पंजाब में कम नहीं हुई मुसीबत फिर आ रही 'आफत', इन दो दिनों भारी बारिश का अलर्ट
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पंजाब में मौसम विभाग ने 30 और 31 अगस्त को फिर भारी बरसात का अलर्ट जारी कर दिया है। ऐसे में बाढ़ प्रभावित एरिया में फंसे लोगों के लिए नई मुसीबत खड़ी हो सकती है।
पीएयू के मौसम विभाग के डॉ. केके गिल के अनुसार 28 और 29 अगस्त को कुछ इलाकों में हल्की बरसात हो सकती है। 30 और 31 अगस्त को ज्यादा बारिश का अलर्ट है। अगस्त में 190 एमएम बरसात को सामान्य माना जाता है। अभी तक 354 एमएम बरसात हो चुकी है।
कमिश्नर, डीसी और एसएसपी ने किया टिंडीवाला बांध का निरीक्षण
उधर, फिरोजपुर के कई गांवों से बाढ़ का पानी निकल चुका है और अब ग्रामीण विभिन्न बीमारियों से जूझ रहे हैं। सबसे ज्यादा पेट दर्द और उल्टी-दस्त की शिकायतें सामने आ रही हैं। फिरोजपुर के सिविल सर्जन हरि नारायण का कहना है कि सेहत विभाग की दस टीमें बाढ़ प्रभावित गांवों में एंटी लारवा दवा का छिड़काव कर रही हैं।
मक्खू और घल्लखुर्द के गांवों में दवा का छिड़काव करवाया है। बीमार ग्रामीणों का इलाज किया जा रहा है। मेडिकल टीमें गांवों में कैंप भी लगा रही हैं। गांव कालूवाला के दर्शन सिंह ने बताया कि गांव में पानी का स्तर कम हुआ है लेकिन बहुत से लोग त्वचा रोग से पीड़ित हैं। कई लोगों को पेट दर्द और उल्टी-दस्त हैं। गांव बंडाला से बलविंदर कौर ने बताया कि पानी निकलने के बाद बहुत बदबू है।
फिरोजपुर के कमिश्नर सुमेर गुज्जर, डीसी चंद्र गैंद और एसएसपी विवेक एस सोनी ने मंगलवार को सीमांत गांव टिंडीवाला में बने नए रिंग बांध का निरीक्षण किया। ड्रेनेज विभाग के एक्सईएन संदीप गोयल ने निरीक्षण करने पहुंचे जिला और पुलिस प्रशासन के अधिकारियों को जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मंगलवार शाम तक बांध बनकर तैयार हो जाएगा।
डीसी ने कहा कि रिंग बांध पहले वाले बांध से कुछ फुट की दूरी पर बनाया है, यदि पहले वाले बांध को नुकसान पहुंचता है तो रिंग बांध पूरे गांव को सुरक्षित रखेगा। टिंडीवाला के पास पाकिस्तान की ओर से सतलुज नदी में पानी आ रहा है। डीसी ने कहा कि संबंधित विभाग के अधिकारियों को बाढ़ प्रभावित गांवों में हुए नुकसान की रिपोर्ट तैयार करने का आदेश जारी किया है।
अधिकारियों को विस्तार से रिपोर्ट बनाने को कहा है, जिसमें घर, फसलें, पशु और जानी नुकसान शामिल हैं। डीसी ने कहा कि जितनी जल्दी रिपोर्ट तैयार होगी, उतनी जल्दी बाढ़ पीड़ितों को मुआवजा दिया जाएगा। रिपोर्ट तैयार करने को सभी अधिकारियों की ड्यूटी लगा दी गई है।
बाढ़ के पानी से निकाले 85 मृत पशु
मुंडी शहरियां लोहियां क्षेत्र का ऐसा गांव है, जो जालंधर से निकलने वाले गंदे नाले के पास बसा है। जानिया चाहल में 500 फीट दरार पड़ी तो सतलुज का पानी सीधा गंदे नाले में आकर मिल गया और गंदे नाले का पानी बाढ़ के पानी के साथ पूरे इलाके में फैल गया। हालात इस कदर बद से बदतर थे कि छह गांवों मुंडी शहरियां, गाटा मुंडी, मुंडी केशव, धक्का बस्ती, मंडाला छन्ना में बुरा हाल था।
इलाके में पांच फीट के करीब पानी भरा हुआ था और पूरे इलाके में बदबू फैली हुई थी। पानी में 85 पशुओं की मौत हो गई थी, जिनको बाहर निकाला जा चुका था। मृत पशु के कारण बीमारियां फैलने का खतरा बन चुका है।
डिप्टी कमिश्नर वरिंदर शर्मा ने बताया कि हमारा फोकस जहां बांध को बनाने में है, वहीं लोगों को किसी तरह से बाढ़ के पानी से निकालना है। बाढ़ प्रभावित गांवों में महामारी न फैले, इसके लिए 21 गांवों में 21 मिनी क्लीनिक स्थापित किए गए हैं। प्रत्येक क्लीनिक में सीनियर चिकित्सक की ड्यूटी लगायी गई है। आपातकालीन दवाओं का भंडार कर लिया गया है।