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जानिए, कौन कर सकता है रक्तदान, कौन नहीं?
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Wed, 11 Jun 2014 12:55 PM IST
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वर्ल्ड ब्लड डोनर डे पर थैलासीमिक चिल्ड्रेन वेलफेयर एसोसिएशन और अमर उजाला फाउंडेशन संयुक्त रूप से 14 जून शनिवार को पीजीआई के जाकिर हॉल में विशाल रक्तदान शिविर का आयोजन करेगा। कैंप में हिस्सा लेने के लिए कई शहरवासी अपनी सहमति जता चुके हैं।
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कैंप में इकट्ठा किया गया रक्त थैलीसीमिया पीड़ित बच्चों और पीजीआई के मरीजों को दिया जाएगा। इसके लिए आपको सिर्फ 14 जून को पीजीआई पहुंचना होगा और कैंप में एक यूनिट ब्लड देना होगा। एक यूनिट ब्लड किसी भी बच्चे या मरीज की जिंदगी में खुशियां बिखेर सकता है।
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कैंप में मुख्य अतिथि के तौर पर देशभगत यूनिवर्सिटी के चांसलर डा. जोरा सिंह हिस्सा लेंगे जबकि गेस्ट आफ ऑनर के तौर पर पीजीआई के डायरेक्टर डा. वाइके चावला होंगे। थैलीसीमिया से पीड़ित करीब 350 बच्चों को पीजीआई और एसोसिएशन ने गोद लिया हुआ है। इन बच्चों को मेडिसिन और रक्त मुहैया करवाने की जिम्मेदारी एसोसिएशन होती है।
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एसोसिएशन के जनरल सेक्रेटरी राजेंद्र कालरा ने बताया कि इन बच्चों का जीवन दूसरों के रक्त पर ही आधारित होता है। उन्होंने बताया कि थैलीसीमिया के प्रति जागरूकता बहुत जरूरी है। इसका एक ही इलाज है कि मैरिज से पहले युवक और युवतियां टेस्ट जरूर करवाएं।
ये लोग कर सकते हैं रक्तदान
- उम्र 18 से 60 साल के बीच
- हीमोग्लोबिन 12.5 ग्राम/डेसीलीटर
- पल्स 50 से 100 प्रति मिनट हो
- ब्लड प्रेशर 100 से 180 के बीच ऊपर का और 50 से 100 नीचे का हो
- शरीर का वजन 45 किलोग्राम से कम न हो
ये नहीं कर सकते रक्तदान
- एंटी रैबीज या हैपेटाइटिस-सी, इम्यूनोग्लोबिन का एक साल के अंदर उपचार लिया हो
- छह महीने के अंदर टैटू गुदवाया हो या फिर कान छिदवाया हो
- छह महीने के अंदर एक्यूपंचर की विधि से इलाज करवाया हो
- गंभीर बीमारी या सर्जरी हुई हो
- पीलिया से पीड़ित रहा हो
- तीन माह के अंदर रक्तदान किया हो या फिर मलेरिया का इलाज कराया हो
- एक माह के भीतर कोई टीकाकरण कराया हो
- 48 घंटे पहले कोई दवा खाई हो
- बीते 72 घंटे में एस्प्रिन दवा खाई हो या फिर दंत चिकित्सा करवाई हो
- बच्चों को स्तनपान कराने वाली महिला
- माहवारी का वक्त हो