हरियाणा में उफान पर नदियां, एक हजार एकड़ फसल डूबी, हथनीकुंड बैराज से छोड़ा गया पानी
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मैदानी और पर्वतीय इलाकों में लगातार हो रही बारिश से यमुना, सोम, पथराला समेत कई नदियां उफना गई हैं। छछरौली इलाके में नदियों का पानी गांवों में घुस रहा है। एक हजार से ज्यादा एकड़ में धान की फसल जलमग्न हो गई है। हथनीकुंड बैराज से 18000 क्यूसेक पानी यूपी की ओर छोड़ा गया है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक मेघ 5 और 6 अगस्त को पूरे प्रदेश की धरती को तर कर सकते हैं।
यमुना का जलस्तर बढ़ने पर शुक्रवार रात को अतिरिक्त पानी को पूर्वी यमुना नहर में छोड़ दिया गया, जिससे हरियाणा से सटे सहारनपुर के बेहट क्षेत्र में दो से तीन फीट तक पानी भर गया। वहीं, शाकंभरी देवी मंदिर की खोल में पानी का तेज बहाव होने के कारण श्रद्धालु भी दर्शन करने के लिए मंदिर तक नहीं पहुंच सके। उधर, बेहट-बिहारीगढ़ मार्ग पर यात्री बसों का संचालन कई घंटे तक बंद रहा।
मौसम विभाग के मुताबिक मानसून सीजन में हरियाणा अब भी सामान्य से 28 प्रतिशत कम बारिश से जूझ रहा है। सावन में लगातार होने वाली बारिश अभी नहीं देखी गई है। मानसून की सुस्ती और खंड-खंड होती बारिश के चलते हरियाणा के 15 जिलों में अब भी सूखे जैसी स्थिति है। पंचकूला और रोहतक में क्रमश: 69 और 62 प्रतिशत कम बारिश हुई है।
वहीं सिरसा, करनाल और कुरुक्षेत्र में सामान्य से अधिक बारिश हो चुकी है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक चार अगस्त को प्रदेश के उत्तरी जिलों में ही बारिश की संभावना है, जबकि पांच और छह अगस्त को पूरे प्रदेश में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। सात अगस्त को भी छिटपुट बारिश के आसार हैं।
यमुना का जलस्तर घटा
शुक्रवार को जहां यमुना का जलस्तर 52 हजार क्यूसेक तक पहुंच गया था। वहीं शनिवार को जलस्तर करीब तीस हजार क्यूसेक दर्ज किया गया। शाम पांच बजे तक यह 25 हजार क्यूसेक रह गया।
आज यहां बारिश के आसार
पंचकूला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, कैथल और करनाल
सात को यहां बारिश की संभावना
सिरसा, फतेहाबाद, हिसार, जींद, भिवानी और चरखी दादरी
बीते 24 घंटे में यहां हुई बारिश (मिमी)
भिवानी-50.4
पानीपत- 40.0
अंबाला- 30.5
चंडीगढ़-7.1
करनाल-4.6