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मोहाली नगर निगम के विरोध में उतरे मटोर गांव के लोग

Tue, 09 Feb 2016 11:22 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मोहाली।
ब्यूरो/अमर उजाला, मोहाली। Updated Tue, 09 Feb 2016 11:22 AM IST
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village matore people protest against nagar nigam mohali

नगर निगम में शामिल गांव मटौर के लोगों ने निगम के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सोमवार को उन्होंने निगम आफिस के बाहर धरना दिया। लोगों का आरोप है कि निगम उनके उपर लगातार कर लगा रहा है।

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जबकि इलाके के लोगों को बुनियादी सुविधाएं मुहैया नहीं करवाई जा रही हैं। धरने में विधायक बलबीर सिंह सिद़्धू के अलावा कई अकाली व कांग्रेसी पार्षद भी शामिल हुए। इस मौके पर सभी ने लोगों आश्वासन दिया कि वे उनके इस संघर्ष में सहयोग देंगे और लोगों की मांग को नगर निगम की मीटिंग में उठाएंगे।
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ग्रामीण संघर्ष कमेटी के अध्यक्ष परमदीप सिंह बैदवान, सीनियर वाइस प्रधान बंत सिंह शाहीमाजरा, महासचिव नंबरदार हरमिन्द्र सिंह मोहाली, वाइस पैटर्न पूर्व सरपंच अमरीक सिंह, रविन्द्र सिंह पार्षद  कुंभड़ा, बाल कृषण, बूटा सिंह सोहाना और जसपाल सिंह बिल्ला ने कहा कि गांव मटौर निवासियों को नगर निगम द्वारा प्रॉपर्टी टैक्स जमा करवाने के लिए नोटिस भेजे जा रहे हैं। इसके साथ ही रेंट टेक्टस की भी मांग की जा रही है। उन्होंने कहा कि टैक्सों के नाम पर निगम के अधिकारी एवं कर्मचारी गांव निवासियों को गुमराह करने में जुटे हुए हैं। इस कारण गांव निवासियों में रोष है।
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वसूली शहरी तर्ज पर, सुविधाएं जीरो
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि निगम द्वारा प्रॉपर्टी टेक्स 2 रुपये प्रति वर्ग गज के हिसाब से और रेंट टेक्स मकान के किराए का साढ़े सात प्रतिशत की मांग की जा रही है। उन्होंने कहा कि निगम गांव मटौर निवासियों से रेंट टैक्स मोहाली शहर के बराबर मांग कर रहा है। जबकि, गांव में सुविधाएं जीरो के बराबर हैं। उन्होंने कहा कि गांव में न तो शहर जैसी सुविधाएं हैं। सीवरेज की गंभीर समस्या है, बिजली की वोल्टेज पूरी नहीं आती, स्कूल ग्राउंड नहीं है, पार्किंग की सुविधा नहीं है। यहां तक कि गांव के लोगों को बैंक से ऋण लेने की सुविधा भी नहीं है। बैंकों ने गांव को निगेटिव कैटेगरी में शामिल कर रखा है। कई लोगों की जमीन एक्वॉयर होने के बावजूद अभी तक औष्टी कोटे के प्लाट नहीं मिल सके हैं।

लोगों पर बेरोजगारी का संकट
गांव के लोगों ने बताया कि गांवों में रोजगार का साधन दूध का कारोबार है। इसके बावजूद निगम ने पशुओं को बाहर निकाल दिया है। पशु वाड़ों की जगह अब लोगों ने मकान बना कर किराये के लिए तैयार किए है तो रेंट टेक्स लगा दिया गया। कुल मिलाकर गांव मटौर के लोग अपने जद्दी पुश्ती घरों में टैक्सों के बोझ नीचे दब कर रह गए हैं।


जरूरत पड़ी तो शुरू करेंगे मरणव्रत
इस दौरान संघर्ष कमेटी के सदस्यों ने चेतावनी दी है कि अगर गांव मटौर के लोगों को टैक्सों के नोटिस आने बंद नहीं  हुए तो वह आने वाले दिनों में निगम आफिस के आगे भूख हड़ताल करेंगे। जरूरत पड़ने पर मरण व्रत भी शुरू किया जाएगा।

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