जब पुलिस को देख दुल्हन छोड़कर भागा दूल्हा
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सात जन्म का साथ निभाने के लिए सात वचन देने आया दूल्हा पुलिस को आते देखकर सात मिनट में भाग खड़ा हुआ। अदालत ने लड़की को नाबालिग पाकर उसके बालिग होने तक शादी पर रोक लगा दी।
अदालत ने मां और परिवार के अन्य सदस्यों को आदेशों की अवहेलना करने पर कानूनी कार्रवाई करने की हिदायत दी है। वधावाराम कालोनी निवासी पूजा की कैथल के गांव खनौदा निवासी गौरव के साथ शादी तय थी। नूरवाला में पूजा और गौरव के सात फेरे की तैयारी के बाद बारात भी आ गई। इसी समय महिला संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी रजनी गुप्ता एक सूचना पर वधावाराम कालोनी पहुंचीं। उनके साथ पुलिस भी थी।
कोर्ट ने लगाई लड़की की शादी पर रोक
पुलिस को आते देखकर दुल्हा गौरव अपने पिता जगदीश के साथ भाग खड़ा हुआ। उन्होंने पूजा के बालिग होने के बारे में परिवार के लोगों से बात की और उसके सबूत मांगे। परिवार के लोग इसका सबूत नहीं दिखा सके।
पूजा की मां ने उसके साढ़े सत्रह साल की होने की बात कही। इसके बाद उन्होंने शादी को रुकवा दिया और अदालत के सामने अपने बयान दर्ज करने की कही। उन्होंने जेएमआईसी पीयूष शर्मा की अदालत में बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 की धारा 13 के तहत शादी पर रोक लगाने की मांग की। अदालत ने लड़की मां, मामा और ताऊ के बयान दर्ज किए। अदालत ने पूजा के बालिग होने तक शादी पर रोक लगा दी।
जन्म प्रमाण पत्र मांगा तो दूल्हा भाग गया
पानीपत में महिला संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी रजनी गुप्ता ने बताया कि वधावाराम कालोनी में एक नाबालिग की शादी करने की सूचना मिली थी। पुलिस के साथ मौके पर पहुंचते ही दूल्हा भाग गया। उन्होंने लड़की का जन्म प्रमाण पत्र मांगा तो परिवार के लोगों ने उसको साढ़े 17 साल की होने की कही। अदालत ने बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 की धारा 13 के तहत शादी पर रोक लगा दी है।