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Weather: पहाड़ों पर बर्फबारी... सर्द हवा ने बढ़ाई ठिठुरन, आज आंधी-बारिश का ऑरेंज अलर्ट; मौसम विभाग की एडवाइजरी
Tue, 20 Feb 2024 09:49 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, चंडीगढ़/पटियाला
अमर उजाला नेटवर्क, चंडीगढ़/पटियाला
Published by: शाहरुख खान
Updated Tue, 20 Feb 2024 09:49 AM IST
सार
Weather: पहाड़ों पर भारी बर्फबारी हुई है। इसके चलते पंजाब में सर्द हवा ने ठिठुरन बढ़ा दी है। पंजाब समेत उत्तर भारत में आज आंधी और बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। कुछ जगहों पर ओलावृष्टि की चेतावनी दी गई है।
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भारी बर्फबारी।
- फोटो : संवाद
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विस्तार
मौसम विभाग की तरफ से जारी रेड अलर्ट के बीच जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और हिमाचल प्रदेश की चोटियों पर सोमवार को दिनभर भारी हिमपात हुआ। मैदानी इलाकों में मूसलाधार बारिश भी हुई। पंजाब व चंडीगढ़ में दिनभर सर्द हवा चलने से लोगों ने ठिठुरन महसूस की।
वहीं, पंजाब के कुछ जिलों में बूंदाबांदी भी हुई। अभी दो दिन ऐसे ही हालात बने रहने की संभावना है, खासकर मंगलवार को पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड और पश्चिमी यूपी में कहीं बारिश, तो कहीं तेज हवाओं के साथ ओलावृष्टि हो सकती है, जिसको लेकर मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने बताया कि पश्चिम हिमालयी क्षेत्रों के साथ ही आसपास के क्षेत्रों में अभी दो कम दबाव का क्षेत्र बना है। अरब सागर से नमी लेकर पछुआ हवाएं भी चल रही हैं।
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इन दोनों के प्रभाव से ही पहाड़ी प्रदेशों के ऊंचाई वाले इलाकों में भारी बर्फबारी और मैदानी इलाकों में बारिश देखने को मिली है। इसके प्रभाव से अगले दो दिन कुछ इलाकों में हल्की तो कुछ में तेज बारिश हो सकती है। पहाड़ों पर हिमपात भी होगा।
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वहीं, पंजाब के कुछ जिलों में बूंदाबांदी भी हुई। अभी दो दिन ऐसे ही हालात बने रहने की संभावना है, खासकर मंगलवार को पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड और पश्चिमी यूपी में कहीं बारिश, तो कहीं तेज हवाओं के साथ ओलावृष्टि हो सकती है, जिसको लेकर मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
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भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने बताया कि पश्चिम हिमालयी क्षेत्रों के साथ ही आसपास के क्षेत्रों में अभी दो कम दबाव का क्षेत्र बना है। अरब सागर से नमी लेकर पछुआ हवाएं भी चल रही हैं।
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इन दोनों के प्रभाव से ही पहाड़ी प्रदेशों के ऊंचाई वाले इलाकों में भारी बर्फबारी और मैदानी इलाकों में बारिश देखने को मिली है। इसके प्रभाव से अगले दो दिन कुछ इलाकों में हल्की तो कुछ में तेज बारिश हो सकती है। पहाड़ों पर हिमपात भी होगा।
चेतावनी: कुछ दिन फसलों को न दें पानी
