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चंडीगढ़वासियों को झटका, पेड पार्किंग के बाद अब पानी के रेट बढ़ेंगे!
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sun, 19 Mar 2017 09:22 AM IST
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Municipal Corporation office Chandigarh
- फोटो : File Photo
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चंडीगढ़वासियों को मिलने वाला पानी तीन गुना तक महंगा होने जा रहा है। सोमवार को सदन की बैठक में पानी का रेट बढ़ाने का निर्णय लिया जा सकता है। पानी का रेट बढ़ाने का प्रस्ताव शनिवार रात पार्षदों के घर नगर निगम की ओर से पहुंचाया गया है।
नगर निगम की ओर से अभी जो प्रस्ताव तैयार किया गया है उसके अनुसार पानी दो से तीन गुना तक महंगा हो जाएगा। प्रस्ताव के साथ हर साल पानी की सप्लाई से होने वाले घाटे की भी जानकारी दी गई है। अधिकारियों ने दावा किया है कि साल 2015-16 में नगर निगम को पानी की सप्लाई पर 61 करोड़ रुपये का घाटा हुआ है, जबकि कुल खर्च 132 करोड़ रुपये का हुआ है।
मालूम हो कि पिछले माह ही नगर निगम ने पेड पार्किंग का रेट बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। ऐसा पहली बार हो रहा है कि जब शहरवासियों पर एक साथ बोझ डाला जा रहा है। निगम की ओर से जो प्रस्ताव तैयार किया गया है उनमें प्रति माह 30 किलो लीटर (एक किलो लीटर में एक हजार लीटर) तक पानी का प्रयोग करने वालों पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा। उन्हें बढ़े हुए रेट से छूट दी गई है। शहर में सवा लाख पानी के कनेक्शन हैं। विभाग के अनुसार जो नए रेट प्रस्तावित किए गए हैं, वह कम है। इससे पहले नगर निगम ने साल 2009 में मामूली पानी के रेट बढ़ाए थे। प्रस्ताव में यह भी शामिल किया गया है कि जो बगैर मीटर वाले पानी के कनेक्शकन लगे है उनके लिए मीटर जरूरी कर दिया जाएगा अगर उपभोक्ता ऐसा नहीं करेंगे तो उनसे ज्यादा पानी का रेट चार्ज किया जाएगा।
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नगर निगम की ओर से अभी जो प्रस्ताव तैयार किया गया है उसके अनुसार पानी दो से तीन गुना तक महंगा हो जाएगा। प्रस्ताव के साथ हर साल पानी की सप्लाई से होने वाले घाटे की भी जानकारी दी गई है। अधिकारियों ने दावा किया है कि साल 2015-16 में नगर निगम को पानी की सप्लाई पर 61 करोड़ रुपये का घाटा हुआ है, जबकि कुल खर्च 132 करोड़ रुपये का हुआ है।
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मालूम हो कि पिछले माह ही नगर निगम ने पेड पार्किंग का रेट बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। ऐसा पहली बार हो रहा है कि जब शहरवासियों पर एक साथ बोझ डाला जा रहा है। निगम की ओर से जो प्रस्ताव तैयार किया गया है उनमें प्रति माह 30 किलो लीटर (एक किलो लीटर में एक हजार लीटर) तक पानी का प्रयोग करने वालों पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा। उन्हें बढ़े हुए रेट से छूट दी गई है। शहर में सवा लाख पानी के कनेक्शन हैं। विभाग के अनुसार जो नए रेट प्रस्तावित किए गए हैं, वह कम है। इससे पहले नगर निगम ने साल 2009 में मामूली पानी के रेट बढ़ाए थे। प्रस्ताव में यह भी शामिल किया गया है कि जो बगैर मीटर वाले पानी के कनेक्शकन लगे है उनके लिए मीटर जरूरी कर दिया जाएगा अगर उपभोक्ता ऐसा नहीं करेंगे तो उनसे ज्यादा पानी का रेट चार्ज किया जाएगा।
