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मौसम की मार : ओपीडी में वायरल और बुखार के मरीजों की भरमार

Wed, 25 Sep 2024 05:43 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Wed, 25 Sep 2024 05:43 AM IST
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Weather effect: OPD is full of viral and fever patients
चंडीगढ़।
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तापमान में हो रहे उतार-चढ़ाव के कारण लोगों की सेहत पर दुष्प्रभाव पड़ रहा है। स्थिति यह है कि पिछले पांच दिन में अस्पतालों की ओपीडी में वायरल और बुखार के मरीजों की संख्या तीन से चार गुना बढ़ गई है। 10 दिन पहले तक जहां बुखार और वायरस के 40 से 50 मरीज पहुंच रहे थे। वहीं, अब इनका आंकड़ा 150 से 200 के पार जा पहुंचा है। मरीजों की बढ़ती संख्या को ध्यान में रखते हुए जीएमएसएच-16 की इमरजेंसी में बुखार के मरीजों के लिए अलग बेड आरक्षित कर दिए हैं। वहीं, दवाओं व अन्य आवश्यक चीजों की भरपूर उपलब्धता सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया गया है।
विशेषज्ञ उन्हें खान-पान में एहतियात बरतने के साथ ही गर्मी और ठंड के बीच संतुलित स्थापित करने की सलाह दे रहे हैं। एसी में न बैठने, ठंडा पानी न पीने व ठंडी चीजें न खाने की सलाह दी जा रही है। इस दौरान स्कूली बच्चों पर विशेष रूप से ध्यान देने की बात भी कही जा रही है, क्योंकि दोपहर की तेज धूप के दौरान वे गर्मी और उमस के कारण तेजी से संक्रमण की चपेट में आ रहे हैं।
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बच्चे और बड़ों का रखें विशेष ख्याल
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. विक्रम बेदी का कहना है कि मौसम में बदलाव के दौरान बच्चे और बड़े सभी तेजी से संक्रमण की चपेट में आते हैं। ऐसी स्थिति में बच्चों पर विशेष रूप से ध्यान देना जरूरी है। सफाई के साथ ही उनके खान-पान को लेकर सचेत रहने की जरूरत है। वहीं, बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. गुंजन बवेजा का कहना है कि बारिश के जाने और ठंड शुरू होने के बीच मौसम काफी स्विंग करता है। इस मौसम में संक्रमण फैलने का खतरा ज्यादा रहता है। इन दिनों कॉमन कोल्ड, ब्रोंकाइटिस, सर्दी-जुकाम, खांसी, सांस लेने में परेशानी, गले में खराश, सिर में जकड़न, दमे का दौरा, वायरल फीवर परेशान कर रहा है लेकिन बच्चों में सबसे ज्यादा शिकायत वायरल और बुखार की आ रही है।
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ये नुस्खे हैं कारगर

नेशनल आयुष मिशन के नोडल अधिकारी डॉ. राजीव कपिला ने बताया कि बुखार भगाने के लिए आप गिलोय का काढ़ा पी सकते हैं। एंटी-इंफ्लामेटरी, एंटी पायरेटिक गुणों के कारण ये बुखार को आने ही नहीं देता है। वहीं, हर दिन अगर नीम की पत्तियां खाते हैं तो तेज बुखार, मलेरिया, फ्लू, डेंगू और वायरस समेत कई संक्रमण से बच सकते हैं। इन पत्तियों में बैक्टीरिया और वायरस को खत्म करने की क्षमता होती है, जबकि तुलसी के पत्ते में एंटीपायरेटिक और डायफोरेटिक गुण पाए जाते हैं। ये पसीना बढ़ाते हैं और शरीर के तापमान को कम करते हैं। बुखार में तुलसी के पत्ते का रस काफी लाभदायक होता है। डॉ. राजीव का कहना है कि कोविड के दौरान लिए जाने वाले आयुष काढ़ा का सेवन भी डेंगू-मलेरिया से बचाव में फायदेमंद साबित हो सकता है। दालचीनी का काढ़ा भी फायदेमंद होता है। आयुर्वेद में इस काढ़े को बुखार का सबसे बेहतरीन दवा बताया है। वहीं, अदरक का रस एंटी बैक्टीरियल, एंटी-इंफ्लामेटरी गुणों से भरपूर होता है। यह रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाकर संक्रमण से बचाता है। साथ ही हल्दी वाला दूध लेना न भूलें, क्योंकि यह शरीर में गर्माहट पैदा करता है और संक्रमण को जड़ से खत्म कर सकता है। इससे दर्द में भी आराम मिलता है।



बचाव के लिए इसका रखे ध्यान-

गला खराब हो तो गर्म पानी और नमक से गरारे करें

इस मौसम में मॉल, बाजार जैसी भीड़ वाली जगहों पर जाने से बचें

सूप, जूस और गुनगुना पानी से फायदा होता है

खाने से पहले और खाने के बाद हाथ अच्छी तरह साफ करें

फ्रिज का ठंडा पानी और आइसक्रीम का इस्तेमाल न करें

बदलते मौसम में हरी सब्जी, पानी और फल का बराबर मात्रा में सेवन करें

गर्मी का मौसम शुरू होते ही मच्छर बढ़ना शुरू हो जाते हैं, इसलिए आसपास पानी जमा न होने दें
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