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हरियाणा मंत्रिमंडल की बैठक में छाया रहा बराला प्रकरण, खुलकर बोले कई मंत्री

Wed, 09 Aug 2017 10:08 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Wed, 09 Aug 2017 10:08 AM IST
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Vikas barala case, Meeting of Haryana cabinet
- फोटो : File Photo
हरियाणा मंत्रिमंडल की अनौपचारिक बैठक में बराला प्रकरण छाया रहा। पूरे घटनाक्रम व राजनीतिक हालात पर सीएम मनोहर लाल ने मंत्रियों के साथ विचार-विमर्श किया। बैठक के बाद इस मुद्दे को लेकर चर्चा पर मंत्रियों के अलग-अलग सुर नजर आए।
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परिवहन मंत्री कृष्ण लाल पंवार कुछ भी बोलने से बचे तो शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा और राज्य मंत्री कृष्ण बेदी ने नपे-तुले शब्दों में सरकार और अपनी बात रखी। बेदी ने बराला का खुलकर बचाव किया। उन्होंने कहा कि विपक्ष या भाजपा सांसद राजकुमार सैनी के मांगने से सुभाष बराला क्यों इस्तीफा देंगे। इस्तीफा देना है तो पहले सैनी दें, उनसे जनता कब से इस्तीफा मांग रही है। मामले को हरियाणा से जोड़ने पर बेदी के तेवर कड़े दिखे। 
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उन्होंने कहा कि मामला चंडीगढ़ से जुड़ा है, इसे हरियाणा से न जोड़ा जाए। पुलिस केस में न तो सीएम, न किसी मंत्री और न ही सरकार ने कोई हस्तक्षेप किया है, न ही करेंगे। यूटी की पुलिस और प्रशासन अलग है, उससे हरियाणा का कोई ताल्लुक नहीं। हरियाणा भाजपा अध्यक्ष व विधायक सुभाष बराला ने भी मामले को प्रभावित करने का कोेई प्रयास नहीं किया है। सोशल मीडिया पर बेवजह मामले को तूल दिया जा रहा है। कानून अपना काम कर रहा है, किसी को चिंतित होने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि न तो वह मामले से जुड़ी युवती की किसी बात का खंडन कर रहे हैं, न उसे सराहनीय बताएंगे, न ही मनोबल तोड़ने की कोशिश करेंगे। चूंकि, रोहतक की दो बहनों के मामले में जल्दबाजी में घोषणा पर सीएम और सरकार को कठघरे में खड़ा करने का कोई मौका नहीं छोड़ा गया था।
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वर्णिका मामले में केंद्र के इशारे पर चल रही चंडीगढ़ पुलिस : हुड्डा

Vikas barala case, Meeting of Haryana cabinet
Bhupinder singh hooda - फोटो : File Photo
हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा है कि बहुचर्चित विकास बराला और वर्णिका कुंडू मामले में चंडीगढ़ पुलिस को न्याय करना चाहिए। जबकि केंद्र सरकार के इशारे पर इस मामले को रफा-दफा करने का प्रयास किया जा रहा है।

वीएस कुंडू जोकि प्रशासनिक अधिकारी हैं, उनकी बेटी के साथ जो भी कुछ हुआ है उसकी सही जांच होनी चाहिए। वर्णिका को न्याय मिलना चाहिए। चंडीगढ़ पुलिस ने जिस प्रकार से इस केस में कई धाराएं बदली हैं उससे लगता है कि चंडीगढ़ पुलिस केंद्र सरकार के दबाव में है। विकास बराला भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला का पुत्र है इसलिए पूरी भारतीय जनता पार्टी अपने प्रदेशाध्यक्ष को बचाने में लगी हुई है। यदि विकास बराला की बजाय कोई और इस मामले में होता तो पुलिस उस पर सख्त कार्रवाई करती। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मामले में भारतीय जनता पार्टी की असलियत का देश और प्रदेश की जनता को पता चल गया है। गौरतलब है कि पूर्व सीएम फिलहाल पुडुचेरी और चेन्नई के दौरे पर हैं।
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