शाबास चंडीगढ़: ऑक्सीजन प्रबंधन में चंडीगढ़ सर्वश्रेष्ठ, अभिनव राज्य का भी पुरस्कार मिला
ऑक्सीजन जेनरेटर प्लांट और उसकी आपूर्ति से जुड़े विभिन्न मानकों पर सिटी ब्यूटीफुल इससे पहले भी उम्मीद से कई गुना ज्यादा अंक हासिल कर चुका है। इससे पहले भी केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने चंडीगढ़ को देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में सर्वोत्तम घोषित किया था।
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कोरोना काल में ऑक्सीजन जेनरेटर प्लांट का सबसे पहले उपयोग शुरू करने वाले चंडीगढ़ को ऑक्सीजन प्रबंधन में देश में सर्वश्रेष्ठ और अभिनव राज्य का पुरस्कार मिला है। इसकी घोषणा परिवार कल्याण परिषद के 14वें सम्मेलन में की गई। स्वास्थ्य विभाग की इस उपलब्धि को मंत्रालय की कॉफी टेबल बुक में भी प्रकाशित किया गया है।
भारत सरकार ने ऑक्सीजन प्रबंधन करने वाली टीम को बधाई दी है। वहीं, चंडीगढ़ के ऑक्सीजन प्रबंधन के फार्मूले को देश के अन्य प्रदेशों को अपने यहां लागू करने का निर्देश दिया है। ऑक्सीजन प्रबंधन के नोडल अधिकारी डॉ. मंजीत सिंह व डॉ. मनप्रीत ने बताया कि कोरोना की दूसरी लहर के दौरान प्रबंधन की तकनीक को श्रेष्ठ श्रेणी मिलने के बाद और व्यापक स्तर पर काम शुरू किया गया। इसमें सरकारी के साथ निजी अस्पतालों में ऑक्सीजन जेनरेटर प्लांट का संचालन, कम ऑक्सीजन में ज्यादा मरीजों को लाभ देना, ऑक्सीजन की कम से कम बर्बादी और ऑडिट से जुड़े मानकों पर फोकस किया गया।
सरकारी और निजी डॉक्टरों के साथ पैरामेडिकल और तकनीकी कर्मचारियों को प्रशिक्षित किया गया। इसका सबसे ज्यादा लाभ मिला है। इन मानकों की गणना के आधार पर चंडीगढ़ को प्रबंधन के क्षेत्र में सर्वश्रेष्ठ और अभिनव राज्य का पुरस्कार प्राप्त हुआ है। डॉ. मंजीत का कहना है कि यह उनकी पूरी टीम के सराहनीय योगदान और मेहनत का परिणाम है।
ऑक्सीजन प्रबंधन में पहले भी गाड़ चुके हैं झंडे
ऑक्सीजन जेनरेटर प्लांट और उसकी आपूर्ति से जुड़े विभिन्न मानकों पर सिटी ब्यूटीफुल इससे पहले भी उम्मीद से कई गुना ज्यादा अंक हासिल कर चुका है। इससे पहले भी केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने चंडीगढ़ को देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में सर्वोत्तम घोषित किया था। वहीं, कोरोना की दूसरी लहर के दौरान ऑक्सीजन प्रबंधन में शामिल चंडीगढ़ के विशेषज्ञों की ओर से तैयार किए गए स्टडी ऑडिट को अंतरराष्ट्रीय जरनल ऑफ पोस्ट ग्रेजुएट मेडिसिन, एजुकेशन एंड रिसर्च में भी स्वीकृति मिल चुकी है।
तकनीकी मानकों पर चंडीगढ़ का पिछला परिणाम ये था
- पीएसए मॉकड्रिल- 100 प्रतिशत
- पीएसए संयंत्र प्रशिक्षण (1.10 घंटे का प्रशिक्षण) - 105 प्रतिशत
- 180 घंटे का प्रशिक्षण - 128 प्रतिशत
- ओडीएएस पोर्टल का प्रयोग- 100 प्रतिशत
- ऑक्सीकेयर पोर्टल अपडेट - 100 प्रतिशत
- एनडीएमए पोर्टल अपडेट - 100 प्रतिशत