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इन लोगों पर नहीं पड़ेगा असर
इन लोगों पर नहीं पड़ेगा असर
इस समय प्रति व्यक्ति पानी शहर में 245 लीटर है, जबकि स्मार्ट सिटी में 135 लीटर पानी देने की बात कही गई है। ऐसे में उक्त पहले दो फेज में 30 किलो लीटर पानी प्रयोग करने वालों पर असर नहीं पड़ेगा इसमे शहर की कालोनियां और ग्रामीण इलाके आएंगे।
किन पड़ेगा सबसे ज्यादा असर
बढ़े हुए पानी के रेट का सबसे ज्यादा उत्तरी सेक्टर के पाश इलाकों पर पड़ेगा जो कि टरशरी वाटर का प्रयोग करके पीने वाले पानी से ही अपने लान की सप्लाई करते है। पाश इलाके के लोग में प्रति व्यक्ति एक हजार लीटर से अधिक पानी की खपत है। जबकि स्मार्ट सिटी में 135 लीटर पानी देने की बात की गई है।
कांग्रेस करेगी विरोध
कांग्रेस पार्षद दवेंद्र सिंह बबला का कहना है कि भाजपा की ओर से शहरवासियों पर लगातार टैक्स का बोझ बढ़ाया जा रहा है जो कि गलत है। उनका कहना है कि नगर निगम को पहले जो पाइपों की लीकेज के कारण पानी की बर्बादी हो रही है उसको रोकना चाहिए। वह सदन में इस प्रस्ताव का विरोध करेंगे।
रिपोर्ट भी तैयार की गई
इंजीनियरिंग विंग की ओर से अलग अलग एरिया में पानी की खपत की भी डिटेल रिपोर्ट तैयार की गई है। इसके अनुसार पाश एरिया के सेक्टरों में प्रति व्यक्ति 934 से 1376 लीटर का प्रयोग करते हैं। रिपोर्ट के अनुसार दक्षिणी के मुकाबले में उत्तरी सेक्टर के लोग ज्यादा पानी की खपत करते हैं। सेक्टर-2,3,4,5 से 9 तक में प्रति व्यक्ति एक हजार लीटर से ज्यादा खपत है।
इस समय प्रति व्यक्ति पानी शहर में 245 लीटर है, जबकि स्मार्ट सिटी में 135 लीटर पानी देने की बात कही गई है। ऐसे में उक्त पहले दो फेज में 30 किलो लीटर पानी प्रयोग करने वालों पर असर नहीं पड़ेगा इसमे शहर की कालोनियां और ग्रामीण इलाके आएंगे।
किन पड़ेगा सबसे ज्यादा असर
बढ़े हुए पानी के रेट का सबसे ज्यादा उत्तरी सेक्टर के पाश इलाकों पर पड़ेगा जो कि टरशरी वाटर का प्रयोग करके पीने वाले पानी से ही अपने लान की सप्लाई करते है। पाश इलाके के लोग में प्रति व्यक्ति एक हजार लीटर से अधिक पानी की खपत है। जबकि स्मार्ट सिटी में 135 लीटर पानी देने की बात की गई है।
कांग्रेस करेगी विरोध
कांग्रेस पार्षद दवेंद्र सिंह बबला का कहना है कि भाजपा की ओर से शहरवासियों पर लगातार टैक्स का बोझ बढ़ाया जा रहा है जो कि गलत है। उनका कहना है कि नगर निगम को पहले जो पाइपों की लीकेज के कारण पानी की बर्बादी हो रही है उसको रोकना चाहिए। वह सदन में इस प्रस्ताव का विरोध करेंगे।
रिपोर्ट भी तैयार की गई
इंजीनियरिंग विंग की ओर से अलग अलग एरिया में पानी की खपत की भी डिटेल रिपोर्ट तैयार की गई है। इसके अनुसार पाश एरिया के सेक्टरों में प्रति व्यक्ति 934 से 1376 लीटर का प्रयोग करते हैं। रिपोर्ट के अनुसार दक्षिणी के मुकाबले में उत्तरी सेक्टर के लोग ज्यादा पानी की खपत करते हैं। सेक्टर-2,3,4,5 से 9 तक में प्रति व्यक्ति एक हजार लीटर से ज्यादा खपत है।