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विवेक स्कूल के बाहर हंगामा, अभिभावकों ने बुलाई पुलिस
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Tue, 21 Feb 2017 01:23 AM IST
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- फोटो : File Photo
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सेक्टर-38 स्थित विवेक हाई स्कूल में सातवीं कक्षा के छात्र की पिटाई का मामला केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय में पहुंच गया है। मेनका गांधी ने इस मामले में नेशनल कमीशन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ चाइल्ड राइट्स से 48 घंटे में रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं। विवेक हाई स्कूल ने चंडीगढ़ कमीशन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ चाइल्ड राइट्स (सीसीपीसीआर) के निर्देशों के बावजूद छात्र को स्कूल में एंट्री देने से इंकार कर दिया।
सीसीपीसीआर ने 18 फरवरी को विवेक हाई स्कूल और यूटी शिक्षा सचिव को सातवीं कक्षा के छात्र की स्कूल प्रिंसिपल द्वारा पिटाई के मामले में रिपोर्ट सौंप दी थी। रिपोर्ट में स्कूल प्रिंसिपल को तो क्लीन चिट मिल गई, लेकिन छात्र को फिर से स्कूल में क्लास अटेंड करने के निर्देश जारी कर दिए। लेकिन विवेक हाई स्कूल प्रबंधन ने छात्र को एंट्री देने से मना कर दिया है।
सोमवार सुबह करीब 7.50 बजे सातवीं कक्षा का छात्र और उनकी मां सीसीपीसीआर के निर्देशों की कापी लेकर स्कूल गए। लेकिन गेट पर ही छात्र और उसकी मां को रोक दिया गया। मामला तब और बढ़ गया जब अभिभावकों ने पुलिस बुला ली। स्कूल द्वारा बच्चे को एंट्री नहीं दिए जाने पर अभिभावकों ने पुलिस में लिखित में शिकायत दी। सेक्टर-39 थाने में स्कूल प्रबंधन के खिलाफ डीडीआर भी दर्ज कर ली गई।
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उधर, इस मामले में बच्चे के पिता संजीव ने कहा कि स्कूल प्रबंधन कमीशन की रिपोर्ट को भी फॉलो नहीं कर रहा है। संजीव ने बताया कि इस संबंध में उनकी केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी से करीब 8 मिनट बात हुई है। संजीव ने बताया कि गांधी ने मामले में कार्रवाई के निर्देश दिए है। संजीव को मेनका गांधी ने कार्रवाई नहीं होने पर मिलने के लिए दिल्ली बुलाया है।
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सीसीपीसीआर ने 18 फरवरी को विवेक हाई स्कूल और यूटी शिक्षा सचिव को सातवीं कक्षा के छात्र की स्कूल प्रिंसिपल द्वारा पिटाई के मामले में रिपोर्ट सौंप दी थी। रिपोर्ट में स्कूल प्रिंसिपल को तो क्लीन चिट मिल गई, लेकिन छात्र को फिर से स्कूल में क्लास अटेंड करने के निर्देश जारी कर दिए। लेकिन विवेक हाई स्कूल प्रबंधन ने छात्र को एंट्री देने से मना कर दिया है।
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सोमवार सुबह करीब 7.50 बजे सातवीं कक्षा का छात्र और उनकी मां सीसीपीसीआर के निर्देशों की कापी लेकर स्कूल गए। लेकिन गेट पर ही छात्र और उसकी मां को रोक दिया गया। मामला तब और बढ़ गया जब अभिभावकों ने पुलिस बुला ली। स्कूल द्वारा बच्चे को एंट्री नहीं दिए जाने पर अभिभावकों ने पुलिस में लिखित में शिकायत दी। सेक्टर-39 थाने में स्कूल प्रबंधन के खिलाफ डीडीआर भी दर्ज कर ली गई।