पश्चिमी विक्षोभ के असर से सोमवार को पंजाब के विभिन्न जिलों में 50 से 60 किलोमीटर की रफ्तार से तेज धूलभरी हवाएं चलीं। हालांकि हल्की बारिश केवल दो जगहों पर ही दर्ज की गई। पंजाब के अधिकतर जिलों में अगले कुछ दिनों के लिए मौसम विभाग की तरफ से चेतावनी जारी की है, जिसके तहत पंजाब के कई हिस्सों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी। विभाग ने किसानों के लिए भी एडवाइजरी जारी की है, जिसमें कहा गया है कि किसान अगले दो-तीन दिन बारिश के इस मौसम में फसलों को पानी देने से बचें। इस कारण उनकी फसल खराब हो सकती है और साथ ही जब तक बारिश है, वह फसलों में खाद का उपयोग भी न करें।
कश्मीर का देश से सड़क संपर्क कटा
जम्मू-कश्मीर में मौसम में बदलाव के बाद ठिठुरन बढ़ गई है। विश्व प्रसिद्ध स्की सेंटर गुलमर्ग में बर्फबारी से पर्यटकों व स्कीयर्स के चेहरे खिल गए हैं। जम्मू-श्रीनगर हाईवे रामबन इलाके में भूस्खलन के बाद बंद हो गया है। इसके साथ ही कश्मीर का देश से सड़क संपर्क भंग हो गया है। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों के दौरान बारिश और बर्फबारा जारी रहने की संभावना जताई है।
जम्मू-कश्मीर में मौसम में बदलाव के बाद ठिठुरन बढ़ गई है। विश्व प्रसिद्ध स्की सेंटर गुलमर्ग में बर्फबारी से पर्यटकों व स्कीयर्स के चेहरे खिल गए हैं। जम्मू-श्रीनगर हाईवे रामबन इलाके में भूस्खलन के बाद बंद हो गया है। इसके साथ ही कश्मीर का देश से सड़क संपर्क भंग हो गया है। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों के दौरान बारिश और बर्फबारा जारी रहने की संभावना जताई है।
गुलमर्ग में 15 फीट बर्फबारी
अधिकारियों ने कहा कि बारामुला जिले का गुलमर्ग स्कीइंग रिसॉर्ट जो बुधवार से चौथे खेलो इंडिया शीतकालीन खेलों की मेजबानी करने वाला है वहां पिछले 24 घंटों में लगभग 1.5 फीट ताजा बर्फबारी हुई है। इसके अलावा सोनमर्ग, गुरेज, लद्दाख, द्रास, पुंछ से सावजियां में भी जमकर बर्फबारी हुई। रविवार देर से लेकर सोमवार सुबह तक जम्मू कश्मीर के गुलमर्ग, बांदीपोरा, बारामुला, बनिहाल, बटोत, रामबन, पुंछ में हर जगह करीब 40 मिली मीटर बारिश रिकार्ड की गई है।
अधिकारियों ने कहा कि बारामुला जिले का गुलमर्ग स्कीइंग रिसॉर्ट जो बुधवार से चौथे खेलो इंडिया शीतकालीन खेलों की मेजबानी करने वाला है वहां पिछले 24 घंटों में लगभग 1.5 फीट ताजा बर्फबारी हुई है। इसके अलावा सोनमर्ग, गुरेज, लद्दाख, द्रास, पुंछ से सावजियां में भी जमकर बर्फबारी हुई। रविवार देर से लेकर सोमवार सुबह तक जम्मू कश्मीर के गुलमर्ग, बांदीपोरा, बारामुला, बनिहाल, बटोत, रामबन, पुंछ में हर जगह करीब 40 मिली मीटर बारिश रिकार्ड की गई है।
अटल टनल, जलोड़ी दर्रा बंद
हिमाचल में रेड अलर्ट के बीच हुई बर्फबारी के चलते सोमवार को अटल टनल रोहतांग और जलोड़ी दर्रा में आवाजाही ठप हो गई है। अटल टनल के दक्षिणी छोर पर करीब 30 सेंटीमीटर बर्फबारी दर्ज की गई है। लाहौल घाटी में अभी तक 30 से 60 सेंटीमीटर तक बर्फ गिर चुकी है। इसको देखते हुए लाहौल में मंगलवार और बुधवार के लिए शिक्षण संस्थान बंद कर दिए गए हैं।
हिमाचल में रेड अलर्ट के बीच हुई बर्फबारी के चलते सोमवार को अटल टनल रोहतांग और जलोड़ी दर्रा में आवाजाही ठप हो गई है। अटल टनल के दक्षिणी छोर पर करीब 30 सेंटीमीटर बर्फबारी दर्ज की गई है। लाहौल घाटी में अभी तक 30 से 60 सेंटीमीटर तक बर्फ गिर चुकी है। इसको देखते हुए लाहौल में मंगलवार और बुधवार के लिए शिक्षण संस्थान बंद कर दिए गए हैं।
हिमस्खलन का खतरा
बर्फबारी से कई इलाकों में हिमखंड खिसकने का खतरा बना हुआ है। राजधानी शिमला और धर्मशाला सहित प्रदेश के अधिकतर निचले क्षेत्रों में सोमवार दोपहर 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से अंधड़ चला। मनाली में फाहे गिरे। बर्फबारी से नेहरूकुंड में ट्रैफिक जाम रहा। कांगड़ा जिले में धौलाधार की पहाड़ियों पर भी बर्फबारी हुई है। चंबा, कुल्लू और शिमला जिले में कई जगह बारिश भी हुई।
