परिवहन निविदा घोटाला: पूर्व मंत्री भारत भूषण आशु अदालत में पेश, विजिलेंस को चार दिन का मिला रिमांड
भारत भूषण आशु पूर्व कांग्रेस सरकार के दूसरे मंत्री हैं, जिन्हें आप सरकार ने भ्रष्टाचार के आरोप में गिरफ्तार किया है। जून में विजिलेंस ने पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता साधु सिंह धर्मसोत को भ्रष्टाचार के आरोप में गिरफ्तार किया था।
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मंडी से अनाज परिवहन निविदा घोटाले में विजिलेंस ब्यूरो लुधियाना ने पूर्व मंत्री भारत भूषण आशु को मंगलवार अदालत में पेश किया। कड़ी सुरक्षा में देर शाम चार बजे आशु को विजिलेंस अदालत लेकर पहुंची। न्यायाधीश सुमित कक्कड़ की अदालत में पूर्व मंत्री को पेश किया गया। भारत भूषण आशु की तरफ से सीनियर वकील परोपकार सिंह घुम्मण, वीडी हांडा, रमन कौशल और राजीव कौशल ने पैरवी की। इस दौरान अदालत में एक घंटे तक बहस चली।
विजिलेंस ने कई तथ्य पेश किए और काफी कुछ सामान रिकवर करने की बात कह 10 दिन का रिमांड मांगा। बचाव पक्ष की तरफ से वकीलों ने बहस की। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने पूर्व मंत्री को चार दिन के रिमांड पर भेज दिया। अब पूर्व मंत्री आशु को शनिवार को दोबारा अदालत में पेश किया जाएगा।
उधर, मामले में पहले से गिरफ्तार ठेकेदार तेलू राम को भी अदालत में पेश किया गया। अदालत ने दो दिन का रिमांड बढ़ा दिया है। विजिलेंस की टीम कड़ी सुरक्षा के बीच पूर्व मंत्री को अदालत लेकर पहुंची।
एक घंटे तक अंदर चलती रही बहस
भारत भूषण आशु के वकील परोपकार सिंह घुम्मन ने बताया कि एक घंटे तक अदालत के अंदर बहस चलती रही। विजिलेंस की तरफ से 10 दिन का रिमांड मांगा गया था, जबकि चार दिन का रिमांड मिला। उन्होंने कहा कि विजिलेंस ने दलील दी थी कि तेलू राम के साथ आशु के संबंध हैं लेकिन तेलू राम से जब अदालत में पूछा गया तो तेलू राम ने साफ तौर पर मना कर दिया कि उसकी कभी आशु से मुलाकात ही नहीं हुई।
विजिलेंस के पास इसकी पूरी फोन कॉल डिटेल मौजूद है। उसकी आज तक आशु के साथ बात भी नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने पॉलिसी के बारे में बात की तो पहले ही बता दिया गया था कि पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश के बाद ही पॉलिसी लागू की गई है। इसके साथ और भी कई बातें थी जो अदालत में बहस के लिए रखी गई थी।
सांसद बिट्टू के सुरक्षाकर्मी और पंजाब पुलिस में हुई बहस
पुलिस किसी को अंदर जाने की इजाजत नहीं दी जा रही थी। जब आशु को लेकर विजिलेंस पहुंची तो सांसद रवनीत सिंह बिट्टू के सुरक्षा कर्मचारी भी अंदर जाने के लिए आगे आए तो पंजाब पुलिस ने उन्हें रोक दिया। जब उन्होंने अपनी पहचान बताई तो भी पंजाब पुलिस नहीं मानी। काफी समय तक दोनों पक्षों के बीच बहस होती रही और कुछ समय बाद उन्हें अधिकारियों के आदेश पर अंदर जाने की इजाजत दी गई।
चंडीगढ़ से ही निजी गाड़ी में पहुंचे विजिलेंस के अधिकारी
अनाज मंडी टेंडर घोटाले में पूर्व मंत्री भारत भूषण आशु की गिरफ्तारी की सारी तैयारी पहले ही कर ली गई थी। तय किया गया था कि सोमवार को कांग्रेस विजिलेंस दफ्तर के बाहर धरना देगी। इसके बाद आशु को किसी तरह से गिरफ्तार किया जाएगा। मगर बाद में यह प्लानिंग बनाई गई कि जैसे ही आशु लुधियाना पहुंचेंगे तो वहां काबू कर लिया जाएगा।
भारत भूषण आशु ने विजिलेंस दफ्तर के बाहर जैसे ही खुद को गिरफ्तार करने की बात की तो विजिलेंस अधिकारी तय कर चुके थे कि आज कैसे भी आशु को गिरफ्तार किया जाए। सूत्र बताते है कि जैसे ही आशु सांसद बिट्टू के साथ चंडीगढ़ से लुधियाना के लिए निकले तो निजी कार में विजिलेंस के अधिकारी पीछा करना शुरु कर दिया और लुधियाना पहुंचने के कुछ समय बाद ही भारत भूषण आशु को गिरफ्तार कर लिया गया।
विजिलेंस अधिकारियों के साथ हुई तीखी नोकझोक पर सांसद बिट्टू ने कहा कि विजिलेंस अधिकारियों के पास कोई कागजात नहीं थे। उन्हें पहचान पत्र दिखाने के लिए कहा गया तो वह नहीं दिखा सके, जिस कारण उनके साथ बहस हुई। पुलिस शिकायत पर सांसद बिट्टू ने कहा कि कानून अपना काम कर रहा है। कानून से वह पीछे नहीं हटेंगे। पुलिस कमिश्नर डॉ. कौस्तुभ शर्मा ने कहा कि विजिलेंस अधिकारियों ने शिकायत दी है कि सांसद बिट्टू ने उनकी टीम के साथ दुर्व्यहार किया है। मामले की जांच का आदेश ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर सिटी डॉ. नरेंद्र भार्गव को दिया है।