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उधर, इस मामले में बच्चे के पिता संजीव ने कहा कि स्कूल प्रबंधन कमीशन की रिपोर्ट को भी फॉलो नहीं कर रहा है। संजीव ने बताया कि इस संबंध में उनकी केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी से करीब 8 मिनट बात हुई है। संजीव ने बताया कि गांधी ने मामले में कार्रवाई के निर्देश दिए है। संजीव को मेनका गांधी ने कार्रवाई नहीं होने पर मिलने के लिए दिल्ली बुलाया है।
क्या है विवेक स्कूल का मामला
क्या है विवेक स्कूल का मामला
विवेक हाई स्कूल में सातवीं कक्षा के छात्र ने 23 दिसंबर को स्कूल प्रिंसिपल रेनू पुरी पर पिटाई का आरोप लगाया था। मामले में अभिभावकों ने सीसीपीसीआर को लिखित शिकायत दी थी। मामले में शिक्षा विभाग और चाइल्ड राइट्स कमीशन ने रिपोर्ट तैयार कर शिक्षा सचिव को सौंप दी है। मामले में स्कूल प्रबंधन छात्र को कक्षा में एंट्री नहीं देने पर अड़ा हुआ है।
चाइल्ड राइट्स कमीशन की रिपोर्ट को शिक्षा सचिव के पास डिस्कशन के लिए भेजा गया है। रिपोर्ट स्टडी करने के बाद ही कोई फैसला लिया जाएगा। छात्र के कॅरियर को देखते हुए स्कूल को जल्द निर्देश जारी किए जाएंगे।
-रुबिंदरजीत सिंह बराड़, डायरेक्टर स्कूल एजुकेशन यूटी
कमीशन की जांच रिपोर्ट में बच्चे को दोबारा स्कूल में लेने के लिए कहा गया है। शिक्षा सचिव के सामने स्कूल प्रबंधन अपना पक्ष रखेगा। छात्र को फाइनल एग्जाम देने की अनुमति दे दी गई है। स्कूल प्रबंधन ने छात्र को फिलहाल एंट्री नहीं देने का फैसला लिया है।
-एचएस मामिक, चेयरमैन विवेक हाई स्कूल सेक्टर-38
विवेक हाई स्कूल प्रबंधन का यह कहना कि उसपर आरटीई एक्ट लागू नहीं होता जोकि पूरी तरह से गलत है। एमएचआरडी ने 2014 में यह साफ किया गया था कि शारीरिक दंड जैसे मामलों में माइनोरटी स्कूल भी आरटीई दायरे में आते हैं। इलाहबाद हाईकोर्ट ने भी 2016 में इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
नितिन गोयल, प्रेसिडेंट, चंडीगढ़ पेरेंट्स एसोसिएशन
विवेक हाई स्कूल में सातवीं कक्षा के छात्र ने 23 दिसंबर को स्कूल प्रिंसिपल रेनू पुरी पर पिटाई का आरोप लगाया था। मामले में अभिभावकों ने सीसीपीसीआर को लिखित शिकायत दी थी। मामले में शिक्षा विभाग और चाइल्ड राइट्स कमीशन ने रिपोर्ट तैयार कर शिक्षा सचिव को सौंप दी है। मामले में स्कूल प्रबंधन छात्र को कक्षा में एंट्री नहीं देने पर अड़ा हुआ है।
चाइल्ड राइट्स कमीशन की रिपोर्ट को शिक्षा सचिव के पास डिस्कशन के लिए भेजा गया है। रिपोर्ट स्टडी करने के बाद ही कोई फैसला लिया जाएगा। छात्र के कॅरियर को देखते हुए स्कूल को जल्द निर्देश जारी किए जाएंगे।
-रुबिंदरजीत सिंह बराड़, डायरेक्टर स्कूल एजुकेशन यूटी
कमीशन की जांच रिपोर्ट में बच्चे को दोबारा स्कूल में लेने के लिए कहा गया है। शिक्षा सचिव के सामने स्कूल प्रबंधन अपना पक्ष रखेगा। छात्र को फाइनल एग्जाम देने की अनुमति दे दी गई है। स्कूल प्रबंधन ने छात्र को फिलहाल एंट्री नहीं देने का फैसला लिया है।
-एचएस मामिक, चेयरमैन विवेक हाई स्कूल सेक्टर-38
विवेक हाई स्कूल प्रबंधन का यह कहना कि उसपर आरटीई एक्ट लागू नहीं होता जोकि पूरी तरह से गलत है। एमएचआरडी ने 2014 में यह साफ किया गया था कि शारीरिक दंड जैसे मामलों में माइनोरटी स्कूल भी आरटीई दायरे में आते हैं। इलाहबाद हाईकोर्ट ने भी 2016 में इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
नितिन गोयल, प्रेसिडेंट, चंडीगढ़ पेरेंट्स एसोसिएशन