{"_id":"5a5b1d6e4f1c1ba53f8b4cee","slug":"waiting-for-free-wi-fi-in-colleges-chandigarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सुनों सरकार! स्टूडेंट अभी भी कर रहे हैं कालेजों में फ्री Wi-Fi का इंतजार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सुनों सरकार! स्टूडेंट अभी भी कर रहे हैं कालेजों में फ्री Wi-Fi का इंतजार
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Mon, 15 Jan 2018 10:14 AM IST
विज्ञापन
Collage Students
- फोटो : File Photo
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चंडीगढ़ के सभी आठ सरकारी कॉलेजों मेें फ्री वाई-फाई की सुविधा की घोषणा के दो साल बाद भी इसे अमलीजामा पहनाया नहीं जा सका है। जबकि कालेज स्टूडेंट्स को अब भी इसका इंतजार है। दिलचस्प है कि शिक्षा विभाग और यूटी प्रशासन की ओर से अभी तक इसके लिए प्रपोजल तक तैयार नहीं किया जा सका है। जबकि यूटी प्रशासन ने अपनी घोषणा के मुताबिक दावा किया था कि जीसीजी- 11 सहित शहर के कई अन्य कालेजों में समय रहते फ्री वाई-फाई की सुविधा मुहैया करा दी जाएगी।
फ्री वाई-फाई की सुविधा शहर के सेक्टर - 11 स्थित गवर्नमेंट कालेज फार गर्ल्स, गवर्नमेंट कालेज फॉर ब्वायज, जीसीजी- 42 समेत आठ कालेजों में शुरू होनी थी। इसकेलिए चंडीगढ़ प्रशासन की ओर से दो करोड़ के खर्च का अनुमान लगाया गया था। हालांकि बाद में इस मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया।
स्मार्ट सिटी का दर्जा दिलाने के इरादे से शुरू होनी थी सुविधा
कॉलेजों में ऐसी सुविधा मुहैया कराने के पीछे यूटी प्रशासन की मंशा यह थी कि शहर को स्मार्ट सिटी का दर्जा दिलाने के मामले में यह सुविधा सार्थक साबित होगी, लेकिन शहर को स्मार्ट बनाने की कवायद के तहत यूटी प्रशासन एक कदम भी आगे नहीं बढ़ सका। प्रशासन की घोषणा पर गौर करें तो इसके मुताबिक हॉस्टलों में रहने वाले स्टूडेंट्स को फ्री वाई-फाई की सुविधा का लाभ दिया जाना था। अब छात्रों के सामने यह सवाल है कि प्रशासन फ्री वाई-फाई का सपना कब साकार करेगा।
विज्ञापन
शहर के कालेजों को फ्री वाई-फाई की सुविधा को लेकर हम जल्द ही मीटिंग करेंगे। शहर के सभी आठ सरकारी कालेजों में यह सुविधा शुरू होगी। प्रशासन की यह पूरी कोशिश होगी कि साल 2018 के अंत तक इसे अमलीजामा पहना दिया जाए।
- राकेश कुमार पोपली, डायरेक्टर, चंडीगढ़ हायर एजुकेशन।
विज्ञापन
फ्री वाई-फाई की सुविधा शहर के सेक्टर - 11 स्थित गवर्नमेंट कालेज फार गर्ल्स, गवर्नमेंट कालेज फॉर ब्वायज, जीसीजी- 42 समेत आठ कालेजों में शुरू होनी थी। इसकेलिए चंडीगढ़ प्रशासन की ओर से दो करोड़ के खर्च का अनुमान लगाया गया था। हालांकि बाद में इस मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया।
विज्ञापन
स्मार्ट सिटी का दर्जा दिलाने के इरादे से शुरू होनी थी सुविधा
कॉलेजों में ऐसी सुविधा मुहैया कराने के पीछे यूटी प्रशासन की मंशा यह थी कि शहर को स्मार्ट सिटी का दर्जा दिलाने के मामले में यह सुविधा सार्थक साबित होगी, लेकिन शहर को स्मार्ट बनाने की कवायद के तहत यूटी प्रशासन एक कदम भी आगे नहीं बढ़ सका। प्रशासन की घोषणा पर गौर करें तो इसके मुताबिक हॉस्टलों में रहने वाले स्टूडेंट्स को फ्री वाई-फाई की सुविधा का लाभ दिया जाना था। अब छात्रों के सामने यह सवाल है कि प्रशासन फ्री वाई-फाई का सपना कब साकार करेगा।
विज्ञापन
शहर के कालेजों को फ्री वाई-फाई की सुविधा को लेकर हम जल्द ही मीटिंग करेंगे। शहर के सभी आठ सरकारी कालेजों में यह सुविधा शुरू होगी। प्रशासन की यह पूरी कोशिश होगी कि साल 2018 के अंत तक इसे अमलीजामा पहना दिया जाए।
- राकेश कुमार पोपली, डायरेक्टर, चंडीगढ़ हायर एजुकेशन।