अब दीवारों पर लगे पोस्टर, यहां आसपास भी फटके तो गोली मार देंगे
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पठानकोट एयरफोर्स में हुए आतंकी हमले के बाद से ही सख्त एयरफोर्स अथारिटी ने जारी की घुसपैठ पर चेतावनी। दरअसल एयरफोर्स स्टेशन अंबाला में अब यदि किसी भी संदिग्ध ने घुसपैठ करने की कोशिश की तो उसे गोली मार दी जाएगी। इसलिए लोगों को एयरफोर्स की सेफ्टी वाल से दूर रहने के आदेश दिए गए हैं।
ये आदेश मिनीस्ट्री ऑफ डिफेंस के अंतर्गत एयरफोर्स अथारिटी ने देशभर के सभी एयरफोर्स स्टेशनों को जारी किए हैं। पठानकोट एयरबेस में आतंकी हमले के बाद यह कदम उठाए गए है। अंबाला एयरफोर्स अथारिटी के पास भी संबंधित निर्देश पहुंच चुके हैं और इन्हीं निर्देशों के चलते अंबाला एयरफोर्स अथारिटी ने इस मामले में सख्ती कर दी। अथारिटी ने अंबाला के तीनों एयरफोर्स स्टेशनों की दीवारों पर इस आशय के पोस्टर चस्पा कर दिए हैं। इन पोस्टरों पर साफ अंकित कर दिया गया है, घुसपैठियों को देखते ही गोली मार दी जाएगी।
इसलिए महत्वपूर्ण है अंबाला एयरफोर्स स्टेशन
अंबाला में तीन एयरफोर्स स्टेशन हैं। एयरफोर्स की 7वीं विंग यहीं मौजूद है। प्रमुख एयरफोर्स स्टेशन कैंटोनमेंट क्षेत्र में है, जो करीबन 16 किलोमीटर के दायरे में फैला हुआ है। ये हरियाणा का सबसे बड़ा और उतर भारत का सबसे महत्वपूर्ण एयरफोर्स स्टेशन है। इसके अतिरिक्त अंबाला के कालपी व बकनौर में भी दो छोटे एयरफोर्स स्टेशन मौजूद हैं, जो आपातकालीन स्थिति में इस बड़े एयरफोर्स स्टेशन के दबाव को कम करने के लिए बनाए गए हैं।
अंबाला एयरफोर्स स्टेशन में भी घुस चुका है आतंकी
पाक कर चुका है अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पर हमला सन 1971 के भारत-पाक युद्ध में पाक एयरफोर्स एफ-86 सैबर्स के लड़ाकू विमान अंबाला तक आ गए थे। उन्होंने अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पर बम भी गिराए थे, लेकिन हड़बड़ाहट में ये बम एयरफोर्स स्टेशन के बिल्कुल साथ लगते सेंट पॉल चर्च और खाली खेतों में गिर गए। वापसी में पाक के इस लड़ाकू विमान को शंभू के पास मार गिराया गया था।
अंबाला एयरफोर्स स्टेशन में कई बार घुसपैठ व जासूसी की कोशिशें हो चुकी हैं। पिछले दिनों एक नेपाली युवक फेंसिंग से कूदकर एयरफोर्स स्टेशन के भीतर घुस गया था। उसे भी काबू कर सिविल पुलिस को सौंपा गया, मामले की अभी जांच चल रही है। सन 1991-92 की सर्दियों में आतंकवादी मेजर सिंह टुंडा भी एयरफोर्स स्टेशन में घुस गया था। बाद में उसे एयरफोर्स स्टेशन के भीतर ही मुठभेड़ में मार दिया गया था।
लेकिन ये हैं सुरक्षा में छेद
एयरफोर्स स्टेशन की सुरक्षा दीवार के एक से दो मीटर की दूरी पर कई अवैध कालोनियां बलदेव नगर इलाके में कट चुकी हैं। लोगों ने यहां बिना अनमुति मकान बना लिए हैं। इनकी छतों से कोई भी रात के समय एयरफोर्स स्टेशन के भीतर घुसपैठ कर सकता है। ये हाल तब है जबकि सुरक्षा दीवार से 100 मीटर के दायरे में कोई भी निर्माण प्रतिबंधितहै। सुरक्षा दीवार के महज दो मीटर की दूरी पर ट्रांसपोर्टर नगर के कई कामर्शियल भवन भी बन गए हैं। ये सब प्रशासन और एयरफोर्स अथारिटी की चौकसी की कहानी कहते हैं।