांव दड़वा