आजादी मिलते ही सामाजिक दूरी की उड़ाईं धज्जियां, बबला ने निकाली परेड, पुलिस बनी रही तमाशबीन
- प्रशासन ने सेक्टर-30बी को कंटेनमेंट जोन से किया बाहर, कोरोना का डर भूले लोग
- पार्षद की लापरवाही सैकड़ों लोगों की जिंदगी पर पड़ सकती है भारी, पुलिसकर्मी भी बने रहे मूक दर्शक
- भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अरुण सूद भी पहुंचे श्रेय लेने, कार्यकर्ताओं से मिले, स्वागत कराया, बैरिकेडिंग भी खोली
विस्तार
लोगों के लगातार विरोध और लंबे समय से कोरोना का कोई केस नहीं मिलने पर यूटी प्रशासन ने शुक्रवार को सेक्टर-30बी को कंटेनमेंट जोन मुक्त कर दिया। आधिकारिक आदेश जारी होते ही सेक्टर-30बी के लोग सड़कों पर आ गए और सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ाते हुए जश्न मनाने लगे। वहीं, लोगों को समझाने की बजाय स्थानीय पार्षद देवेंद्र सिंह बबला खुद भीड़ जुटाने का कारण बन गए।
पार्टी के कुछ कार्यकर्ताओं और पुलिसकर्मियों के साथ उन्होंने इलाके में परेड निकाल दी। इस दौरान उन्होंने लोगों के अभिवादन स्वीकार किए और फूल मालाएं पहनीं। इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग की खूब धज्जियां उड़ाई गईं। बबला की यह लापरवाही सैकड़ों लोगों की जिंदगी को खतरे में डाल सकती है। वहीं, पुलिस मूक दर्शक बनी रही।
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सेक्टर-30बी के लोगों ने शुक्रवार को महीनों की सोशल डिस्टेंसिंग की मेहनत को एक ही झटके में बर्बाद कर दिया। लोगों को कंटेनमेंट जोन से आजादी दिलाने का श्रेय लेने की होड़ में स्थानीय पार्षद देवेंद्र सिंह बबला ने यह भी नहीं देखा कि उनके द्वारा निकाले जा रहे परेड को देखने कुछ ही देर में सैकड़ों लोग घरों से बाहर निकल पड़े हैं। इस दौरान लोगों ने जमकर डांस भी किया।
प्रशासन के अधिकारी पिछले ढाई महीने से सामाजिक दूरी बनाने की दुहाई देते रहे लेकिन बबला शुक्रवार को फिल्मी स्टाइल में लोगों के सामने हाथ जोड़ते घूमते रहे और उनसे मालाएं पहनते रहे। बबला यहीं नहीं रुके, एक जगह रुक कर वह खुद प्रशासन की तरफ से लगाई गई बांस की बैरिकेडिंग को हटाने लगे।
लोगों ने भी पुलिस की तरफ से बैरिकेडिंग हटाने का इंतजार करने की बजाय खुद ही जगह-जगह बैरिकेडिंग को गिरा दिया। लोगों में बेसब्री ऐसी दिखी कि आदेश जारी होने के कुछ ही घंटों बाद लोग अपनी कार और मोटरसाइकिल निकालते नजर आए।
राजनीति चमकाने भाजपा के नेता भी पहुंचे
सेक्टर-30बी से कंटेनमेंट जोन हटाने का फैसला चंडीगढ़ प्रशासन ने लिया लेकिन शहर के दोनों प्रमुख पार्टियों भाजपा और कांग्रेस के नेता अपनी राजनीति चमकाने के लिए वहां पहुंच गए। भाजपा की तरफ से कंटेनमेंट जोन हटाने का श्रेय लेने के लिए प्रदेश अध्यक्ष अरुण सूद पहुंचे। उन्हें वहां पर सिरोपा देकर उनका स्वागत किया गया। इसके बाद वह वहां अपने कार्यकर्ताओं से मिले।
