फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   ... What was the death which insisted throughout the ages

...क्या यही थी मौत, जिससे उम्र भर डरते रहे

Mon, 18 Nov 2013 11:02 AM IST
अमर उजाला, पंचकूला
अमर उजाला, पंचकूला Updated Mon, 18 Nov 2013 11:02 AM IST
विज्ञापन
... What was the death which insisted throughout the ages
पलक से पलक मिली और नींद आ गई मीठी सी...  क्या यही थी वह मौत जिससे उम्र भर डरते रहे... यह शेर कमिश्नर राजबीर देसवाल ने ओल्ड एज होम में रह रहे बुजुर्गों को सुनाया। गुरु पूर्णिमा के मौके पर देसवाल टीम के साथ बुजुर्गों को कपड़े व अन्य सामान देने पहुंचे।
विज्ञापन


इस मौके पर बुजुुर्गों ने कहा कि अब जिंदगी में किसी चीज की जरूरत नहीं। जिंदगी अच्छे से कट रही है और धीरे-धीरे कम हो रही। तभी, कमिश्नर ने जिंदगी के कम होने से जुड़ी यह चंद लाइनें बुजुर्गों को सुनाई।
विज्ञापन


पंचकूला पुलिस ने गुरु पर्व के मौके पर एक सराहनीय प्रयास किया। जिले के सभी पुलिस अधिकारियों, कर्मियों और उनके परिवारों ने मिलकर सर्दी के कपड़े व अन्य जरूरत का सामान इकट्ठा किया। रविवार को पुलिस कर्मी वह सामान लेकर सेक्टर-15 स्थित ओल्ड एज होम देने पहुंचे।
विज्ञापन
विज्ञापन


पुलिस कमिश्नर राजबीर देसवाल खुद यह सामान लेकर बुजुर्गों से मिलने गए और उनके साथ कुछ वक्त बिताया। इस दौरान एसीपी कृष्ण हुड्डा, एसीपी पूर्णिमा सिंह, सेक्टर-14 थाना प्रभारी दलीप कुमार, सेक्टर-20 थाना प्रभारी सतीश कुमार, इंस्पेक्टर प्रदीप कुमार, चंडीमंदिर थाना प्रभारी अरविंद कुमार व एमडीसी थाना प्रभारी बलवंत सिंह सहित कई अन्य पुलिस कर्मी थे।

कुछ नहीं चाहिए, बस कुछ सुना दो
पुलिस कमिश्नर जब अन्य पुलिस अधिकारियों के साथ सामान देने पहुंचे, तो एक बुजुर्ग ने कहा कुछ नहीं चाहिए। आप आए हैं तो कुछ सुना दें।

इस पर कमिश्नर ने बुजुर्गों से कहा कि वह ज्यादा कुछ नहीं लाए हैं। आपके लिए दिल से सम्मान है। तभी, एक बुजुर्ग की हल्की आवाज आई...  आप? तो, इतने में कमिश्नर ने जवाब दिया मैं राजबीर देसवाल। तभी, बुजुर्ग ने उनके सिर पर हाथ रखा और कहा... आपके बारे में काफी सुना और पढ़ा है, अच्छा लगता है।


सोचकर तो कुछ और आया था
देसवाल ने बुजुर्गों से कहा कि मैं सोचकर आया था, तन्हा बुजुर्ग हैं, गुस्से में रहते होंगे, लेकिन आप लोग तो काफी जिंदादिल हैं। इस पर एक बुजुर्ग ने कहा कि सुबह चार बजे उठते हैं, सैर करते हैं, योग करते हैं, पूजा करते हैं और मिल-जुलकर जिंदगी गुजारते हैं और यही जिंदादिली का राज है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed