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वार्डबंदी का खाका तैयार, आखिरी मंजूरी के लिए प्रशासक को भेजा प्रस्ताव
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माई सिटी रिपोर्टर
चंडीगढ़। 14 साल बाद शहर में वार्ड की संख्या बढ़ाने की तैयारी हो चुकी है। डीसी मनदीप सिंह बराड़ ने वार्डबंदी के खाके को तैयार कर लिया है और आखिरी मंजूरी के लिए पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक वीपी सिंह बदनौर को भेज दिया है। अगले वर्ष दिसंबर के महीने में नगर निगम के चुनाव होने हैं। सूत्रों के अनुसार नगर निगम का अगला चुनाव 32 वार्ड पर हो सकता है। प्रशासन 6 नए वार्ड बनाने की तैयारी कर रहा है।
डीसी ऑफिस की तरफ से भेजे गए प्रस्ताव पर मंजूरी मिलने के बाद गृह सचिव अरुण कुमार गुप्ता की ओर से इस संबंध में मसौदे की अधिसूचना जारी कर दी जाएगी। शहर में वार्डों की संख्या को बढ़ाने के फैसले पर लोगों से सुझाव व आपत्तियां आमंत्रित की जाएंगी। इसके लिए शहरवासियों को 30 दिन का समय मिलेगा। सुझाव और आपत्तियों को देखने के बाद प्रशासन वार्ड की संख्या बढ़ाने को लेकर आदेश जारी कर देगा। इस संबंध में प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यूटी प्रशासक से वार्डबंदी की मंजूरी मांगी गई है। उन्होंने बताया कि डिप्टी कमिश्नर की इसे लेकर प्रशासन के अधिकारियों के साथ कई बैठकें हो चुकी हैं और प्रशासक से आखिरी मंजूरी मिलते ही नगर निगम के नए वार्डों की अधिसूचना जारी कर दी जाएगी। इसके लिए अलग-अलग विभागों की तरफ से पहले ही सहमति ली जा चुकी है। अधिकारी ने बताया कि 13 गांवों के नगर निगम में शामिल होने की वजह से 6 नए वार्ड बढ़ाए जा सकते हैं। उन्होंने बताया कि दिसंबर तक इस प्रक्रिया को पूरा कर लिया जाएगा।
धनास स्मॉल फ्लैट्स समेत गांवों को मिलेगा पार्षद
नई वार्डबंदी इलाकों की जनसंख्या को देखते हुए की जाएगी। नई वार्डबंदी के बाद हर वार्ड में मतदाताओं की संख्या 20 हजार से 30 हजार तक हो सकती है। मौजूदा समय में किसी वार्ड में 20 हजार वोट हैं तो किसी वार्ड में 45 हजार से भी ज्यादा है। नगर निगम में अभी 26 वार्ड हैं। वार्डबंदी करने की प्रक्रिया इसलिए भी महत्वपूर्ण हो जाती है, क्योंकि पिछले वर्ष 13 नए गांव भी शामिल हुए हैं। इन गांवों में बहलाना, रायपुर खुर्द, रायपुरकलां, मक्खनमाजरा, दड़वा, मौलीजागरां, किशनगढ़, कैंबवाला, खुड्डा अलीशेर, खुड्डा जस्सू, खुड्डा लाहौरा, सारंगपुर और धनास शामिल हैं। इसके अलावा धनास की पुनर्वास कालोनी में 8848 फ्लैट्स हैं, जहां कई हजार लोग रहते हैं, लेकिन अभी तक वह किसी वार्ड में नहीं आता है। गौरतलब है कि अभी तक शहर की वार्डबंदी 2001 की जनसंख्या के आधार पर वर्ष 2006 में हुई थी। वर्ष 2015 में भी वार्डबंदी करने का फैसला हुआ था। डीसी ऑफिस ने 33 वार्ड का खाका भी तैयार कर लिया था, लेकिन किन्हीं कारणों की वजह से उस वक्त वार्डबंदी नहीं हो पाई थी।
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चंडीगढ़। 14 साल बाद शहर में वार्ड की संख्या बढ़ाने की तैयारी हो चुकी है। डीसी मनदीप सिंह बराड़ ने वार्डबंदी के खाके को तैयार कर लिया है और आखिरी मंजूरी के लिए पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक वीपी सिंह बदनौर को भेज दिया है। अगले वर्ष दिसंबर के महीने में नगर निगम के चुनाव होने हैं। सूत्रों के अनुसार नगर निगम का अगला चुनाव 32 वार्ड पर हो सकता है। प्रशासन 6 नए वार्ड बनाने की तैयारी कर रहा है।
डीसी ऑफिस की तरफ से भेजे गए प्रस्ताव पर मंजूरी मिलने के बाद गृह सचिव अरुण कुमार गुप्ता की ओर से इस संबंध में मसौदे की अधिसूचना जारी कर दी जाएगी। शहर में वार्डों की संख्या को बढ़ाने के फैसले पर लोगों से सुझाव व आपत्तियां आमंत्रित की जाएंगी। इसके लिए शहरवासियों को 30 दिन का समय मिलेगा। सुझाव और आपत्तियों को देखने के बाद प्रशासन वार्ड की संख्या बढ़ाने को लेकर आदेश जारी कर देगा। इस संबंध में प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यूटी प्रशासक से वार्डबंदी की मंजूरी मांगी गई है। उन्होंने बताया कि डिप्टी कमिश्नर की इसे लेकर प्रशासन के अधिकारियों के साथ कई बैठकें हो चुकी हैं और प्रशासक से आखिरी मंजूरी मिलते ही नगर निगम के नए वार्डों की अधिसूचना जारी कर दी जाएगी। इसके लिए अलग-अलग विभागों की तरफ से पहले ही सहमति ली जा चुकी है। अधिकारी ने बताया कि 13 गांवों के नगर निगम में शामिल होने की वजह से 6 नए वार्ड बढ़ाए जा सकते हैं। उन्होंने बताया कि दिसंबर तक इस प्रक्रिया को पूरा कर लिया जाएगा।
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धनास स्मॉल फ्लैट्स समेत गांवों को मिलेगा पार्षद
नई वार्डबंदी इलाकों की जनसंख्या को देखते हुए की जाएगी। नई वार्डबंदी के बाद हर वार्ड में मतदाताओं की संख्या 20 हजार से 30 हजार तक हो सकती है। मौजूदा समय में किसी वार्ड में 20 हजार वोट हैं तो किसी वार्ड में 45 हजार से भी ज्यादा है। नगर निगम में अभी 26 वार्ड हैं। वार्डबंदी करने की प्रक्रिया इसलिए भी महत्वपूर्ण हो जाती है, क्योंकि पिछले वर्ष 13 नए गांव भी शामिल हुए हैं। इन गांवों में बहलाना, रायपुर खुर्द, रायपुरकलां, मक्खनमाजरा, दड़वा, मौलीजागरां, किशनगढ़, कैंबवाला, खुड्डा अलीशेर, खुड्डा जस्सू, खुड्डा लाहौरा, सारंगपुर और धनास शामिल हैं। इसके अलावा धनास की पुनर्वास कालोनी में 8848 फ्लैट्स हैं, जहां कई हजार लोग रहते हैं, लेकिन अभी तक वह किसी वार्ड में नहीं आता है। गौरतलब है कि अभी तक शहर की वार्डबंदी 2001 की जनसंख्या के आधार पर वर्ष 2006 में हुई थी। वर्ष 2015 में भी वार्डबंदी करने का फैसला हुआ था। डीसी ऑफिस ने 33 वार्ड का खाका भी तैयार कर लिया था, लेकिन किन्हीं कारणों की वजह से उस वक्त वार्डबंदी नहीं हो पाई थी।
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