इसके बाद बांस के बैरिकेडिंग को हटाते हुए उन्होंने तस्वीरें खिंचवाई। अरुण सूद भी अपने कार्यकर्ताओं के साथ इलाके में घूमते दिखाई दिए वह लोगों का अभिवादन स्वीकार किया। यहां ध्यान रखने वाली बात है कि सेक्टर-30बी के निवासियों को भले ही कंटेनमेंट जोन से आजादी मिल गई है लेकिन कोरोना वायरस से अभी भी शहर को आजादी नहीं मिली है। ऐसे में राजनेताओं की तरफ से ऐसे मामलों में भी श्रेय लेने की होड़, चिंता की बात है।
दो दिनों तक सेक्टर-30बी में प्रशासन का हुआ था विरोध
सेक्टर-30बी में दो दिनों के विरोध के बाद कंटेनमेंट जोन को हटाने का फैसला लिया गया है। गुरुवार को लोगों ने वेंडर्स से फल और सब्जी खरीदने से मना कर दिया, राशन बांटने आये प्रशासन की गाड़ियों का भी स्थानीय लोगों ने बहिष्कार कर दिया। नगर निगम की तरफ से इलाके में कूड़ा उठाने आईं गाड़ियों को लोगों के विरोध का सामना करना पड़ा और उन्हें बिना कूड़ा लिए ही वापस जाना पड़ा।
इसको देखते हुए प्रशासन के अधिकारियों ने गुरुवार को यूटी गेस्ट हाउस में अफेक्टेड एरिया कमेटी के सदस्यों के साथ बैठक की थी, जिसके बाद शुक्रवार को कंटेनमेंट जोन को हटाया गया। सेक्टर-30बी को मिली आजादी के बाद अब शहर में सिर्फ दो कंटेनमेंट जोन धनास की कच्ची कालोनी और बापूधाम रह गए हैं। जबकि चार इलाके जिनमें, सेक्टर-52, सेक्टर-38 वेस्ट के कुछ हिस्से, मनीमाजरा का शास्त्री नगर और सेक्टर-30बी से कंटेनमेंट जोन को हटा दिया गया है।
बापूधाम के क्लीन पॉकेट्स को भी खोला जाए: संजय टंडन
भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष संजय टंडन ने सेक्टर-30बी से कंटेनमेंट जोन को हटाने के फैसला पर प्रशासक व एडवाइजर का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि इसी तरह बापूधाम के उन पॉकेट्स को भी खोला जाना चाहिए, जहां पर कोरोना का एक भी केस सामने नहीं आया है।
टंडन ने कहा कि सेक्टर-30 में उनकी पूर्व काउंसलर राजिंदर कौर रत्तू से बात हुई और उन्होंने बताया कि लोग कई दिनों से बंद हैं और कई समस्याएं झेल रहे हैं। इस पर उन्होंने प्रशासन के अधिकारियों से कई बार बात की। कहा कि, उन्होंने बापूधाम के पार्षद दलीप कुमार और राज किशोर से भी बात की थी। टंडन ने प्रशासन के अधिकारियों को सुझाव दिया गया है कि यदि किसी परिवार में कोई भी कोरोना पॉजिटिव केस मिलता है तो उसके चारों तरफ के चार घरों को छोड़कर बाकी सभी घरों से कंटेनमेंट जोन के टैग को हटाया जाए।
लोग 50 दिनों बाद घरों से बाहर निकले थे। ऐसे में उन्हें थोड़ी खुशी थी। इसलिए वह जश्न में भंगड़ा करने लगे। खुशी में थोड़ा सोशल डिस्टेंसिग का ध्यान नहीं रह पाता है, लेकिन आज सेक्टर के लोग मेरे कहने पर अपने आप अधिकारियों संग क्वारंटीन सेंटर गए। - देवेंद्र सिंह बबला, स्थानीय पार्षद