बर्फबारी से कई इलाकों में हिमखंड खिसकने का खतरा बना हुआ है। राजधानी शिमला और धर्मशाला सहित प्रदेश के अधिकतर निचले क्षेत्रों में सोमवार दोपहर 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से अंधड़ चला। मनाली में फाहे गिरे। बर्फबारी से नेहरूकुंड में ट्रैफिक जाम रहा। कांगड़ा जिले में धौलाधार की पहाड़ियों पर भी बर्फबारी हुई है। चंबा, कुल्लू और शिमला जिले में कई जगह बारिश भी हुई।
पंजाब में दिन भर चलीं तेज हवाएं, आज हल्की मध्यम बारिश की संभावना
उधर, पंजाब के अधिकतर जिलों में अगले कुछ दिनों के लिए मौसम विभाग की तरफ से चेतावनी जारी की है। इसके चलते ही विभाग ने किसानों के लिए भी एडवाइजरी जारी की है, जिसमें कहा गया है कि किसान अगले दो-तीन दिन बारिश के इस मौसम में फसलों को पानी देने से बचें। इस कारण उनकी फसल खराब हो सकती है और साथ ही जब तक बारिश है, वह फसलों में खाद का उपयोग भी न करें।
इसके अलावा गेहूं का समय-समय पर सर्वे करने की भी सलाह दी गई है। पिछले कुछ दिनों से चल रहे शुष्क मौसम के बाद अचानक बारिश से भी फसलों में कई तरह के रोग हो सकते हैं, जिस कारण भी किसानों को इससे बचने की सलाह दी गई है। विभाग के अनुसार पूरे प्रदेश में सोमवार को तेज हवाएं चलीं। हवाएं चलने की अधिकतम गति 45 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा रही, जबकि सामान्य 15 से 20 प्रति घंटा के हिसाब से हवाएं चलती रहीं। मंगलवार को हल्की मध्यम बारिश होनी की संभावना है।
पठानकोट व अमृतसर के कुछ हिस्सों में मामूली बारिश भी हुई। तेज हवाओं ने बारिश की संभावनाओं को खत्म कर दिया। विभाग के अनुसार अमृतसर में अधिकतम तापमान 24 डिग्री दर्ज किया गया। इसके अलावा पठानकोट में अधिकतम तापमान 20.9 डिग्री, पटियाला में 24.7, बठिंडा में 25.4, फिरोजपुर में 23.9, समराला में 26 और मोहाली में 24.3 डिग्री दर्ज किया गया है। विभाग ने किसानों के लिए जारी अपनी एडवाइजरी में कहा है कि फ्लैग स्मट से प्रभावित गेहूं के पौधों को उखाड़कर जला देना चाहिए। इस रोग में पौधों की पत्तियों पर चमकीली काली रंग की लंबी धारियां नसों के तरह पाई जाती हैं। जैसे-जैसे यह रोग बढ़ता है तो पत्ती की ऊपरी सतह फट जाती है और धारियों में से काले रंग का पाउडर निकलना शुरू हो जाता है जो फसलों को नुकसान पहुंचाता है। टनल में तैयार सब्जियों से समय पर प्लास्टिक शीट्स उतारने के लिए भी कहा गया है, क्योंकि ये सब्जियों को नुकसान पहुंचा सकती हैं। सर्दी के मौसम में उगाए जाने फलों पर फिलहाल थोड़ा-थोड़ा पानी का इस्तेमाल किया जा सकता है। आड़ू और बेर आदि फलों के लिए भी इन्हीं बातों का ध्यान रखने की बात कही गई है।
कई सब्जियों की पैदावार में हो सकती है देरी
कृषि विशेषज्ञ राहुल महाजन ने बताया कि वैसे बारिश का कोई नुकसान नहीं है, लेकिन इससे थोड़ी ठंड बढ़ने के कारण कई सब्जियों की पैदावार में देरी हो सकती है। खीरा, तोरी, ककड़ी व घीया की पैदावार के लिए किसानों को प्रदेश में इंतजार करना पड़ सकता है। हालांकि प्रदेश में गेहूं व चावल ही अधिक उगाया जाता है। जिन किसानों ने पहले ही गेहूं उगाना शुरू कर दिया है, उनकी फसल को बारिश के बाद चलने वाली हवा नुकसान पहुंचा सकती है। वैसे इस बारिश से फसलों को ज्यादा कोई नुकसान नहीं है।