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मुख्यमंत्री से निराश्ा लोगों के लिए 150 एनआरआई ने बढ़ाए हाथ्ा
महिंदर सिंह/अमर उजाला, मोगा
Updated Sun, 02 Feb 2014 12:11 AM IST
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गांव डरोली भाई में नेचुरल वाटर ट्रीटमेंट प्लांट बनाने की मांग को लेकर जब ग्रामीण राज्य के मुख्यमंत्री के पास आर्थिक मदद के लिए गए तो उन्होंने टालमटोल कर ग्रामीणों को खाली हाथ लौटा दिया।
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तब ग्रामीणों की मदद के लिए विदेशों में बसे इसी गांव के करीब 150 लोग आगे आए। प्रवासियों ने प्लांट लगाने के लिए एक-एक लाख रुपये देने का वादा किया और दूषित हो रहे जमीनी पानी को बचाने के लिए गांव में नेचुरल वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण शुरू करवा दिया।
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चार करोड़ की लागत से बनने वाले इस प्लांट को अपने दम में तैयार करने में जुटे ग्रामीणों ने भी एनआरआई के मदद मिलने पर इस काम के लिए एक ट्रस्ट बना लिया है। प्लांट के निर्माण पर अब तक 34 लाख रुपये खर्च किए जा चुके हैं। ग्रामीणों ने इस बारे में संत सींचेवाल से भी संपर्क किया है।
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पिछले साल वर्ष मोगा विधानसभा के उपचुनाव के बाद मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के इस हलके में संगत संगत दर्शन प्रोग्राम किया था।
उस समय गांव डरोली भाई के ग्रामीणों ने इस प्रोजेक्ट के लिए ग्रांट की मांग की लेकिन मुख्यमंत्री ने उनकी मांग को टाल दिया। तब गांव के लोगों ने मिलकर माता दमोदरी देवी ट्रस्ट बनाया और प्लांट बनाने की योजना तैयार करनी शुरू की।
गांव के निवासी ट्रस्ट सदस्य गुरचरन सिंह संघा ने बताया कि सीएम के मांग को टालने के बाद गांव से विदेश में जाकर बसे लोग ही आगे आए।
उन्होंने बताया कि उनके गांव के करीब 150 लोग विदेश में बसे हैं। सभी ने प्लांट लगाने के लिए एक-एक लाख रुपये देने का वादा किया।
ग्रामीणों ने भी सहयोग को हाथ बढ़ाया और प्लांट का काम शुरू हो गया। उन्होंने बताया कि गांव में तीन तालाब हैं, जिनमें से एक को बंद कर दिया गया है और दो तालाबों में वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का काम शुरू किया गया है।
तीन टैंक बना कुदरती ढंग से पानी साफ होकर गांव में खेतों में सिंचाई के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। इसके अलावा अंडरग्राउंड पाइप डालकर घरों का गंदा पानी ट्रीटमेंट प्लांट में जाएगा।
इसके लिए 168 कनेक्शन दिए गए हैं। इसके एवज में सभी से एक-एक हजार रुपया लिया जा रहा है। संघा बताते हैं कि उनके गांव के लोग काला पीलिया, कैंसर समेत कई अन्य बीमारियों से पीड़ित हैं।
गांव में ट्रीटमेंट प्लांट लगने से बीमारियों से ही निजात नहीं मिलेगी बल्कि उनका गांव दूसरे गांवों के लिए मॉडल भी बनेगा।